• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

किसी काम के नहीं पीएम केयर फंड से भेजे गए वेंटिलेटर? कई स्टोर रूम में पड़े तो कई हुए खराब

|

नई दिल्ली, 12 मई: पूरा देश कोरोना महामारी की दूसरी लहर से जूझ रहा है। जिस वजह से अस्पतालों में बेड और मेडिकल उपकरणों की भारी कमी है। पिछले साल जब महामारी ने दस्तक दी थी, तो केंद्र सरकार ने पीएम केयर फंड की शुरुआत की, जिसमें जनता ने जमकर चंदा दिया। इसके बाद इस फंड से कई अस्पतालों में मेड इन इंडिया मेडिकल उपकरण भेजे गए, लेकिन वो सब मरीजों के काम आने की बजाए धूल फांक रहे। इसके पीछे की वजह उनकी खराब गुणवत्ता को बताया जा रहा है।

    PM Cares fund से Faridkot भेजे गए 80 Ventilator में 71 खराब | वनइंडिया हिंदी

    corona

    एक रिपोर्ट के मुताबिक पीएम केयर फंड से 2000 करोड़ रुपये के वेंटिलेटर खरीदने की बात कही गई। साथ ही दावा किया गया था कि ये सभी मेड इन इंडिया यानी भारत में बने हैं, लेकिन अब मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कई वेंटिलेटर कबाड़ की तरह पड़े हैं। डॉक्टरों का कहना है कि ये इतने घटिया हैं कि सही से काम नहीं करते। आरोप है कि भोपाल के हमीदिया अस्पताल में एक कोरोना मरीज को कोविड वार्ड 3 में वेंटिलेटर पर रखा गया था, लेकिन 3 मई की रात वो अचानक बंद हो गया। जिससे मरीज की मौत हो गई। हालांकि अस्पताल प्रबंधन ने इन आरोपों को खारिज कर दिया।

    वहीं न्यूज चैनल NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक उनके पास एक खत है, जिसमें डॉक्टर ने अस्पताल प्रशासन को कुछ दिन पहले इसके संबंध में लिखा था। साथ ही कहा था कि वेंटिलेटर सही से काम नहीं करते, उनमें ना तो ऑक्सीजन का सही से फ्लो आता है और ना ही प्रेशर बनता है। जिस वजह से मरीज की जान जोखिम में पड़ती है। वहीं सागर में स्थित बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में पीएम केयर फंड से मिले वेंटिलेटर में शॉर्ट सर्किट हो गया था। मौजूदा वक्त में कागजों के हिसाब से वहां पर 72 वेंटिलेटर हैं, लेकिन उसमें से सिर्फ 5 ही ICU में काम कर रहे हैं। बाकी के स्टोर रूम में कबाड़ की तरह पड़े हैं। इसके अलावा अशोकनगर, कटनी, शहडोल, अलीराजपुर जैसे इलाकों में भी ऐसी ही हालत है।

    कोरोना काल में रोजाना पिएं ये जादुई चाय, कफ की समस्या करेगी दूर, घर पर करें तैयारकोरोना काल में रोजाना पिएं ये जादुई चाय, कफ की समस्या करेगी दूर, घर पर करें तैयार

    वहीं बात करें मध्य प्रदेश के पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ की, तो बालोद में स्थित जिला अस्पताल को 6 वेंटलेटर मिले थे, लेकिन उनमें दो लगाए गए हैं। वैसे छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने दावा किया है कि उसे पीएम केयर फंड से 230 वेंटिलेटर मिले हैं, लेकिन सूत्रों का कहना है कि उसमें से 58 काम नहीं कर रहे हैं।

    English summary
    PM Care fund Ventilators Madhya Pradesh, Chhattisgarh corona outbreak
    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    For Daily Alerts
    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X