मोदी के साथ श्री ना लगाने वाले जवान की सैलरी काटने पर पीएम ने जताई नाराजगी
मोदी के साथ श्री ना लगाने वाले जवान की सैलरी काटने पर पीएम ने जताई नाराजगी, सैलरी देने को कहा
नई दिल्ली। पश्चिम बंगाल में 15वें बटालियन के मुख्यालय महतपुर, नाडिया में बीएसएफ जवान के प्रधानमंत्री मोदी के नाम के साथ श्री या माननीय ना लगाने पर बीएसएफ के उसकी सात दिन की सैलरी काटे जाने की सजा दिए जाने पर पीएम मोदी ने नाराजगी जाहिर की है। मोदी ने जवान की सजा को वापस लेने और उसे पूरी सैलरी दिए जाने को कहा है। बीएसएफ ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है।

बीएसएफ ने किया ट्वीट
बीएसएफ ने अपने आधिकारिक ट्वीट कर जानकारी दी है कि पीएम मोदी ने जवान की सैलरी काटने की सजा को रद्द करने का आदेश दिया है। पीएम ने घटनाक्रम पर नाखुशी जाहिर करते हुए ये आदेश दिया है। बीएसएसएफ के ट्वीट में कहा गया, 'पीएम ने इस मामले पर नाखुशी जाहिर की और जवान को सजा के तौर पर सैलरी काटने के फैसले को वापस लेने का आदेश दिया है। इस मामले में सजा देने वाले कमांडेंट को भी मामले पर न्यायपूर्ण रुख नहीं अपनाने के लिए चेतावनी दी गई है।'
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पश्चिम बंगाल का है मामला
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक ये मामला 15वें बटालियन के मुख्यालय महतपुर, नाडिया (पश्चिम बंगाल) का है। 21 फरवरी को बीएसएफ के जवान अपने रोजाना के रूटीन पर थे। जवान एक्सरसाइज जीरो परेड कर रहे थे। इसी दौरान जवान संजीव कुमार ने सीनियर को एक रिपोर्ट देते हुए 'मोदी कार्यक्रम' शब्द का इस्तेमाल किया। जवान संजीव कुमार के रिपोर्ट में 'मोदी कार्यक्रम' कहने और पीएम के लिए माननीय या श्री ना लगाने पर बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर कमांडेंट अनूप लाल भगत इससे काफी नाराज हुए और उन्होंने संजीव कुमार के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का फैसला किया।

कार्रवाई में पाया दोषी
संजीव के खिलाफ बीएसएफ ने कार्रवाई शुरू की तो सुनवाई के बाद उसे बीएसएफ एक्ट की धारा 40 (व्यवस्था के प्रति पक्षपात और बल का अनुशासन) के तहत दोषी पाया गया। जिसके बाद उसकी सात दिन की सैलरी काटे जाने का आदेश दिया गया।












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