• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

देश के इतिहास में पहली बार चुनाव आयोग के खिलाफ हुआ विरोध प्रदर्शन, EC दफ्तर के सामने नारेबाजी

|

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव 2019 के नतीजे 23 मई यानी कल आने वाले हैं। उससे पहले विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग औऱ ईवीएम की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गुरुवार को चुनाव आय़ोग के कार्यलय के सामने जो तस्वीर देखने को मिली वह बेहद ही हैरान कर देने वाली थी। गुरुवार को कुछ लोग चुनाव आयोग के खिलाफ बैनर-पोस्टर लेकर विरोध प्रदर्शन करने पहुंचे थे। यह शायद भारतीय चुनाव आय़ोग के इतिहास में पहली बार है जब आयोग के खिलाफ इस तरह का प्रदर्शन देखने को मिला है।

Election Commission

गुरुवार को कुछ लोग दिल्ली में चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर पोस्टर बैनर लेकर आए गए और जमकर नारेबाजी की। रिवॉल्यूशन पार्टी के कार्यकर्ताओं ने चुनाव आयोग के बाहर प्रदर्शन करते हुए की मांग कि, 50 फीसदी वीवीपैट पर्चियों के मिलान किया जाए। उन्होंने आयोग पर चुनावों में धांधली जैसे गंभीर आरोप लगाए। बता दें कि, ईवीएम को लेकर विपक्ष की 22 पार्टियां कल चुनाव आयोग गई थी। जिसमें पार्टियों ने आयोग के सामने कई शिकायतें और सुझाव दिए थे। उसी पर गुरुवार को चुनाव आयोग कर रहा था, तभी दफ्तर के बाहर कुछ लोग चुनाव आय़ोग के खिलाफ प्रोटेस्ट करने आ गए।

इस बैठक के बाद चुनाव आयोग की ओर ने बयान जारी कर विपक्ष की ईवीएम को लेकर की गई मांग को ठुकरा दिया। चुनाव आयोग के द्वारा वीवीपैट को लेकर दिए गए फैसले पर लेफ्ट नेता सीताराम येचुरी ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि EC का ये फैसला सुप्रीम कोर्ट के आदेश के खिलाफ है। यदि चुनावी प्रक्रिया की अखंडता के लिए इस प्रक्रिया को इतना लंबा खींचा गया है, तो चुनाव आयोग पहले नमूने के परीक्षण के मूल सिद्धांत का पालन क्यों नहीं कर रहा है? उन्होंने लिखा कि वीवीपैट की पर्चियों का मिलान भी सुबह वोटों की गिनती के साथ शुरू होनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है, तो लॉ एंड ऑर्डर की स्थिति बिगड़ सकती है।

इससे पहले मंगलवार को देश की 22 मुख्य विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने चुनाव आयोग के सामने ये मांग रखी थी कि काउंटिंग से पहले वीवीपैट के पर्चियों की गिनती हो, पर्ची और ईवीएम में समानता ना होने पर पूरी विधानसभा के वीवीपैट के पर्चियों को गिना जाए। हालांकि अब आयोग ने विपक्षी दलों की मांग को ठुकराकर ये साफ कर दिया है कि VVPAT पर्ची मिलान की प्रक्रिया में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा।

'खून की दलाली' वाले बयान पर राहुल गांधी के खिलाफ FIR की मांग, कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Peoples protested against the Election Commission in delhi lok sabha elections 2019
For Daily Alerts

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more