मैं चाय जरा कड़क बनाता हूं, गरीबों को कड़क चाय पसंद है- PM
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि जो नोटों मैंने प्रतिबंधित की है वह आपके लिए किया है, भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए ही यह किया है
गाजीपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गाजीपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आपने जो का मुझे दिया वो मैं कर रहा हूं। उन्होंने कहा कि 500 और 1000 रुपए के नोट बंद करवाकर मैंने आपके काम को ही किया है।

पीएम मोदी के 500 और 1000 नोट बैन के ऐलान ने घाटी में लौटाई शांति!
पीएम मोदी के भाषण के मुख्य अंश
- कांग्रेस वालों ने तो अपनी कुर्सी के लिए 19 महीनों के लिए देश को जेलखाना बना दिया था, मैंने गरीबों की खुशी के लिए 50 दिन थोड़ी तकलीफ सहन करने को कहा है।
- 30 दिसंबर तक हमारे बैंक के लोग 18-20 घंटे तक काम कर रहे हैं।
- मेरा आपसे आग्रह है कि आप स्वयं सक्रिय होकर लोगों को विश्वास दें कि वह धैर्य रखें।
- हमने ट्रेनों का नाम महामना, शब्दभेदी रखा, लेकिन पहले तो एक परिवार के नाम पर ही सबकुछ होता था।
- ये जो नोट फेंकने आ रहे हैं अगर वो भी सीसीटीवी कैमरे में हाथ लग गए तो हिसाब देना होगा।
- शहरों में जाकर देखो, रातको गाड़ियां निकलती हैं, देखती हैं कि सीसीटीवी कैमरा तो नहीं है, चोरी से कूड़े कचरे के ढेर में नोट फेंक कर भाग जाते हैं।
- अफवाहें फैलाई जा रही हैं, गृहणियों को भड़काया जा रहा है, लेकिन मैं कहता हूं कि आप पैसा जमा करा दीजिए खाते में, ब्याज भी मिलेगा और इंकम टैक्स कभी नहीं पूछेगा कि कहां से पैसा आया है।
- मुझे वो बचपन से आदत है, गरीब को तो कड़क चाय भाती है लेकिन अमीर का मुंह बिगड़ जाता है।
- मेरा निर्णय थोड़ा कड़क है, लोग मुझे कहते थे मोदीजी जरा चाय कड़क बनाना
- आपने यह सब भ्रष्टाचार खत्म करने कि लिए नहीं बल्कि कोर्ट ने इंदिरा गांधी के खिलाफ फैसला दिया था, इसलिए यह सब किया गया था।
- उस वक्त आपने अखबार को ताला लगा दिया था, एडिटरों को जेल में डाल दिया था, कोई बोले भी तो भी उसे जेल के दरवाजे दिखा दिए थे।
- उस जमाने में पुलिस लोगों के घर जाती थी कि तुम्हारा वारंट निकलने वाला है और लोगों से लाखों रुपए ऐंठे जाते थे।
- कांग्रेस ने 19 माह आपात काल लगाकर इस देश को जेलखाना बना दिया था, लाखों लोगों को 19 महीनों तक जेल की सलाखों के पीछे बंद कर दिया था।
- कांग्रेस वाले कहते हैं कि जनता को तकलीफ हो रही है, आप तो बयान दे रहे हैं और मैं खुद ही एड़ी-चोटी का जोर लगा रहा हूं कि जनता की दिक्कतें कम कर सकूं।
- कुछ लोगों को जरा ज्यादा तकलीफ हो रही है, ये लोग मुस्कुराते हैं और पीछे से कहते हैं जाओ हो हल्ला करो।
- हिंदुस्तान में अब भ्रष्टाचार के लिए कोई रास्ता नहीं बचा है
- मैं जानता हूं आपको तकलीफ हो रही है
- नोटों की ऐसी मालाएं बनती थी जिसमें से सिर भी नहीं दिखता था।












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