आधार को वोटर कार्ड से जोड़ने वाला विधेयक लोकसभा से पास, किरण रिजिजू बोले- विपक्ष अफवाह ना फैलाए
नई दिल्ली, दिसंबर 20। वोटर आईडी कार्ड को आधार कार्ड से जोड़ने वाला 'चुनाव कानून (संशोधन)' विधेयक सोमवार को लोकसभा से पास पारित हो गया। सरकार के लिए इस विधेयक को लोकसभा से पारित कराना ज्यादा बड़ी चुनौती थी नहीं, लेकिन राज्यसभा में इस बिल पर विपक्ष के विरोध का सामना सरकार को करना पड़ सकता है, क्योंकि विपक्ष लगातार इस विधेयक को लेकर सरकार को घेर रहा है।
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चुनाव सुधार की दृष्टि से अहम है ये विधेयक- रिजिजू
विपक्ष के हंगामे के बीच केंद्रीय मंत्री किरण रिजिजू ने इस विधेयक को लेकर विपक्ष की सभी गलतफहमियों को दूर करने की कोशिश की है। उन्होंने कहा है कि यह विधेयक चुनाव सुधार की दृष्टि से बहुत ही अहम होगा, इस विधेयक के पारित हो जाने के बाद हम फर्जी वोटरों को लिस्ट से बाहर करना अनिवार्य कर देंगे।
'संसदीय स्थायी समिति ने की थी इस विधेयक की सिफारिश'
किरण रिजिजू ने कहा कि वर्तमान में आधार को वोटर कार्ड सो जोड़ना अनिवार्य नहीं है, ये स्वैच्छिक है। किरण रिजिजू ने कहा कि संसदीय स्थायी समिति ने इसकी सिफारिश की है और हमें इसे अधिनियम में बदलने की प्रक्रिया में तेजी लाने के लिए कहा है। किरण रिजिजू ने विपक्ष के हंगामे को लेकर कहा कि हम सभी दलों को मिलकर चुनाव सुधारों पर चर्चा करनी चाहिए, हमने विपक्ष से इस चर्चा में भाग लेने और अपनी राय रखने की बात कही है, लेकिन विपक्ष सिर्फ हंगामा ही करना चाहता है।
केंद्रीय मंत्री ने गिनाए विधेयक के फायदे
- किरण रिजिजू ने इस विधेयक के फायदे बताते हुए कहा कि जब ये कानून बनेगा तो देश में फर्जी वोटरों का पता लगाना आसान होगा।
- इससे एड्रेस पता करने में मदद होगी और फर्जी मतदान को रोका जा सकेगा।
- किरण रिजिजू ने बताया कि अधिनियम (1951 के लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम) में "पत्नी" शब्द को बदलकर स्पाउस (जीवनसाथी) किया है। चुनाव परिसर अधिग्रहण की सीमा का विस्तार करने के दायरे को बढ़ाया है।












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