सफल होती पाक की साजिश तो 1993 के अंदाज में होते धमाके!
पोरबंदर। शुक्रवार को पोरबंदर से सटी पाकिस्तान सीमा से जो भी खबरें आईं, उन्होंने देश की सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ा कर रख दी हैं। पोरबंदर वही जगह है जहां से वर्ष 1993 में मुंबई ब्लास्ट के लिए आए विस्फोटकों और हथियारों को मुंबई पहुंचाया गया था। तो क्या यह मान लिया जाए कि पाक ने इस बार 26/11 नहीं बल्कि 1993 के अंदाज में देश को दहलाने की तैयारी कर डाली थी।

93 को दोहराने की तैयारी में पाक
एजेंसियां खुद भी इस पूरे प्रकरण के बाद सभी सुरागों को एक साथ करके सभी संभावनाओं को तलाशने की कोशिशों में लगी हुई हैं। पहले से ही इस पूरे प्रकरण से जुड़ी कई बातें सामने आ रही हैं। कुछ लोग कह रहे हैं कि यह नाव एक सुसाइड मिशन का हिस्सा थी तो वहीं कुछ लोग यह भी कह रहे हैं कि पाक एजेंसियों की ओर से इस नाव को भेजा गया था। कुछ मान रहे हैं कि पाक एक और 26/11 की तैयारी कर चुका था लेकिन कहानी कुछ और ही है।
कहां गए चार लोग
- अभी तक उन चार लोगों का कुछ पता नहीं चल सका है, जो इस नाव में सवार थे।
- यह माना जा रहा है कि इस नाव को पाक से भेजा गया था ताकि रेकी को अंजाम दिया जा सके।
- पाक पहले भी इसी तरह की नाव का प्रयोग भारत में माहौल की रेकी के लिए कर चुका है।
- इस नाव में जो लोग सवार थे उन्हें समंदर के जरिए कोस्ट गार्ड की पोजीशन और इंटेलीजेंस इकट्ठा करने के लिए भेजा गया था।
- वर्ष 1993 में जब मुंबई में ब्लास्ट हुए थे उस समय भी इसी तरह के एक ऑपरेशन को अंजाम दिया गया था।
- उस समय भी पोरबंदर ही वह जगह थी जहां से ब्लास्ट के लिए विस्फोटक पहुंचाए गए थे।
- गुजरात में वर्ष 1993 में गैर-कानूनी तरीके से हथियारों को भिजवाया गया था।
- उस समय युनूस उर्फ लोटा का नाम मुख्य आरोपी का नाम इसमें आया था।
- यह वही हथियार थे जिनका प्रयोग मुंबई ब्लास्ट में हुआ था।
एजेंसियां हाई अलर्ट
पारेबंदर के हादसे के बाद एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। दिसंबर में एजेंसियों की ओर से पहले ही पूरे देश में अलर्ट घोषित किए जा चुके हैं। सितंबर में आईबी की ओर से जारी किए गए अलर्ट के बाद बंदरगाहों की सुरक्षा और चौकसी को दोगुना कर दिया गया था। आईबी की ओर से सितंबर में ही चेतावनी दी गई थी कि आतंकी समंदर के रास्ते देश में दाखिल होकर हमलों को अंजाम दे सकते हैं।
क्या किया था अल कायदा ने
अल कायदा की ओर से कराची में इसी तरह के एक हमले की कोशिश की गई थी जब उन्होंने एक नेवी शिप को हाइजैक करके अमेरिकी और भारतीय बंदरगाहों पर हमले की साजिश की थी। आईबी की मानें तो फिलहाल सीमा के उस पार से कई तरह की गतिविधियां जारी हैं। ऐसे में एजेंसियां कोई खतरा नहीं लेना चाहती हैं। पाक की ओर से होने वाली कोई भी गतिविधि शक की वजह होती है और ऐसे में इससे सख्ती से निबटने की जरूरत है।












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