रेल हादसों पर पीयूष गोयल की मैराथन बैठक, रेलवे बोर्ड को 5 बड़े निर्दश
रेल मंत्री पीयूष गोयल ने रेलवे की सुरक्षा के मद्देनजर की हाई लेवल मीटिंग, रेलवे बोर्ड को दिए कई अहम निर्देश, सख्ती से इन निर्देशों का पालन करने को कहा
नई दिल्ली। पिछले कुछ दिनों से जिस तरह से आए दिन रेल हादसे हो रहे हैं उसके बाद रेल मंत्री पीयूष गोयल ने रेलवे की सुरक्षा के लिए रेलवे बोर्ड के अधिकारियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक की है। इस बैठक के दौरान रेलवे की सुरक्षा की व्यापक समीक्षा की गई, साथ ही पीयूष गोयल इस बात पर जोर दिया कि रेलवे की सुरक्षा को शीर्ष प्राथमिकता दी जाए।

सुरक्षा से नहीं किया जाएगा समझौता
बैठक के दौरान रेल मंत्री ने 5 अहम निर्देश दिए हैं जिसका तत्काल प्रभाव से पालन करने को कहा गया है। उन्होंने यह निर्देश मुख्य रूप से मानव रहित क्रॉसिंग और ट्रेन के पटरी से उतरने की समस्या से निपटने के लिए दिया है। रेलमंत्री ने साफ निर्दश दिया है कि जल्द से जल्द मानवरहित क्रॉसिंग की समस्या को खत्म किया जाए, इसके लिए उन्होंने तेजी से काम करने का निर्देश दिया है। इस समस्या को एक वर्ष के भीतर खत्म करने का लक्ष्य रखा गया है, इससे पहले यह लक्ष्य तीन वर्ष का रखा गया था।
हादसों पर की गई समीक्षा
पीयूष गोयल ने तमाम रेलवे बोर्ड और सेफ्टी डायरेक्टोरेट बोर्ड के सदस्यों के साथ एक मैराथन बैठक की, इस बैठक में उन्होंने ट्रेन के आवागमन के दौरान सुरक्षा मानकों पर चर्चा की। इस दौरान रेलवे की सुरक्षा को लेकर एक विस्तृत प्रेजेंटेशन भी दिया गया। साथ ही हाल के दिनों में जिस तरह से तमाम रेल हादसे हुए हैं उसकी विस्तार से समीक्षा की गई। बैठक में पीयूष गोयल ने कहा कि सुरक्षा हमारी शीर्ष प्राथमिकता होनी चाहिए इस मसले पर किस भी तरह का समझौता नहीं होना चाहिए।
रेल हादसे की दो अहम वजहों की भी पहचान की गई
1- वर्ष 2016-17 में 34 फीसदी मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग
2- रेलवे ट्रैक में खराबी के चलते ट्रेन का पटरी से उतरना
रेल मंत्री ने दिए पांच बड़े निर्देश
बैठक के दौरान सबसे ज्यादा जोर इस बात पर दिया गया कि ट्रेन के पटरी से उतरने की वजह का पता लगाया जाए और इससे निपटने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएं, जोकि रेल हादसे की बड़ी वजह होती है। इस बाबत रेल मंत्री पीयूष गोयल ने रेलवे बोर्ड को यह अहम निर्देश दिए है।
1- पूरे रेलवे नेटवर्क में सभी मानवरिहत रेलवे क्रॉसिंग को एक वर्ष के समयकाल में जल्द से जल्द खत्म किया जाए, इसके लिए रेलवे को आज से ही एक वर्ष का समय दिया गया है। इससे पहले इस काम के लिए तीन वर्ष का समय निर्धारित किय गया था। लेकिन स्पीड, स्किल और स्केल मंत्र के तहत इस लक्ष्य को एक वर्ष के भीतर पूरा करने को कहा गया है।
2- रेलवे ट्रैक को बदलने या उसे नया लगाने का काम प्राथमिकता से होना चाहिए। साथ ही जिन जगहों पर नए ट्रैक बनाए जाना निर्धारित किया गया है, उसे उन जगहों पर ले जाया जाए जहां ज्यादातर रेल हादसे होते हैं या फिर जहां ट्रैक का बदला जाना लंबित है।
3- ए ट्रेनों की शुरुआत जल्द से जल्द की वृहद स्तर पर की जानी चाहिए, साथ ही पूरी तरह से नए ट्रैक के निर्माण पर ध्यान देना चाहिए।
4- आईसीएच डिजाइन के पुराने पारंपरिक रेल कोच का निर्माण को रोका जाए, साथ ही अब सिर्फ नए डिजाइए के एलएचबी कोच का निर्माण किया जाए।
5- कोहरे से निपटने के लिए एंटी एलईडी लाइट को लगाया जाए, ताकि बिना बाधा के ट्रेनों को ठंड के मौसे में कोहरे के दौरान सुरक्षित तरीके से चलाया जा सके। इसके साथ ही रेल मंत्री ने रेलवे बोर्ड को निर्दश दिया है कि इन तमाम एक्शन प्लान का पालन हो इसके लिए समय समय पर इसकी समीक्षा की जाए।












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