'नहीं लेने देंगे दूसरी मस्जिद', ओवैसी ने ज्ञानवापी मस्जिद विवाद को बाबरी विध्वंस से जोड़ा
नई दिल्ली, 14 मई। ज्ञानवापी मस्जिद (Gyanvapi Masjid) में वीडियोग्राफी को लेकर एआईएमआईएम (AIMIM) चीफ असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बाबरी विध्वंस (Babri Demolition) का भी जिक्र किया और कहा कि एक मस्जिद पहले ही खो चुके हैं अब दूसरी नहीं जाने देंगे।

Recommended Video
ऑल इंडिया मजलिस ए इत्तेहादुल मुस्लिमीन के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी से जब न्यूज चैनल आज तक की ओर से पूछा गया कि इस फैसले को वह कैसे देखते हैं तो उन्होंने कोर्ट के फैसले को ही गलत ठहरा दिया। ओवैसी ने कहा कि अदालत ने मामले में पार्लियामेंट में बने प्लेसेज ऑफ रिलीजियस वर्शिप एक्ट 1991 के खिलाफ यह आदेश दिया है। मस्जिद की कमेटी और मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाना चाहिए और इस सर्वे को रोके जाने की मांग करनी चाहिए।
ओवैसी ने कहा कि एक्ट के अनुसार, कोई भी व्यक्ति किसी भी धार्मिक संप्रदाय या उसके किसी भी वर्ग के पूजा स्थल को एक ही धार्मिक संप्रदाय के एक अलग वर्ग या एक अलग धार्मिक संप्रदाय या उसके किसी भी वर्ग के पूजा स्थल में परिवर्तित नहीं कर सकता।
वाराणसी के ज्ञानवापी मस्जिद को लेकर उठ रहे सवाल और मस्जिद के तहखाने की वीडियोग्राफी को लेकर भारत में मुस्लिम वर्ग के प्रतिनिधित्व पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इस देश में कभी कोई मुस्लिम वोट बैंक नहीं था और न ही होगा। मुस्लिम वोट बैंक को लेकर उन्होंने कहा कि हम सरकार बदलने की क्षमता रखते हैं फिर भी हमारा भारतीय संसद में इतना कम मुस्लिम प्रतिनिधित्व क्यों है? ओवैसी ने बाबरी विध्वंस को लेकर कहा कि अगर हम सरकार बदल देते तो अयोध्या में स्थिति न बदलती।
वाराणसी कोर्ट ने गुरुवार को ज्ञानवापी मस्जिद (Gyanvapi Masjid) के तहखाने में वीडियोग्राफी सर्वे के आदेश दिए थे। इसकी रिपोर्ट 17 मई तक जमा करने को भी कहा था। वहीं ओवैसी इस सर्वे को रोकने की बात कह रहे हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 1991 के एक्ट को नहीं मानते हैं।












Click it and Unblock the Notifications