"देश में सबसे कमजोर CM होंगे उमर अब्दुल्ला", असदुद्दीन ओवैसी ने ऐसा क्यों कहा
Asaduddin Owaisi Hyderabad : एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी अपने तीखे बयानों के लिए जाने जाते हैं। जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव के परिणाम के बाद उनकी एक टिपण्णी ने सभी का ध्यान खिंचा है। ओवेसी ने बुधवार को कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के नेता उमर अब्दुल्ला भारतीय इतिहास के सबसे कमजोर मुख्यमंत्री होंगे। उन्होंने कश्मीर में बीजेपी के एक भी सीट न जीत पाने पर भी टिप्पणी की है।
ओवैसी ने अपने बयान में कहा कि उमर अब्दुल्ला भारतीय इतिहास के सबसे कमजोर सीएम होंगे। उन्होंने भाजपा पर तंज कसते हुए कहा कि कश्मीर की अवाम ने अनुच्छेद 370 के खात्मे के खिलाफ अपना गुस्सा जाहिर करके निर्णायक फैसला सुनाया है। भारतीय जनता पार्पटी पहाड़ी और गुज्जरों को बांटना चाहती थी, किंतु ऐसा नहीं हुआ। भाजपा ने जम्मू में 27 सीटें जीती हैं और कांग्रेस ने सिर्फ एक सीट जीती है, जो मुख्य चिंता का विषय है।

मंगलवार, 8 अक्टूबर को जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव के परिणाम घोषित किए गए थे। जेकेएनसी ने 42 सीटों के साथ गठबंधन की अगुआई की, जबकि कांग्रेस ने 6 सीटें प्राप्त कीं हैं। भारतीय जनता पार्टी ने भी अच्छा प्रदर्शन करते हुए 29 सीटों पर विजय पताका लहराई है। ओवैसी ने ज़ोर देकर कहा कि धर्मनिरपेक्ष दलों को आत्ममंथन करने और आगामी राज्य विधानसभाओं के लिए योजना बनाने की आवश्यकता है। अनुच्छेद 370 को खत्म करने का विरोध करते हुए ओवैसी ने विधेयक को 'संवैधानिक तौर से गलत' बताया।
एआईएमआईएम चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि मेरी पार्टी अनुच्छेद 370 को समाप्त करने वाले विधेयक का विरोध करती है। इसके एक प्रावधान के तहत उपराज्यपाल को 5 विधायकों को नियुक्त करने की अनुमति है, जो मेरा मानना है कि संवैधानिक रूप से सही नहीं है। यदि मौजूदा सीएम विधायकों को नियुक्त नहीं कर सकते, लेकिन प्रधानमंत्री द्वारा नियुक्त एलजी ऐसा कर सकते हैं, तो मुख्यमंत्री की क्या भूमिका है?" अगस्त 2019 में अनुच्छेद 370 को निरस्त करने , इसे 2 केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग करने के बाद जम्मू और कश्मीर में यह पहला चुनाव था।
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