• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

Operation Lotus 3 फेल : क्यों देश बदलने वाले बदल लेते हैं वेष?

By प्रेम कुमार
|

नई दिल्ली। कर्नाटक में मिशन 2019 के लिए ऑपरेशन लोटस 3 चला, मगर यह फेल हो गया लगता है। कुमारस्वामी आगे भी 'राज'कुमारस्वामी बने रहेंगे। कांग्रेस इस राजकुमार को 'महाराजा' बनाकर राज करती रहेगी। मगर, इस ऑपरेशन लोटस 3 ने यह दिखला दिया है कि राजनीति किस तरह सरकार बनाने-गिराने, ष़डयंत्र और खरीद-फरोख्त का खेल बनकर रह गयी है। ऐसा खेल, जिसमें कोई स्पोर्ट्समैनशिप नहीं है, बल्कि नफ़रत है। फॉऊल खेलकर जीतने की ललक है।

Operation Lotus 3 फेल: क्यों देश बदलने वाले बदल लेते हैं वेष

कहते हैं कि विभीषण नहीं होते, तो रावण की हार नहीं होती। मगर, यह कहावत अधूरी है क्योंकि कुछ लोग मानते हैं कि विभीषण भी जरूरी है। क्योंकि, विभीषण न होते तो राम की जीत नहीं होती। कर्नाटक की सियासत में लोटस 3 के शुरू होने और इसके असफल होने के पीछे हर खेमे में एक-एक विभीषण दिखते हैं। बस, देखने के लिए नज़र चाहिए।

इसे भी पढ़ें:- हंगामा है क्यों बरपा, मायावती ने प्रधानमंत्री पद पर आरक्षण तो नहीं मांगा

कर्नाटक में मिशन 2019 के लिए चला ऑपरेशन लोटस 3

कर्नाटक में मिशन 2019 के लिए चला ऑपरेशन लोटस 3

कुमारस्वामी सरकार के पास आंकड़े पूरे थे। महज 2 विधायकों के पाला बदल लेने से सरकार पर कोई ख़तरा वास्तव में था नहीं। मगर, हलचल ऐसी मची मानो सरकार गिरने ही वाली थी। इसके भी कारण थे। कांग्रेस के भीतर सिद्धारमैया पूर्व मुख्यमंत्री हैं और डीके शिवकुमार वर्तमान सरकार के मेंटर हैं। दोनों के बीच अनबन की ख़बर ने इस मौके को बीजेपी के लिए ‘ऑपरेशन लोटस 3' का ‘शानदार' मौका बना दिया। सत्ता के लिए लार टपकाती रही बीजेपी ने शुरू कर दिया ऑपरेशन लोटस 3. इसके लिए माहौल बनाना जरूरी था। ऐसा माहौल जिसमें लगे कि एचडी कुमारस्वामी की सरकार गिरने वाली है। बीजेपी ने अपने विधायकों को गुरुग्राम के रिजॉर्ट में बुला लिया। आरोप लगाया कि उनके विधायकों को सरकार तोड़ सकती है। यह तो एक पहलू था।

कर्नाटक में ऐसे गरमाई सियासत

कर्नाटक में ऐसे गरमाई सियासत

दूसरा पहलू ये था कि कुमारस्वामी खेमे में कांग्रेसी विभीषण की मदद ली गयी। कांग्रेस के 5 विधायक लापता हो गये। इस ख़बर की बुनियाद पर एक और अफवाह को खड़ा किया गया कि कांग्रेस के करीब 20 विधायक टूट सकते हैं। इस तरह उन्हें इस्तीफे दिलवाकर येदियुरप्पा की सरकार बन जाएगी और बाद में उन्हें लोटस सिम्बल पर चुनाव लड़ाकर विधानसभा पहुंचा दिया जाएगा। यह ख़बर कांग्रेस के संकटमोचक डीके शिवकुमार के लिए भी बेचैन करने वाली थी। मुख्यमंत्री कुमारस्वामी का रोल सिर्फ इतना रहा कि उन्होंने भी एक अफवाह फैला दी कि बीजेपी के कुछ विधायक उनके सम्पर्क में हैं। मगर, अब बीजेपी के ऑपरेशन लोटस 3 को फेल करना तब तक मुमकिन नहीं था जब तक कि बीजेपी खेमे में कोई विभीषण न खोज लिया जाए।

डीके शिवकुमार ने संभाला मोर्चा

डीके शिवकुमार ने संभाला मोर्चा

डीके शिवकुमार ने अपने तुरूप के सारे तीर चले। आखिरकार वे मुम्बई पहुंचने में कामयाब रहे। मुम्बई पहुंचने से मतलब मुम्बई की दूरी तय करना कतई ना समझें। वह तो कोई भी तय कर सकता है। दरअसल वे बीजेपी के कद्दावर नेता नितिन गडकरी से मिलने में कामयाब रहे। कहने को तो पुरानी दोस्ती इस मुलाकात का बहाना रही। मगर, जादुई ढंग से इस मुलाकात के बाद लापता सभी 5 विधायकों का पता-ठिकाना मिल गया। वे सुरक्षित कांग्रेस खेमे में लौट आए। ऑपरेशन लोटस 3 फेल हो गया। बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह जो कर्नाटक में 2019 लोकसभा चुनाव के लिए 28 सीटों में से 20 सीट का लक्ष्य तय कर चुके हैं, उनके लिए यह ‘सुअवसर' था कि एक बार अगर येदियुरप्पा सरकार बन जाती तो लक्ष्य को बढ़ाया भी जा सकता था। मगर, ऑपरेशन लोटस 3 का फेल होना और उन्हें स्वाइन फ्लू होना दोनों घटनाएं एक साथ हो गयीं। सारी उम्मीदों पर पानी फिर गया।

ऐसे फेल हुआ ऑपरेशन लोटस 3

ऐसे फेल हुआ ऑपरेशन लोटस 3

जब-जब ऑपरेशन लोटसनुमा चीजें होती हैं तो अक्सर सवाल विधायकों की ईमानदारी पर उठते हैं। उनके बिकाऊ होने की बात कही जाती है। मगर, क्या वास्तव में विधायक बिकाऊ हैं? अगर ऐसा है तो चंद विधायक जिनकी चर्चा हो रही होती है उन्हें छोड़कर बाकी सभी क्या बिकाऊ नहीं हैं? अगर यह बात सही है तो राजनीति के बाज़ार में दुर्गंध तो बहुत सीमित है! फिर चिन्ता किस बात की? चिन्ता की बात विधायकों से शुरू नहीं होती। अगर वे बिकाऊ होते हैं तो उनका खरीददार कौन है? विधायकों के खरीददार हैं खुद राजनीतिक दल। राजनीतिक दलों शीर्ष नेता ही ईमान का सौदा करते हैं। देश बदलने वाले लोग दरअसल वेष बदल कर बात करने लग जाते हैं। चूकि ऐसे लोग हर दल हैं, हर ओर हैं इसलिए ऑपरेशन लोटस कभी सफल होता है कभी फेल हो जाता है। इसलिए न विधायकों को कोसिए, न उन विभीषणों को जिनकी वजह से ऑपरेशन लोटस शुरू होता है और जिनकी ही वजह से ख़त्म भी। कोसना है तो वेष बदल देश की बात करने वालों को कोसिए।

इसे भी पढ़ें:- क्यों मोदी-शाह की नींद उड़ाएगा सपा-बसपा का ये महागठबंधन?

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Operation Lotus 3: Karnataka HD Kumarswamy Government BJP Congress.
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more