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वेब सीरीज के लिए कंटेंट सर्टिफिकेशन पर विचार कर रही है सरकार

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बेंगलुरू। वेबसीरीज यानी ओटीटी प्लेटफार्म पर दिखाई जाने वाले वीडियो कंटेंट पर सेंसरशिप के सवाल उठाने वालों की संख्या बहुत कम है। निःसंदेह क्रियटिविटी के नाम पर प्रोड्यूसर्स लिबर्टी लेकर पैसे छाप रहे हैं और व्यूअर्स भी फ्रीडम ऑफ एडल्टहुड के नाम पर वेबसीरीज पर परोसी जा रही फूहड़ता और गाली-गलौज को जायज मानते हैं, लेकिन वेबसीरीज में बढ़ते फूहड़पन और गाली-गलौज के विरोध के बाद आईबी मिनिस्ट्री ऑनलाइन कंटेंट के सर्टिफिकेशन पर विचार करने जा रही है।

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ओवर द टॉप यानी ओटीटी प्लेटफार्म के जरिए क्रियटिविटी परोसने की शुरूआत फिल्म गैंग्स ऑफ वासेपुर फेम निर्देशक अनुराग कश्यप के कर कमलों से हुई। वेबसीरीज का नाम था सेक्रेड गेम्स। इसके बाद अमेजन प्राइम पर स्ट्रीम हुई मिर्जापुर नामक वेबसीरीज ने तहलका मचा दिया और ओटीटी प्लेटफार्म पर व्यूअर्स की संख्या तेजी से बढ़ गई। ऑनलाइन वेब सीरीज में सेक्रेड गेम्म सीरीज, मिर्जापुर, लस्ट स्टोरीज और फोर शॉट्स मोर प्लीज अपने बोल्ड कंटेंट के चलते खूब हिट हुए हैं।

वेबसीरीज के नाम पर अघोषित स्वच्छंदता के पायदान से भी ऊंची बुनी गई सेक्रेड गेम्स मशहूर लेखक विक्रम चंद्रा की वर्ष 2006 में पब्लिश बुक सेक्रेड गेम पर बेस्ड थी। बेहद बोल्ड कंटेंट और विजुअल के साथ दर्शकों को परोसी गई सेक्रेड गेम्स के लिए दर्शक पहले से ही उत्सुक थे। पहले ही एपीसोड में सेक्रेड गेम्स एक खास वर्ग की चार्टबस्टर में शामिल हो गई।

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सेक्रेड गेम्स के कंटेंट का करिश्मा ही था कि देखते ही देखते वेबसीरीज को दर्शकों पर परोसने वाली कंपनी नेटफिलिक्स के सब्सक्राइबर्स की संख्या ने आसमान चूम लिया। वेबसीरीज में व्यूअर्स की संख्या में तेजी से इजाफे का श्रेय बगैर सेंसरशिप और सर्टीफिकेशन के कंटेंट परोसा जाना है, क्योंकि अभी तक ओटीटी प्लेटफार्म के लिए रेग्युलेटरी ही नहीं बनी हैं।

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वर्तमान समय में वेबसीरीज के नाम पर बोल्ड कंटेंट और विजुअल परोसने वाले प्लेटफार्म में तेजी से इजाफा हुआ है। एक खास वर्ग को ध्यान पर रखकर फिल्माए जा रहे वेबसीरीज को ओटीटी प्लेटफार्म पर बिंदास कमाई कर रहीं कंपनियों में हॉट स्टार शीर्ष है। हॉट स्टार के बाद नेटफिलिक्स दूसरे नंबर की कंपनी है, जो लोगों तक बोल्ड और एडल्ट कंटेट पहुंचाने में अग्रणी नाम हैं।

