आखिर क्या है UCC? पीएम मोदी ने समझाया, बोले- एक परिवार की चार पीढ़ियों ने संविधान की धज्जियां उड़ाई

यूसीसी को लेकर पीएम मोदी ने कहा कि विपक्ष से पूछना चाहिए क्या आपने उसे पढ़ा है, आपको पता है इसमे क्या प्रावधान है। देश के सामने एक उदाहरण है, गोवा में यूसीसी है।

क्या गोवा के लोग एक ही प्रकार के कपड़े पहनते हैं, एक ही प्रकार का खाना खाते हैं। इन लोगों ने यूसीसी का मजाक बना रखा है। सुप्रीम कोर्ट ने दो दर्जन बार कहा है कि यूसीसी लाओ।

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देश का बच्चा भी इसे समझता है

मैं जब कन्याकुमारी से कश्मीर एकता यात्रा कर रहा था, उस वक्त महाराष्ट्र में एक कार्यक्रम था। वहां डॉक्टर मुरली मनोहर जोशी बीमार हो गए। उस वक्त सारा मोर्चा मुझे संभालना पड़ा। मैंने वहां बच्चों से मैंने बात किया।

उनसे पूछा आपके परिवार में 5 लोग हैं, बड़े भाई के लिए आपके माता-पिता एक नियम रखथे हैं, दूसरे के लिए अलग नियम तो क्या परिवार चलेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे नहीं चलेगा। उन बच्चों ने कहा यूसीसी होना चाहिए।

देश के टियर2, टियर 3 शहर के बच्चे यूसीसी को समझते हैं लेकिन हमारे देश के नेता नहीं समझते हैं। यह देश का दुर्भाग्य है। देश के संविधान में लिखा है कि भारत को उस दिशा में जाना चाहिए।

संविधान संशोधन को लेकर विपक्ष पर बरसे

विपक्ष के संविधान बदलने के आरोप पर पीएम मोदी ने कहा कि इस देश में ऐसा भी झूठ चल सकता है, जिसका सिर-पैर नहीं, यकीन नहीं होता। देश में संविधान में पहला संशोधन पंडित नेहरू ने किया।

फ्रीडम ऑफ स्पीच के खिलाफ था। दूसरा संधोशन उनकी बेटी लाई, कोर्ट ने फैसला दिया कि आप संसद में नहीं रह सकती, उन्होंने इस फैसले को बदल दिया। उन्होंने इमरजेंसी लगा दी।

इंदिरा जी ने संविधान बदला

इंदिरा जी के बाद उनके बेटे आए, उन्होंने शाह बानो मामले में संविधान किया, उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को बदल दिया। वो एक कानून लाए, मीडिया पर प्रतिबंध का। देश में मीडिया, विपक्ष मजबूत हो रहा था, सब टूट पड़े, जिसकी वजह से डरकर उन्होंने कानून वापस ले लिया।

शाहजादे ने कैबिनेट का फैसला पलटा

फिर उनके बेटे आए, रिमोट कंट्रोल से सरकार चल रही थी। उस सरकार में कैबिनेट ने एक निर्णय लिया और एक शाहजादा प्रेस कॉन्फ्रेस में उस फैसले की धज्जियां उड़ा देता है।

इसका मतलब हुआ एक ही परिवार के चार लोगों ने संविधान की धज्जियां उड़ा दी। उन लोगों को संविधान के लिए इस प्रकार की गंदी हरकतें करने का जमाना चला गया।

जबतक जिंदा हूं, नहीं होगा धर्म के नाम पर आरक्षण

मैं डंके की चोट पर कहता हूं कि मोदी जबतक जिंदा है तबतक जो संविधान सभा की मूल भावना है कि धर्म के आधार पर आरक्षण नहीं होगा, मैं इसके लिए लड़ाई लड़ूंगा, इसके लिए मैं अपनी जान खफा दूंगा।

धर्म के आधार पर आपने देश को एक बार बांट दिया। अब धर्म के आधार पर यह करोगे, क्या सिर्फ अपना पद बना रहे, कुर्सी मिलती रहे, इसलिए यह खेल खेलोगो, यह कतई स्वीकार नहीं है। मैं देश को इस बारे में एजूकेट करूंगा।

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