Seva Teerth Inauguration: पीएम मोदी ने नए PMO 'सेवा तीर्थ' का किया उद्घाटन, साउथ ब्लॉक से कितना अलग है ये ऑफिस
Seva Teerth Inauguration: पीएम मोदी ने नए प्रधानमंत्री कार्यालय सेवा तीर्थ का उद्घाटन किया। इस दौरान कई केंद्रीय मंत्री वहां मौजूद रहे। यह 2.26 लाख वर्ग फुट में फैला आधुनिक परिसर दारा शिकोह रोड पर स्थित है और लगभग ₹1,189 करोड़ की लागत से तैयार किया गया है।
सेवा तीर्थ में प्रधानमंत्री कार्यालय, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय और कैबिनेट सचिवालय अब एक ही छत के नीचे हैं। स्मार्ट ऑफिस सुविधाओं से लैस यह केंद्र हाई-स्पीड इंटरनेट, पेपरलेस वर्क कल्चर, डिजिटल आर्काइव्स और अत्याधुनिक कॉन्फ्रेंस रूम के साथ प्रशासनिक कामकाज को सरल और भविष्य के लिए तैयार बनाता है।

एक छत के नीचे सत्ता के तीन बड़े केंद्र
'सेवा तीर्थ' परिसर को इस तरह डिजाइन किया गया है कि सरकार के तीन सबसे महत्वपूर्ण अंग अब एक साथ काम करेंगे। परिसर की पहली इमारत में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), दूसरी में कैबिनेट सचिवालय और तीसरी में राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) स्थित है। अब तक ये विभाग अलग-अलग स्थानों से संचालित होते थे, जिससे समन्वय में समय लगता था। अब इनके एक साथ होने से रणनीतिक फैसलों और प्रशासनिक कार्यों में जबरदस्त गति और कार्यकुशलता देखने को मिलेगी।
हाई-टेक सुविधाओं से लैस 'स्मार्ट ऑफिस'
यह नया परिसर भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर बनाया गया एक 'स्मार्ट ऑफिस' है। यहाँ पेपरलेस वर्क कल्चर को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल आर्काइव्स और हाई-स्पीड इंटरनेट का जाल बिछाया गया है। इसे 4-Star GRIHA रेटिंग के साथ पर्यावरण अनुकूल बनाया गया है, जिसमें ऊर्जा संरक्षण और अपशिष्ट प्रबंधन के बेहतरीन उपाय हैं। सुरक्षा के लिहाज से यहाँ स्मार्ट एक्सेस कंट्रोल और एडवांस मॉनिटरिंग सिस्टम लगाए गए हैं, जो इसे दुनिया के सुरक्षित कार्यालयों में शुमार करते हैं।
साउथ ब्लॉक की विदाई और ऐतिहासिक बैठक
आजादी के बाद से सत्ता का केंद्र रहा 'साउथ ब्लॉक' अब इतिहास के पन्नों में दर्ज होने जा रहा है। 15 अगस्त 1947 को नेहरू जी ने यहाँ पहली कैबिनेट बैठक की थी, और आज 13 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में यहाँ अंतिम बैठक बुलाई गई। अब साउथ और नॉर्थ ब्लॉक को खाली कर उन्हें 'युगे युगीन' राष्ट्रीय संग्रहालय में बदला जाएगा। यह बदलाव दिखाता है कि भारत अपनी विरासत को सहेजते हुए आधुनिक भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहा है।
कर्तव्य भवन: मंत्रालयों का नया ठिकाना
'सेवा तीर्थ' के साथ ही कर्तव्य भवन-1 और 2 का भी उद्घाटन हुआ है। यहाँ रक्षा, वित्त, स्वास्थ्य, कानून और कृषि जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों के दफ्तर होंगे। इन भवनों में डिजिटल रूप से एकीकृत ऑफिस और शानदार हॉल स्ट्रक्चर बनाए गए हैं। सेंट्रल वेलकम सुविधाओं के कारण यहाँ आने वाले लोगों और अधिकारियों के लिए माहौल सुगम रहेगा। बिखरे हुए मंत्रालयों को एक ही कॉरिडोर में लाने से न केवल सरकारी खर्च कम होगा, बल्कि अंतर-विभागीय काम भी आसान हो जाएंगे।
साउथ ब्लॉक से कितना अलग है ये ऑफिस?
ऐतिहासिक साउथ ब्लॉक ब्रिटिश काल की वास्तुकला और पुरानी कार्यप्रणाली का प्रतीक था, जहां जगह की कमी और बिखरे हुए दफ्तरों के कारण समन्वय में दिक्कतें आती थीं। इसके विपरीत, सेवा तीर्थ एक पूरी तरह से 'स्मार्ट और ग्रीन' ऑफिस है। यहां PMO, कैबिनेट सचिवालय और सुरक्षा परिषद एक ही छत के नीचे हैं, जो साउथ ब्लॉक में अलग-अलग थे। सेवा तीर्थ अत्याधुनिक डिजिटल आर्काइव्स, पेपरलेस वर्क कल्चर और 4-स्टार GRIHA रेटिंग वाली आधुनिक सुविधाओं से लैस है, जो इसे पहले से कहीं अधिक कुशल और सुरक्षित बनाता है।












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