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इनमें जियो, जी5, वूट, अरे, सोनीलिव, उल्लू, अमेजन प्राइम, ALT बालाजी और इरोज नाऊ भी शामिल हैं, लेकिन उल्लू और ALT बालाजी एप्स पर परोसे जा रहे कंटेंट को पोर्नोग्राफी के बिल्कुल नजदीक कहे जा सकते हैं। उस पर तुर्रा यह है कि उपरोक्त अग्रणी कंपनियों ने बोल्ड कंटेंट और विजुअल्स पर सवाल उठाने के खिलाफ एक सेल्फ सेंसरशिप भी तैयार कर ली है, जिसका जवाबदेही कौन होगा यह तय नहीं है।

कुछ दिनों पहले हरप्रीत एस होरा नामक एक वकील ने वेबसीरीज पर दिखाए जा रहे गाली-गलौज वाले कंटेंट और फूहड़ विजुअल के खिलाफ शीर्ष कोर्ट में याचिका दाखिल की और वेबसीरीज के कंटेंट पर सेंसरशिप की गुहार लगाई, लेकिन कोर्ट में उसकी याचिका रद्द हो गई। जस्टिस फॉर राइट्स फाउंडेशन नामक एक एनजीओ चलाने वाले हरप्रीत ने कोर्ट से अश्लीलता से प्रेरित कंटेंट को नियंत्रित करने के लिए कानून बनाने की अपील की थी।

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उनका मानना था कि ओटीटी प्लेटफार्म पर दिखाए जा रहे वेबसीरीज के कंटेंट का सेंसर होना चाहिए और बॉलीवुड फिल्मों की तरह उसे सेंटर बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टीफिकेशन में भेजा जाना चाहिए। एनजीओ ने आरोप था कि वेबसीरीज में दिखाए जाने वाले कंटेट सूचना प्रोद्योगिकी एक्ट और भारतीय दंड संहिता दोनों का उल्लंघन करती है।

गौरतलब है वर्तमान में जिसे तेजी से ओटीटी प्लेटफार्म पर व्यूअर्स की संख्या बढ़ रही है। माना जा रहा है कि भारत में ओटीटी मार्केट 2023 तक 3.60 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगी। एक रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2018 तक यह मार्केट 35 हजार करोड़ रु. का था, लेकिन इंटरनेट की बढ़ती स्पीड और स्मार्टफोन यूजर की संख्या में तेजी हो रहे इजाफे से भारत में ओटीटी मार्केट 15% की तेज रफ्तार से बढ़ रहा है।

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क्या है ओटीटी प्लेटफार्म, जहां परोसी जा रही है फूहड़ता

क्या है ओटीटी प्लेटफार्म, जहां परोसी जा रही है फूहड़ता

बिना किसी केबल अथवा सेटेलाइट प्रोवाइडर के हाई स्पीड इंटरनेट के माध्यम से टीवी और फिल्म कंटेंट देखने की सुविधा देने वाले सिस्टम को ओवर द टॉप (ओटीटी) प्लेटफॉर्म कहा जाता है। भारत में प्रमुख ओटीटी प्लेटफॉर्म हॉटस्टार, अमेजन प्राइम, नेटफ्लिक्स, वूट, जी5, सोनी लाइव है। तेजी से बढ़ते ओटीटी प्लेटफॉर्म डीटीएच ऑपरेटर्स को बड़ी चुनौती दी है। लोगों तक इंटरनेट की बढ़ती पहुंच, नेट स्पीड, स्मार्टफोन की बढ़ती संख्या की वजह से ओटीटी प्लेटफॉर्म तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं और टीवी सेट्स घरों में महज अब गजेट बनकर रह गए हैं।

