India Energy Week 2026 में पीएम मोदी का 'राउंडटेबल' विजन, भारत की ग्लोबल लीडरशिप का रोडमैप तैयार
India Energy Week 2026 Highlights: गोवा में आयोजित 'इंडिया एनर्जी वीक' (IEW) 2026 के मंच से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक ऊर्जा जगत को भारत की शक्ति और संभावनाओं का एक नया विजन दिया है।
27 से 30 जनवरी तक चले इस चार दिवसीय इस मेगा एनर्जी कॉन्क्लेव में प्रधानमंत्री ने दुनिया के दिग्गज सीईओ और ऊर्जा विशेषज्ञों के साथ 'राउंडटेबल' बैठक की। पीएम ने स्पष्ट किया कि भारत अब केवल ऊर्जा का उपभोग करने वाला देश नहीं, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को दिशा देने वाला एक भरोसेमंद ग्लोबल हब बन चुका है।

चार दिवसीय इस मेगा एनर्जी कॉन्क्लेव का आयोजन 27 से 30 जनवरी 2026 तक ONGC एडवांस्ड ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, गोवा में किया गया, जिसमें दुनिया भर से रिकॉर्ड भागीदारी देखने को मिली।
PM Modi India Energy Week 2026: अब तक का सबसे बड़ा इंडिया एनर्जी वीक
इस वर्ष का इंडिया एनर्जी वीक कई मायनों में ऐतिहासिक रहा। कार्यक्रम में 120 से अधिक देशों से 75,000 से ज्यादा ऊर्जा पेशेवरों ने भाग लिया। 700 से अधिक वैश्विक प्रदर्शकों ने अपने अत्याधुनिक समाधान प्रस्तुत किए। यह IEW का अब तक का सबसे बड़ा और सबसे अधिक वैश्विक प्रतिनिधित्व वाला संस्करण रहा। प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर वैश्विक ऊर्जा बाजार में भारत की केंद्रीय भूमिका को रेखांकित किया।
PM Modi CEO Roundtable IEW: भारत एक भरोसेमंद वैश्विक ऊर्जा साझेदार
प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में हुई राउंडटेबल बैठक में तेल-गैस, नवीकरणीय ऊर्जा, हाइड्रोजन, इंफ्रास्ट्रक्चर और क्लीन टेक्नोलॉजी से जुड़े दुनिया के शीर्ष CEO और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। यूरोप, मध्य पूर्व, एशिया समेत कई क्षेत्रों के उद्योग जगत की मौजूदगी ने भारत की ऊर्जा नीति और सुधार आधारित शासन पर बढ़ते वैश्विक भरोसे को दर्शाया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अब केवल ऊर्जा आयातक देश नहीं रहा, बल्कि रणनीतिक वैश्विक ऊर्जा हब बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
Energy Investment in India 2026: राउंडटेबल से निकले प्रमुख समाधान
उद्योग जगत के नेताओं ने भारत को लेकर कई अहम बिंदुओं पर सहमति जताई, जिनमें शामिल हैं-
- भारत की दीर्घकालिक ऊर्जा मांग में तेज़ वृद्धि को लेकर मजबूत निवेशक विश्वास
- अपस्ट्रीम एक्सप्लोरेशन से लेकर क्लीन फ्यूल और डिकार्बनाइजेशन तक पूरे ऊर्जा वैल्यू चेन में अवसर
- निजी और विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए नीति स्थिरता की अहम भूमिका
इस राउंडटेबल ने नीतिगत दृष्टि और व्यावसायिक क्रियान्वयन के बीच की दूरी को पाटते हुए भारत की रणनीतिक साझेदारियों को और मजबूत किया।
रणनीतिक चर्चाओं के समानांतर IEW 2026 की भव्य प्रदर्शनी ने भारत को नेक्स्ट-जेनरेशन एनर्जी सॉल्यूशंस के ग्लोबल टेस्टिंग और डिप्लॉयमेंट हब के रूप में पेश किया।
प्रदर्शनी की मुख्य बिंदु-
- 700 से अधिक वैश्विक कंपनियों द्वारा एडवांस एनर्जी टेक्नोलॉजी का प्रदर्शन
- 11 थीमैटिक ज़ोन, जिनमें हाइड्रोजन, LNG, पेट्रोकेमिकल्स, AI और डिजिटल एनर्जी, बायोफ्यूल और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन शामिल
- जापान, जर्मनी, यूके, नीदरलैंड्स और कनाडा जैसे देशों के पवेलियन
- सस्टेनेबल मोबिलिटी और मल्टी-फ्यूल स्ट्रेटजी पर विशेष सेक्शन
यह प्रदर्शनी केवल टेक्नोलॉजी शोकेस नहीं, बल्कि आइडिया, पूंजी और साझेदारियों का बाज़ार साबित हुई, जहां कंपनियों ने नए गठबंधन किए और सरकारों से सीधे संवाद किया।
बहस से अमल की ओर बढ़ता भारत
इंडिया एनर्जी वीक 2026 ने यह साफ कर दिया कि भारत अब केवल ऊर्जा पर चर्चा नहीं कर रहा, बल्कि व्यावहारिक समाधान और ठोस कार्रवाई की ओर बढ़ चुका है। प्रमुख फोकस क्षेत्रों में शामिल रहे
- ऊर्जा आपूर्ति स्रोतों का विविधीकरण
- क्लीन और लो-कार्बन टेक्नोलॉजी का विस्तार
- रणनीतिक इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए पूंजी निवेश
- रिसर्च, इनोवेशन और ग्लोबल सहयोग को मजबूती
प्रधानमंत्री मोदी ने वैश्विक साझेदारों को "Make in India, Innovate in India, Scale in India और Invest in India" का आह्वान करते हुए भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।
वैश्विक ऊर्जा भविष्य में भारत की निर्णायक भूमिका
इंडिया एनर्जी वीक 2026 अब एक ऐसा मंच बन चुका है जहां सरकारी नीतियां, उद्योग और वैश्विक पूंजी एक साथ मिलती हैं। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत अब केवल वैश्विक ऊर्जा संवाद का हिस्सा नहीं है, बल्कि दुनिया की ऊर्जा दिशा तय करने वाले अग्रणी देशों में शामिल हो चुका है।












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