Parliament Winter Session: छठे दिन भी नहीं चली संसद, दोनों सदनों की कार्यवाही मंगलवार तक के लिए स्थगित
Parliament Winter Session Day 6: संसद के शीतकालीन सत्र के दूसरे हफ्ते का पहला दिन भी विपक्षी सदस्यों के हंगामे की भेंट चढ़ गया। पिछले हफ्ते सोमवार से ही संसद का सत्र चल रहा है, लेकिन बार-बार कार्यवाही बाधित होने की वजह से कोई भी विधायी कार्य नहीं हो पा रहा है। विपक्ष अडानी, संभल जैसे मुद्दों पर पहले चर्चा चाहता है और इसके लिए बार-बार स्थगन का नोटिस दिया जा रहा है।
सोमवार को पहले बिना कोई विधायी कार्य संपन्न हुए पहले राज्यसभा की कार्यवाही 3 नवंबर सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। इसके बाद लोकसभा की कार्यवाही भी अडानी,संभल समेत कुछ मुद्दों पर विपक्ष के विरोध की वजह से बिना कोई काम निपटाए मंगलवार सुबह तक के लिए स्थगित कर दी गई।

छठे दिन भी संसद में नहीं हुआ कोई काम
सोमवार को विदेश मंत्री एस जयशंकर की ओर से भारत-चीन संबंधों को लेकर बयान दिए जाने की संभावना थी। वह संभवत: सीमा पर डिसइंगेजमेंट समझौते को लेकर सदन को जानकारी देने वाले थे। लेकिन, जिस तरह से संसद का पिछला पूरा हफ्ता बिना किसी कार्य के बेकार चला गया, उसी तरह से इस हफ्ते के पहले दिन की भी शुरुआत नकारात्मक हुई।
अडानी के मुद्दे पर बंट गया विपक्ष?
शीतकालीन सत्र में कुल 16 विधेयकों पर चर्चा होनी थी। लेकिन, 6 दिन हंगामे और बाधाओं की ही भेंट में बर्बाद हो चुके हैं। हालांकि,ऐसा लग रहा है कि अडानी मुद्दे पर संसद की कार्यवाही बाधित करने को लेकर विपक्षी इंडिया ब्लॉक में मतभेद उभर आए हैं।
क्योंकि, टीएमसी सांसद सुदीप बंदोपाध्याय ने कहा,'सदन चलनी चाहिए। टीएमसी के पास प्रदेश से संबंधित मसलों समेत कई अनिवार्य मुद्दे हैं। हमारे पास बेरोजगारी, बढ़ती कीमतें, उर्वरकों के मसले हैं। अडानी के मुद्दे पर बिजनेस एडवाइजरी कमेटी में चर्चा होनी चाहिए। यह मुख्य सत्ताधारी पार्टी की जिम्मेदारी है कि सदन चले। इस बीजेपी सरकार को सदन चलाने में दिलचस्पी नहीं है।'
संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले विपक्षी गठबंधन के फ्लोर लीडर्स की एक बैठक भी कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के चैंबर में हुई थी। इस बैठक में कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी भी उपस्थित थे।
अडानी मुद्दे पर चर्चा के लिए अड़ी दिखी कांग्रेस
कांग्रेस सांसद बी मणिकम टैगोर ने अरबपति कारोबारी गौतम अडानी के खिलाफ अमेरिकी न्याय विभाग की ओर से लगाए गए 'रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार' के आरोपों की जांच की आवश्यकता पर चर्चा करने के लिए स्थगन प्रस्ताव नोटिस पेश किया था। इसके लिए उन्होंने 'सार्वजनिक हित' की दलील दी थी।
इस बीच कांग्रेस सांसद कार्ति चिदंबरम ने कहा, 'सदन नहीं चलने से मैं बहुत निराश हूं। मैं सोच रहा था कि मुझे अपने चुनाव क्षेत्र, प्रदेश, देश के लोगों के मुद्दों को उठाने का मौका मिलेगा, लेकिन हमें इसके लिए मंच नहीं दिया जा रहा है। सरकार को अड़ियल रवैया नहीं अपनाना चाहिए, कभी-कभार उसे विपक्ष को स्थगन प्रस्ताव रखने की इजाजत देनी चाहिए,और सदन की कार्यवाही जारी रखनी चाहिए।'
मंगलवार से संसद चलने की बढ़ी उम्मीद
हालांकि, बाद में लोकसभा के स्पीकर ओम बिड़ला ने सभी दलों के फ्लोर लीडर्स की एक बैठक बुलाई, जिसमें संविधान पर चर्चा के लिए सहमति बनी। लोकसभा में ये चर्चा 13 और 14 दिसंबर को और राज्यसभा में 16 और 17 दिसंबर को संविधान के स्वीकार किए जाने की 75वीं वर्षगांठ को लेकर होगी।
इसके बाद संसदीय कार्यमंत्री किरेन रिजिजू ने भरोसा जताया कि मंगलवार से दोनों सदनों की कार्यवाही समान्य तरीके से हो सकेगी।
संसद का शीतकालीन सत्र 25 नवंबर से चल रहा है और इसके 20 दिसंबर तक चलने का समय निर्धारित किया गया है।












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