 अभी सेंसर मुक्त हैं ओटीटी पर परोसे जा रहे कंटेंट

अभी सेंसर मुक्त हैं ओटीटी पर परोसे जा रहे कंटेंट

ओटीटी प्लेटफार्म पर परोसे जाने वाले कंटेंट और विजुअल्स अभी सेंसर मुक्त हैं। वेबसीरीज में दिखाए जाने वाले बोल्ड और गाली-गलौज के खिलाफ कुछ एनजीओ और संस्थाओं ने कोर्ट का रूख जरूर किया, लेकिन कोई नियमन जैसी व्यवस्था ओटीटी प्लेटफार्म के लिए नहीं होने से कोर्ट ने याचिका को सुनने से इनकार कर दिया है। हालांकि काफी हो-हल्ला मचने के बाद ओटीटी प्लेटफार्म के जरिए लोगों को कंटेट परोसने वाली नामचीन कंपनियों एक सेल्फ सेंसर कोड तैयार किया है, जहां गैर जरूरी विजुअल्स और कंटेट पर कैंची चलाने की बात कही गई है।

आई बी मिनिस्ट्री भी सर्टिफिकेशन की कर रही है तैयारी

आई बी मिनिस्ट्री भी सर्टिफिकेशन की कर रही है तैयारी

ओटीटी प्लेटफार्म पर बढ़ती फूहड़ता और गाली-गलौज वाले सामग्रियों के खिलाफ विरोध के बाद सूचना और प्रसारण मंत्रालय ऑनलाइन ओटीटी कंटेंट के सर्टिफिकेशन की तैयारी कर रही है। जल्द ही सूचना और प्रसारण मंत्रालय और मिनिस्ट्री फॉर इलेक्ट्रानिक्स और इन्फॉरमेशन टेक्नोलॉजी हितधारकों के साथ बैठकर एक मीटिंग करने जा रही है, जिसमें ऑनलाइन कंटेंट के विनियमन और सर्टीफिकेशन पर चर्चा गहन चर्चा की जाएगी। संभावना जताई जा रही है कि ऑनलाइन कंटेंट पर सर्टीफिकेन लागू हो सकती है।

ओटीटी प्लेटफार्म पर 55 फीसदी लोग करते हैं मनोरंजन

ओटीटी प्लेटफार्म पर 55 फीसदी लोग करते हैं मनोरंजन

एक सर्वे के मुताबिक देश में 55% लोग टीवी शो, फिल्में, स्पोर्ट और दूसरे कंटेंट ओटीटी प्लेटफॉर्म (ओवर द टॉप) जैसे, हॉटस्टार, अमेजन प्राइम, नेटफ्लिक्स पर देख रहे हैं। 41% लोग कंटेंट देखने के लिए डीटीएच प्लेटफॉर्म जैसे, टाटा स्काई, डिश टीवी का इस्तेमाल करते हैं। ओटीटी प्लेटफार्म के विस्तार के पीछे इसकी मूवेबिलिटी है। मोबाइल फोन के माध्यम से यूजर सफर में या घर से बाहर कहीं भी वीडियो कंटेंट देखने की सुविधा होने के चलते ओटीटी के प्रचनल को काफी बढ़ा दिया है, जहां लोग अपनी पंसद के कंटेट बिना हिचक देख और सुन पा रहे हैं।

वर्ष 2023 तक 3.60 लाख करोड़ी होगा ओटीटी मार्केट

वर्ष 2023 तक 3.60 लाख करोड़ी होगा ओटीटी मार्केट

जैसी तीव्रता से पारंपरिक तरीकों को छोड़कर लोग ओटीटी प्लेटफार्म पर स्विच हो रहे हैं। उसे देखकर माना जा रहा है कि भारत में ओटीटी मार्केट 2023 तक 3.60 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच जाएगा। बोस्टन कंसल्टिंग ग्रुप की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2018 तक यह मार्केट 35 हजार करोड़ रु. का था, लेकिन इंटरनेट की बढ़ती स्पीड और स्मार्टफोन यूजर की संख्या में तेजी हो रहे इजाफे से भारत में ओटीटी मार्केट 15% की तेज रफ्तार से बढ़ रहा है और वर्ष 2025 तक इसका वैश्विक मार्केट 17 फीसदी की रफ्तार से बढ़कर 240 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच सकता है।

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English summary
Information and broadcast ministry planning for certification for Web series running on OTT platform.Government stepping in this move because many protested for bold content of web series
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