Operation Sindoor: भारतीय सेना के वो खतरनाक हथियार, 25 मिनट में तबाह किए पाक आतंकियों के ठिकाने
Indian forces new age weapons: भारतीय सेना के "ऑपरेशन सिंदूर" की चर्चा दुनिया भर में हो रही है। इस ऑपरेशन में हमारी भारतीय सेना ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में स्थित नौ आतंकी ठिकानों पर मिसाइलों से सटीक निशाना बना कर ध्वस्त कर दिए और 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया है।
भारतीय सेना ने ऑपरेशन सिंदूर में मिसाइल, बम और अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल कर ये बता दिया है कि भारत सैन्य शक्ति कितनी मजबूत और एडवांस है। भारत ने ये भी संदेश दे दिया है कि हमारे वतन की सुरक्षा की जब बात आती है तो हमें इसका इस्तेमाल करना भी अच्छी तरह से आता है।

6 मई की रात पाकिस्तान और पीओके पर की गई एयर स्ट्राइक के बाद प्रेस ब्रीफिंग में भारतीय वायुसेना की पायलट विंग कमांडर व्योमिका सिंह बताया कि "ऑपरेशन सिंदूर" में वारहेड्स वाले अत्याधुनिक तकनीक वाले हथियारों का (niche-technology weapon) इस्तेमाल किया गया लेकिन उन्होंने हथियारों के नाम नहीं बताए।
ऐसे में आइए जानते हैं कि भारतीय सेना के पास कौन से वो अत्याधुनिक हथियार और मिसाइल हैं, जिनका इस्तेमाल ऑपरेशन सिंदूर जैसे ऑपरेशन में करके भारत ने पाकिस्तान और पीओके के आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया होगा।
बता दें भारत पिछले कुछ वर्षों में सैन्य शक्ति के मामले में काफी मजबूत हुआ है। भारतीय सेना के पास अत्याधुनिक हथियारों का दुर्जेय शस्त्रागार है। जिसमें लंबी दूरी से टॉरगेट पर वार करने वाले हथियार और ड्रोन हैं जिनका इस्तेमाल ऑपरेशन सिंदूर में करके भारत ने पाकिस्तान से पहलगाम हमले का बदला लिया है।
हैमर (HAMMER)
- हैमर हवा से जमीन पर दूर से वार (Smart Air-to-Ground) करने वाला अत्याधुनिक हथियार है।
- फ्रांसीसी एयरोस्पेस, रक्षा और सुरक्षा निगम सफ़रान ने इसे मिलकर बनाया है। जिसका इस्तेमाल संभवत: ऑपरेशन सिंदूर में किया गया है।
- हैमर बम 250 किलोग्राम और 1000 किलोग्राम का होता है। ये रॉकेट बूस्टर वाला हथियार एक तरह का एडवांस बम है जो लंबी दूरी से लक्ष्य को भेदता है, जिससे नागरिक क्षति न्यूनतम होती है।
- GPS, लेजर या थर्मल इमेजिंग जैसी उन्नत तकनीकी इसमें लैस है जिसकी बलौलत ये सीधे टॉरगेट पर वॉर करता है।
- इसमें पीछे एक किट होती है जो इसे दूर तक उड़ने में सहायता करती है। इसे कम ऊंचाई से उबड़-खाबड़ इलाकों में लॉन्च किया जा सकता है।
- ये स्टेल्थ क्षमताओं से लैस क्रूज मिसाइल है। ये रात के अंधेरे में और किसी भी मौसम में इसे टॉरगेट का निशाना बनाने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है।
- इसमें अत्यधिक सटीक नेविगेशन प्रणाली इनर्शियल नेविगेशन सिस्टम (INS), ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (GPS) है जो बंकरों और गोला-बारूद के भंडार में सीधे घुस कर वार करती है।
- इस मिसाइल की रेंज 450 किलोमीटर तक है। इसमें स्टॉर्म शैडो सिस्टम है जिसके कारण ये दुश्मन के रडार में भी नहीं आता है।
- ऑपरेशन सिंदूर में भी संभवत: इसी मिसाइल का इस्तेमाल कर भारतीय सेना के विमान ने आतंकी ठिकानों को खाक में मिलाया था।
मेट्योर (METEOR)
- मेट्योर एक उन्नत बियॉन्ड विजुअल रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल (BVRAAM) है।
- जिसे इलेक्ट्रॉनिक युद्ध में प्रभावित वातावरण में भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- MBDA द्वारा इस मिसाइल की खासियत इस सॉलिड-फ्यूल 'रैमजेट' मोटर है। जिसकी मदद से ये अवरोध होने पर भी ये लक्ष्य तक पहुंचने में काययाब रहती है।
- यह किसी भी एयर-टू-एयर मिसाइल प्रणाली का सबसे बड़ा 'नो एस्केप ज़ोन' है।
- मेट्योर की स्थिति 'नो एस्केप ज़ोन' वाली हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल के रूप में सुरक्षित हो जाती है।
ब्रह्मोस मिसाइल (BrahMos missile)
- ब्रह्मोस मिसाइलों को भारत के रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और रूस के NPO मशीनोस्ट्रोयेनिया ने मिलकर बनाया है। ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलें टारगेट पर सटीक निशाना लगाने में सक्षम है।
- ब्रह्मोस मिसाइल भारत की तीनों जल थल और वायु सेना के पास है।
- ये मिसाइल लगभग मैक 3 की गति तक अपन लक्ष्य तक पहुंचने में सक्षम है। जिससे कम समय में लक्ष्य तक पहुंचती हैं और तेजी से हमला होता है।
- ब्रह्मोस मिसाइलें "फायर एंड फॉरगेट" सिद्धांत पर काम करती हैं, जो अपने लक्ष्यों की ओर विभिन्न उड़ान पथों को अपनाती हैं।
- यह 15 किलोमीटर तक की ऊंचाई पर उड़ सकती है और अपने अंतिम चरण में 10 मीटर तक नीचे उतर सकती है।
- इसके अलावा, यह 200-300 किलोग्राम वजन के पारंपरिक वारहेड ले जाने में सक्षम है।
- शक्ति ब्रह्मोस भारत की बड़ी सैन्य शक्ति है।
- हाल के दिनों में, कुछ ब्रह्मोस मिसाइलों की रेंज लगभग दोगुनी हो गई है,ये जमीन पर ही नहीं, समुद्री लक्ष्यों को टारगेट करने में सक्षम हैं।












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