भारत में अमेरिकी फाइटर जेट F-16 से मिसाइल गिराकर अपने ही जाल में घिरा पाकिस्तान
नई दिल्ली- आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को पूरी दुनिया के सामने बेनकाब करने का इससे बेहतर मौका शायद न मिले। बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद से पाकिस्तान ने झूठ पर झूठ बोलकर दुनिया को गुमराह करने की कोशिश की थी। वह बार-बार यह सच्चाई छिपा रहा था कि 27 जनवरी को उसका जंगी हवाई जहाज न सिर्फ भारतीय क्षेत्र में घुसा, बल्कि भारतीय सैन्य ठिकाने पर हमले की कोशिश भी की थी। अब भारत ने दुनिया के सामने पाकिस्तान का काला चिट्ठा खोलकर शांतिदूत बनने की वहां के प्रधानमंत्री की कोशिशों की पोल खोल दी है।
क्या इतने बड़े सबूत को झूठला पाएगा पाकिस्तान?
कहावत है कि चोर कितना ही बड़ा शातिर क्यों न हो, कोई न कोई सबूत जरूर छोड़ जाता है। अमेरिका से पाकिस्तान को मिले फाइटर जेट F-16 में लोड होने वाला मिसाइल भारतीय सीमा क्षेत्र के भीतर से बरामद होना इसी का एक उदाहरण है। भारत ने गुरुवार को पाकिस्तानी F-16 से भारतीय जमीन पर गिरे 'आराम मिसाइल' (AARAM missile)को सबूत के तौर पर दुनिया के सामने लाकर उसकी चोरी सबके सामने ला दी है। गौरतलब है कि यह मिसाइल सिर्फ F-16 लड़ाकू विमानों में ही प्रयोग होता है, जो कि अमेरिका ने पाकिस्तान को दिए हैं, न कि भारत को।
आतंक से लड़ने के लिए मिले थे F-16
जानकारी के मुताबिक अमेरिका ने पाकिस्तान को F-16 फाइटर प्लेन इसी शर्त पर बेचे थे कि वह इसका प्रयोग आतंकवादी संगठनों को नेस्तोनाबूद करने के लिए करेगा। लेकिन, पाकिस्तान ने इसका इस्तेमाल भारत के खिलाफ किया है, जो आतंकवाद से पीड़ित है और उसके खिलाफ ही लड़ाई लड़ रहा है। भारत के लिए यह अमेरिका पर दबाव बनाने का बहुत ही बेहतरीन मौका है। खास बात ये है कि भारत के प्रभाव में आकर ही अमेरिकी ने पाकिस्तान को मिलने वाले करोड़ों डॉलर की अमेरिकी मदद रोक दी थी। एक साल पहले की ही बात है, अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने खुद कबूल किया था कि 15 साल में अमेरिका ने पाकिस्तान को 33 बिलियन अमेरिकी डॉलर से ज्यादा रकम देकर बहुत बड़ी गलती की थी। जबकि, पाकिस्तान आतंकवादियों को ही संरक्षण देता रहा।

पाकिस्तान को आतंकी राष्ट्र घोषित करवाने का मौका
पुलवामा हमले के लिए जिम्मेदार मौलाना मसूद अजहर को अंतरराष्ट्रीय आतंकी घोषित करने का प्रयास संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में चल रहा है। लेकिन, अब भारत के पास वो आधार है, कि वह विश्व पर पाकिस्तान को आतंकी देश घोषित करने का दबाव बना सकता है। लेकिन, इसकी पहल भारत को पहले खुद ही करनी होगी और उसे आतंकी राष्ट्र घोषित करना होगा। गौरतलब है कि पुलवामा हमले के बाद मोदी सरकार अपने पड़ोसी की लगाम कसने के लिए कई तरह के कदम उठा चुकी है। उससे मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा छीन लिया है और सिंधु जल समझौते के तहत पाकिस्तान को जाने वाले अतिरिक्त पानी को रोकने का भी मन बना चुका है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि क्या भारत पाकिस्तान को आतंकवाद पर घेरने के लिए पहले खुद ही उसे आतंकी राष्ट्र घोषित करेगा? क्योंकि, अब भारत को वो सबूत भी मिल चुके हैं, जो उसे यह कामयाबी दिला सकता है।












Click it and Unblock the Notifications