मानसून सेशन के बाद विपक्ष ने ठुकराई शिष्टाचार बैठक, PM मोदी ने हंगामेबाजी पर उठाया सवाल
लोकसभा की कार्यवाही गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई, जिसके साथ ही महीने भर चलने वाले मानसून सेशन का समापन हो गया। लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने मानसून सत्र की साइन डाई उपस्थिति के बाद शिष्टाचार बैठक (Courtesy Meet) बुलाई। इस बैठक में राहुल गांधी समेत कोई भी विपक्ष का नेता शामिल नहीं हुआ।
सुबह 11 बजे पहले स्थगित होने के बाद सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे फिर से शुरू हुई, जिसमें बिरला ने खेद व्यक्त किया कि पूरे सेशन के दौरान बार-बार कार्यवाही को बाधित करने के प्रयास किए गए। उन्होंने कहा कि यह सभी के लिए आत्मनिरीक्षण का समय है, क्योंकि महीने भर के सेशन के दौरान ज्यादा चर्चा नहीं हो सकी।

सेशन 21 जुलाई को शुरू हुआ, जिसमें बिहार में मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) पर चर्चा की मांग को लेकर पूरे विपक्ष ने प्रतिदिन कार्यवाही बाधित की।
कांग्रेस के कई युवा नेता बेहद प्रतिभाशाली- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक चाय पार्टी के दौरान एनडीए नेताओं से कहा कि विपक्ष, खासकर कांग्रेस के कई युवा नेता बेहद प्रतिभाशाली हैं, लेकिन 'पारिवारिक असुरक्षा' के कारण उन्हें बोलने का मौका नहीं मिलता। सूत्रों के मुताबिक, पीएम मोदी ने आगे कहा कि ऐसे युवा नेताओं की मौजूदगी राहुल गांधी को असुरक्षित और घबराहट महसूस करा सकती है।
'विपक्ष का काम केवल व्यवधान पैदा करना'
सूत्रों ने बताया कि बैठक में कोई भी विपक्षी नेता शामिल नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि पीएम मोदी ने संसद सत्र को अच्छा बताया क्योंकि इसमें महत्वपूर्ण विधेयक पारित हुए। प्रधानमंत्री ने प्रमुख विधेयकों पर बहस से दूर रहने के लिए विपक्ष की आलोचना की। उन्होंने कहा, 'वे केवल व्यवधान पैदा करने में लगे रहे।'
अब सट्टेबाजी के ऑनलाइन गेम्स पर लगेगा बैन
संसद ने 20 अगस्त को ऑनलाइन गेमिंग प्रमोशन और रेगुलेशन बिल, 2025 पास किया। यह बिल ऑनलाइन पैसे वाले गेम्स पर सख्त नियम और जुर्माने लगाने का प्रावधान करता है, चाहे वह कंपनियां हों, उनके प्रमोटर हों या नियम तोड़ने वाले व्यक्ति।
AIGF ने गृह मंत्री अमित शाह को लिखा पत्र
यह बिल तेजी से बढ़ते, लेकिन विवादास्पद ऑनलाइन गेमिंग सेक्टर को नियंत्रित करने के लिए लाया गया है। इसके तहत पैसे वाले ऑनलाइन गेम्स पर प्रतिबंध लगाया जाएगा और उल्लंघन करने वालों को कड़ी सजा दी जाएगी। ऑल इंडिया गेमिंग फेडरेशन (AIGF) ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है और बिल पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनका कहना है कि पूरी तरह से प्रतिबंध लगाने से इस सेक्टर को बहुत नुकसान हो सकता है।












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