पैरामिलिट्री में बढ़ा वीआरएस लेने का ट्रेंड, एक वर्ष में 450 प्रतिशत का इजाफा
सरकार ने दिए संसद में आंकड़ें वर्ष 2016-2017 में पैरामिलिट्री फोर्सेज के जवानों के रिटायरमेंट का आंकड़ा 400 प्रतिशत तक पहुंचा। केंद्रीय गृहमंत्री किरन रिजिजू की ओर से दिए गए आंकड़ें।
नई दिल्ली। सरकार की ओर से संसद में पैरामिलिट्री फोर्सेज से जुड़े उन जवानों के आंकड़ें पेश किए गए हैं जिन्होंने वॉलेंट्री रिटायरमेंट यानी स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति के लिए अप्लाई कियर है। सरकार के आंकड़ों पर अगर यकीन करें तो इसमें तेजी से इजाफा हो रहा है। सरकार की ओर से पेश रिपोर्ट के मुताबिक पिछले एक वर्ष में वीआरएस लेने वाले जवानों की संख्या में करीब 450 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।

निजी वजहों से लिया वीआरएस
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरन रिजिजू की ओर से संसद में कुछ आंकड़ें पेश किए गए हैं। रिजिजू ने कहा है कि इन आंकड़ों से जो जानकारी मिली है उससे साफ है कि अर्धसैनिक बल के जवानों ने अपने निजी कारणों के चलते रिटायरमेंट लिया है। उन्होंने संसद को जानकारी दी कि वर्ष 2016-17 में 9065 अर्धसैनिकों ने वीआरएस लिया। इनमें ज्यादातर सैनिक सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ, एसएसबी और असम राइफल्स के हैं। वर्ष 2014-2015 में वीआरएस लेने वाले जवानों की संख्या 5289 थी। वहीं वर्ष 2015-16 के दौरान इस आंकड़ें में कमी आई थी और 2105 जवानों ने ही वीआरएस लिया।
सुरक्षा पर बढ़ा खतरा
वर्ष 2016-17 के दौरान आंकड़ों में 450 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। सूत्रों की मानें तो ज्यादातर जवान अपनी नौकरी में तनाव, कम तन्ख्वाह और कठिन हालातों में काम करने की अनिवार्यता के चलते वीआरएस ले कर समय से पहले ही नौकरी छोड़ देते हैं। वीआरएस के तेजी से बढ़ते ट्रेंड की वजह से अर्धसैनिक बलों में जवानों की कमी होती जा रही है। गृहमंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि इतनी ज्यादा संख्या में वीआरएस लेने के चलते बहुत सी सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं पर असर पड़ सकता है। वर्ष 2016-17 में जिन जवानों ने वीआरएस लिया उसमें सबसे ज्यादा बीएसएफ के 4,274 जवान। बीएसएफ के बाद सीआरपीएफ के 3280 और सीआईएसएफ के 765 जवान हैं। इस ट्रेंड पर रिजिजू कहते हैं कि जवान 20 साल तक नौकरी करने के बाद ये अर्धसैनिक एक सामान्य पारिवारिक जीवन बिताने का आनंद लेना चाहते हैं। अपने इसी निजी फैसले के चलते अर्धसैनिकों के वीआरएस लेने की प्रवृत्ति बढ़ती जा रही है।












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