'चुनावी घोषणा पत्र में छात्रों के मुद्दे पर फोकस करें दल', स्टूडेंट्स ने उठाई मांग
तेलंगाना चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के घोषणा पत्र में छात्रों के अहम मुद्दों को शामिल करने की अपील की गई है। छात्र निजी स्कूलों और जूनियर कॉलेजों की बढ़ती फीस पर नियंत्रण की मांग कर रहे हैं। छात्रों की मांग है कि सरकार को इस मुद्दे पर हस्तक्षेप करना चाहिए।
विधानसभा चुनाव से पहले छात्रों ने सामूहिक रूप से राजनीतिक दलों से ये मांग की है। स्टूडेंट्स ने कहा है कि चुनावी घोषणापत्र में दलों को छात्रों से जुड़े अहम मुद्दों को शामिल करना चाहिए।

छात्रों का कहना है कि कई निजी संस्थान तो पूर्ण शुल्क भुगतान ना होने के तक प्रमाण पत्र रोक लेते हैं। ऐसे में छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ जाता है। एक छात्र काशिफ के मुताबिक जो छात्र प्रथम वर्ष की परीक्षा के बाद आगे नहीं पढ़ना चाहते तो उन्हें प्रमाण पत्र लेने से पहले फाइनल ईयर तक का भुगतान करने के लिए बाध्य किया जाता है।
छात्रों ने मांग की है कि विद्यालयों में इस स्थिति ने निपटने के लिए एक निकाय बनाया जाना जरूरी है, जो विद्यार्थियों को दर्द को सुनेगा और उसे दूर करने का प्रयास किया जा सकेगा। ऐसा होने से छात्रों को भविष्य अंधकार में जाने से बच जाएगा।
वहीं टीएनआईई के छात्रों ने कहा कि उस्मानिया विश्वविद्यालय में द्वितीय वर्ष के छात्रों को समय पर छात्रवृत्ति नहीं मिल रही। यहां मेस में मिलने वाले भोजन के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। यहां प्रति माह मेस के लिए 1,500 रुपये, वार्षिक ट्यूशन फीस 13,000 रुपये और स्टेशनरी के लिए 3,000 रुपये की छात्रवृत्ति दो साल से नहीं मिली है। इस अलावा कैंपन में स्वच्छ पेयजल की भी समस्या है।
वहीं एक अन्य छात्र के मुताबिक उस्मानिया यूनिवर्सिटी में छात्रावासों की स्थिति दयनीय है। छात्रों ने कहा कि विश्वविद्यालय ने जिन भवनों को छात्रवास लिए लिए एलॉट किया है उसे निजाम ने अपने घोड़ों के लिए बनवाया था। संकाय में सुविधाओं के अलावा यहां प्लेसमेंट की भी समस्या है। आरोप है कि यहां छात्रों के लिए यहां से रोजगार के अवसर की संभावना शून्य है।












Click it and Unblock the Notifications