Pamela Goswami drug case:क्या है भाजपा नेता राकेश सिंह का विवादित अतीत

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में ड्रग केस में गिरफ्तार भाजपा नेता राकेश सिंह को फिलहाल 1 मार्च तक के लिए पुलिस रिमांड में भेजा गया है। उन्होंने अदालत के बाहर मीडिया से कहा था कि उनकी और उनके दोनों बेटों की गिरफ्तारी की 'ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी की दादागीरी' से टीएमसी राज्य का चुनाव नहीं जीत पाएगी। लेकिन, उनके अतीत को टटोलें तो यह कोई पहला ऐसा मामला नहीं है, जिसमें उनपर गंभीर आपराधिक आरोप लगे हैं। उनका एक पूरा एक कथित 'आपराधिक' अतीत रहा है और उनके खिलाफ 27 से ज्यादा आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें हत्या की कोशिश तक का केस शामिल है।

पामेला गोस्वामी ड्रग केस में हुई है गिरफ्तारी

पामेला गोस्वामी ड्रग केस में हुई है गिरफ्तारी

पश्चिम बंगाल में बीजेपी प्रदेश समिति के सदस्य और कोलकाता और आसपास के कई वर्कर्स यूनियन के प्रमुख राकेश सिंह को जब कोलकाता पुलिस ने पामेला गोस्वामी ड्रग केस में गिरफ्तारी के एक दिन बाद अलीपुर एनडीपीएस कोर्ट में पेश किया तो दावा किया कि वह नई दिल्ली भागने की कोशिश कर रहे थे। इस केस में नाम आने से पहले तक वह कोलकाता के राजनीतिक गलियारों में भले ही जाने-माने नाम रहे हों, लेकिन बंगाल में उनके बारे में बहुत ही कम लोग जानते थे। जब मॉडल से भाजपा की युवा कार्यकर्ता बनीं पामेला गोस्वामी सनसनीखेज कोकीन केस में पिछले हफ्ते गिरफ्तार हुईं तभी पहली बार उनका नाम सुर्खियों में आया। गोस्वामी ने अपने खिलाफ साजिश का आरोप लगाया है और अपनी ही पार्टी के नेता पर उनकी कार में ड्रग्स रखने का आरोप लगाया है।

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    27 से ज्यादा आपराधिक केस दर्ज हैं

    27 से ज्यादा आपराधिक केस दर्ज हैं

    जहां तक बंगाल बीजेपी का सवाल है तो सिंह पार्टी के हाई-प्रोफाइल प्रदेश इंचार्ज कैलाश विजयवर्गीय के बेहद नजदीकी माने जाते हैं। 52 वर्षीय इस पूर्व कांग्रेसी नेता का विवादों से बहुत ही पुराना नाता रहा है, जिसके चलते वह अक्सर पुलिस की रडार पर आते रहे हैं। हाल के कुछ वर्षों में ही वह कई हाई-प्रोफाइल मामलों में गिरफ्तार किए जा चुके हैं। उनके खिलाफ कम से कम 27 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें हत्या की कोशिश से लेकर जबरन उगाही, आपराधिक धमकी और यहां तक कि पुलिस पर हमले जैसे गंभीर मामले भी शामिल हैं। गौरतलब है कि कोलकाता पुलिस ड्रग्स केस से पहले उनपर डायमंड हार्बर में भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के काफिले पर हुए हमले के मामले में भी केस दर्ज कर चुकी है। उनपर पुलिस का आरोप है कि पिछले साल दिसंबर में दक्षिण 24 परगना जिले में नड्डा के काफिले के आगे उन्होंने सिराकोल में भीड़ को उकसाया था।

    अमित शाह के रोड शो के दौरान भी बवाल का आरोप

    अमित शाह के रोड शो के दौरान भी बवाल का आरोप

    वो इससे पहले 2019 में लोकसभा चुनाव से पहले वो मौजूदा केंद्रीय गृहमंत्री और तत्कालीन बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह के रोड शो के दौरान उत्तर कोलकाता में ईश्वर चंद्र विद्यासागर की प्रतिमा के साथ थोड़फोड़ के मामले में भी गिरफ्तार हो चुके हैं। कोलकाता पुलिस का दावा है कि मंगलवार को जब वह दक्षिण कोलकाता के उनके चार-मंजिला अपार्टमेंट में ड्रग्स केस में छापा मारने के लिए पहुंची तो उनके तीनों बच्चों ने उसे आसानी से घुसने नहीं दिया। बाद में पुलिस ने उनके दोनों बेटों सिवम (24 साल) और सुवम (22 साल) को भी गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, एक दूसरी अदालत ने उन दोनों को जमानत दे दी है। बर्दवान से उनकी गिरफ्तारी पर उनकी बेटी सिमरन (21 साल) ने इंडिया टुडे से कहा था, 'उन्हें फंसाया जा रहा है। जैसे पहले हुआ है, उसी तरह इसबार भी वह शेर की तरह बाहर निकल आएंगे!'(ऊपर की तस्वीर-फेसबुक)

    कांग्रेस के टिकट पर लड़े थे पिछला चुनाव

    कांग्रेस के टिकट पर लड़े थे पिछला चुनाव

    भाजपा में आने से पहले उन्होंने 2003 से कांग्रेस से ही अपनी राजनीति की शुरुआत की थी। 2016 में उन्हें इस पार्टी ने कोलकाता पोर्ट सीट से ममता सरकार के हाई-प्रोफाइल मंत्री फिरहाद हकीम के खिलाफ उतारा था, लेकिन वो चुनाव हार गए थे। वो मार्च 2019 में लोकसभा चुनाव से ठीक पहले बीजेपी में आ गए थे। विजयवर्गीय और मुकुल रॉय ने पार्टी में उनकी एंट्री कराई थी। उनके पिता श्याम सिंह मूलरूप से बिहार के आरा के रहने वाले थे और कोलकाता के ओरफानगंज में दशकों पहले बस गए थे। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनके परिवार का लकड़ी कटाई का कारोबार था और खुद इनका अपना फर्नीचर स्टोर भी था।

    कोलकाता पोर्ट इलाके में हैं बाहुबली

    कोलकाता पोर्ट इलाके में हैं बाहुबली

    कांग्रेस में इनके पुराने साथी दावा करते हैं कि वह किद्दरपुर इलाके में उगाही का धंधा करते हैं। प्रदेश के एक वरिष्ठ कांग्रेसी नेता ने कहा है, 'यह एक निजी अस्पताल में मरीजों से कमीशन लेकर बिल कम करवाने के नाम पर पैसे लेते हैं। इसके बाद वो मरीज को परिवार का सदस्य बताकर अस्पताल वालों को इलाज में लापरवाही करने का आरोप लगाकर धमकाते हैं।' कोलकाता पोर्ट इलाके में उनकी पहचान एक बाहुबली नेता की है,जिनका दबदबा ओरफानगंज, किद्दरपुर और वाटगंज इलाकों में है। वह अलीपुर चिड़ियाघर के कामगारों की भी लंबे समय से अगुवाई कर रहे हैं।

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