जामिया मामले पर डीसीपी बोले- प्रदर्शनकारियों ने हमपर पेट्रोल बम फेंके, ये साजिश थी
नई दिल्ली। नागरिकता संशोधित कानून के पास होने के बाद से देश के कई हिस्सों में विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। असम और पश्चिम बंगाल के बाद राजधानी दिल्ली में भी विरोध प्रदर्शन हुए। जिसमें हिंसा भी देखी गई। इन प्रदर्शनकारियों में जामिया विश्वविद्यालय के छात्र भी मौजूद थे। जिन्होंने दिल्ली पुलिस पर गलत व्यवहार करने का आरोप लगाया है। अब पुलिस ने भी बताया है कि कैसे प्रदर्शनकारियों ने उनपर पेट्रोल बम फेंके थे।

क्या बोले डीसीपी?
अब इस मामले में अतिरिक्त डीसीपी (उत्तर पूर्वी) कुमार ग्यानेश ने कहा, 'मैंने वो खुद देखा था, कुछ प्रदर्शनकारियों के पास गीले कंबल थे और आंसू गैस के गोलों का प्रभाव कम करने के लिए वह उनके ऊपर इनका इस्तेमाल कर रहे थे। ये सहज नहीं लगता बल्कि सुनियोजित था। जांच जारी है।' उन्होंने कहा, 'प्रदर्शनकारियों ने हमपर पेट्रलो बम फेंके थे। ये चीजें मौके पर नहीं होती बल्कि इससे पता चलता है कि ये साजिश थी।'
बसों में आग लगाई गई
बता दें जामिया में प्रदर्शन इतने हिंसक हो गए थे कि प्रदर्शनकारियों ने चार बसों में आग लगा दी। पुलिस पर पत्थरबाजी की गई। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया। कई प्रदर्शनकारियों को भी हिरासत में लिया गया था।

क्या है कानून?
इस कानून के तहत तीन पड़ोसी देश (पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश) में रहने वाले गैर मुस्लिम समुदाय के लोग 6 साल तक भारत में रहने के बाद यहां की नागरिकता हासिल कर सकते हैं। हालांकि बिल में इन तीन देशों से आने वाले मुस्लिमों को शामिल नहीं किया गया है।












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