पीएम मोदी ने उड़ाया था नींबू-मिर्च का मज़ाक- सोशल

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भारत के रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने जब फ्रांस में लड़ाकू विमान रफ़ाल की डिलीवरी के मौके पर विमान के पहियों के नीचे नींबू रखा, नारियल चढ़ाया और ओम लिखा, कुछ लोगों ने इसे अंधविश्वास बताया तो कुछ लोगों ने इसे भारतीय परंपरा का सम्मान माना.

लेकिन खुद प्रधानमंत्री मोदी ने साल 2017 में उत्तर प्रदेश के नोएडा में मेट्रो रेल के उद्घाटन के दौरान एक सभा में इस तरह के अंधविश्वास का मज़ाक उड़ाया था.

उन्होंने कहा था, "आपने देखा होगा कि एक मुख्यमंत्री ने कार खरीदी, किसी ने कार के रंग के संबंध में कुछ बता दिया तो उन्होंने कार के ऊपर नींबू, मिर्च और जाने क्या-क्या रख दिया. मैं आधुनिक युग की बात कर रहा हूं."

तब प्रधानमंत्री मोदी ने उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्रियों पर कथित अंधविश्वास के कारण नोएडा न आने को लेकर निशाना साधा था. नोएडा के बोटैनिकल गार्डन से कालकाजी के बीच मेट्रो लाइन के उद्घाटन के मौके पर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और मायावती नहीं पहुंचे थे.

ANI

अमित शाह ने किया बचाव

प्रधानमंत्री का वो बयान अब सोशल मीडिया पर खूब साझा किया जा रहा है. साथ ही रफ़ाल लड़ाकू विमान के नीचे रखे नींबू की तस्वीरें भी सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुई हैं.

कुछ लोग प्रधानमंत्री मोदी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पर अंधविश्वास को बढ़ावा देने के आरोप लगा रहे हैं.

लेकिन राजनाथ सिंह का बचाव करते हुए बीजेपी अध्यक्ष और गृह मंत्री अमित शाह ने हरियाणा की एक चुनावी रैली में इसे भारतीय संस्कृति बताया.

उन्होंने कहा, "मैं तो कहता हूं कि ज़रा रात को सोचा करो कि किस चीज़ का विरोध करते हैं और किस चीज़ का विरोध नहीं करते."

बीबीसी हिंदी के फ़ेसबुक पन्ने पर पाठकों ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है.

माहताब आलम लिखते हैं, "मुल्क़ की हिफाज़त के लिए रॉफेल ख़रीदा और रॉफेल की हिफाज़त के लिए नीबू! इससे अच्छा था कि बॉर्डर पर नीबू के पेड़ ही लगा देते. कम से कम दुश्मन के दाँत खट्टे करने के ही काम आता."

पुष्पेंद्र के. द्विवेदी ने लिखा है, "मेरे प्रधानमंत्री जी तो कम्युनिस्टों की तरह बोलने लगे."

रफ़ाल
AFP
रफ़ाल

संजय अग्रवाल ने लिखा है, "कोई भी व्यक्ति जब नया वाहन खरीदता है तब जो महसूस करता है वही राफेल के लिए सोचो ना, इतना विवाद किसलिए."

अनस ने लिखा है, "नासा ने खोजा चंद्रयान-2 की असफलता का कारण, नींबू मिर्ची नहीं लगाया गया इसलिए असफल हुआ चंद्रयान-2."

रणविजय ने लिखा है, "अंधविश्वास और परंपरा में अंतर होता है, शस्त्र पूजा हमारी प्राचीन परंपरा है, इससे तकलीफ केवल नास्तिकों को हो सकती है."

नवीन राज तिवारी लिखते हैं, "रिबन कटे तो ठीक, केक कटे तो ठीक, शैंपेन की बोतल खुले तो ठीक, पर नारियल नींबू क्या इस्तेमाल कर लिया सबके अंदर वैज्ञानिक जाग उठे."

प्रधानमंत्री मोदी ने कई बार अपने भाषणों में कहा है कि हम टेक्नोलॉजी और विज्ञान के युग में जी रहे हैं और हमें अपनी सोच को वैज्ञानिक बनाना चाहिए.

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