• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

20 दिन में अमित शाह-मोदी की रणनीति के सामने दूसरी बार तार-तार हुई विपक्षी एकता

By विनोद कुमार शुक्ला
|

नई दिल्ली। राज्यसभा उपसभापति चुनाव में एकबार फिर विपक्षी दलों में टकराव खुलकर देखने को मिला जब एनडीए ने सदन में बहुमत न होने के बावजूद डिप्टी चेयरमैन के पद पर कब्जा जमा लिया। केवल 20 दिनों के अंदर ही एनडीए ने विपक्ष को सदन में दो बार मात दी है। पहली बार अविश्वास प्रस्ताव और इसके बाद उपसभापति चुनाव में एनडीए प्रत्याशी हरिवंश नारायण सिंह की जीत ने 2019 चुनाव से पहले महागठबंधन की कवायद में जुटे विपक्ष को दो लगातार झटके दिए हैं।

तीन तलाक को लेकर कांग्रेस सांसद का विवादित बयान, कहा- भगवान राम ने भी एक बार सीता को छोड़ दिया था

एनडीए के हरिवंश नारायण सिंह की जीत

एनडीए के हरिवंश नारायण सिंह की जीत

जदयू के राज्यसभा सदस्य हरिवंश नारायण सिंह के पक्ष में 125 वोट पड़े जबकि उनके प्रतिद्वंदी कांग्रेस के बीके हरिप्रसाद को 105 मत हासिल हुए। वहीं, राजनीति के कई जानकारों की मानें तो, कांग्रेस राज्यसभा में एनडीए के खिलाफ माहौल बनाने में नाकाम रही। ये केवल इसलिए नहीं कि कई बीजेपी विरोधी दलों जैसे आप और YSR ने कांग्रेस का समर्थन नहीं किया बल्कि कुछ ने एनडीए के लिए वोट भी किया।

विपक्षी दलों को एकजुट करने में असफल रही कांग्रेस

विपक्षी दलों को एकजुट करने में असफल रही कांग्रेस

कांग्रेस एक बार फिर विपक्षी दलों को एकजुट करने में असफल साबित हुई और बीजेपी ने उनके बीच पैठ बनाने में कामयाबी हासिल कर ली। बीजेपी ने जदयू उम्मीदवार को मैदान में उतारा, कांग्रेस भी अपने किसी सहयोगी दल को मौका दे सकती थी, पर उन्होंने ऐसा नहीं किया और उनकी ये रणनीति कई दलों की नाराजगी का कारण बन गई। बीजेपी ने यहां बीजेडी का समर्थन हासिल कर लिया जोकि विपक्ष के लिए एक बड़ा झटका था। वहीं, हरिवंश नारायण सिंह की अपनी छवि भी उनके पक्ष में गई।

राज्यसभा में कांग्रेस का रहा है दबदबा

राज्यसभा में कांग्रेस का रहा है दबदबा

लंबे समय से राज्यसभा में कांग्रेस का उपसभापति पद पर कब्जा रहा है।1977 में कांग्रेस के राम निवास मिर्धा उपसभापति पद के लिए चुने गए थे। इसके बाद से लगातार श्यामलाल यादव, एमएम जैकब, प्रतिभा पाटिल, नजमा हेपतुल्ला, रहमान खान और पीजे कुरियन जैसे कांग्रेस नेता राज्यसभा के उपसभापति पद पर रहे। यानी 41 सालों बाद कांग्रेस के हाथों से ये कुर्सी गई है।

राफेल डील पर संसद में विपक्ष ने मोदी सरकार को घेरा, विरोध प्रदर्शन में शामिल हुईं सोनिया गांधी

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Opposition unity against BJP falters once again as NDA wins Dy Chairman election
For Daily Alerts

Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more