Parliament: NDA के पास ही रहेगा डिप्टी स्पीकर का पद, जल्द हो सकती है घोषणा- सूत्र
पिछले एक दशक से रिक्त पड़ा उप सभापति का पद तो इस बार भरा जाना निश्चित है। लेकिन भारतीय संसद के इतिहास में ऐसा पहली बार होने जा रहा है, जब उप सभापति के पद के लिए सदन में कोई चुनाव की नौबत आई हो। इस बीच सूत्रों को हवाले से रिपोर्ट में दावा किया जा रहा है कि लोकसभा में उप सभापति का इस बार परंपरा से हटकर चुनाव होगा।
प्रोटेम स्पीकर और स्पीकर का पद विपक्ष को नहीं मिला। जिससे नाराज विपक्ष ने अब डिप्टी स्पीकर के पद के लिए भी कैंडिडेट खड़ा कर दिया है।

एक रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि डिप्टी स्पीकर का पद सत्ताधारी एनडीए से होने की संभावना है। नाम की जल्द ही एक घोषणा हो सकती है। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि आगामी दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी नोंकझोंक होने के आसार हैं। दरअसल, डिप्टी स्पीकर का पद एनडीए पास रहने की संभावना अधिक है।
वहीं विपक्ष डिप्टी स्पीकर को लेकर अपनी दावेदारी से पीछे हटने को तैयार नहीं है। इसको लेकर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी एक बयान ने एनडीए को घेरा। उन्होंने कहा कि विपक्ष एनडीए के स्पीकर पद के उम्मीदवार का समर्थन करने को तैयार है, बशर्ते सरकार संसदीय परंपरा का पालन करे और विपक्ष को डिप्टी स्पीकर का पद दे।
डिप्टी स्पीकर की क्या भूमिका है?
संविधान के अनुच्छेद 95(1) में डिप्टी स्पीकर की भूमिका को लेकर जानकारी दी गई है। जिसमें लिखा है कि स्पीकर की गैरमौजूदगी में डिप्टी स्पीकर सदन की अध्यक्षता करेगा। सदन का संचालन करते हुए डिप्टी स्पीकर के पास वह सभी शक्तियां होंगी जो स्पीकर के पास होती हैं। संविधान में डिप्टी स्पीकर की नियुक्ति को लेकर किसी तरह की समय-सीमा निर्धारित नहीं की गई है। प्रावधान में यह अंतर ही सरकारों को डिप्टी स्पीकर की नियुक्ति में देरी करने या उसे टालने की अनुमति देता है।












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