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20 मार्च को फांसी टलवाने के लिए निर्भया के दोषियों के वकील मंगलवार को करेंगे ये काम, क्या टलेगी फांसी

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बेंगलुरु। निर्भया गैंगरेप और मर्डर केस में 20 मार्च को चारों दोषियों को फांसी पर लटकाया जाना हैं। जैसे-जैसे ये तारीख नजदीक आ रही वैसे-वैसे दोषियों की बेचैनी बढ़ती जा रही हैं। वहीं इन दरिंदों के वकील एपी सिंह ने इनकी फांसी इस बार भी टलवाने के लिए सारी तैयारी कर ली हैं। 20 मार्च को दोषियों की फांसी ए‍क बार फिर टलवाने के लिए मंगलवार को एक और पैतरा चलने की पूरी तैयारी कर ली है।

वकील एपी सिंह फांसी टलवाने के लिए चलेंगे ये चाल

वकील एपी सिंह फांसी टलवाने के लिए चलेंगे ये चाल

बता दें पटियाला हाउस कोर्ट दोषियों के वकील एपी सिंह द्वारा एक के बाद एक बाद एक कानूनी विकल्पों के आधार पर कानूनी दांव पेंच चले जाने के कारण अब तक तीन बार जारी किया डेथ वारंट रद्द कर चुका है।वहीं इस बार फिर निर्भया के दोषी सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट और कड़कडडूमा कोर्ट में लंबित होने के आधार पर पटियाला हाउस कोर्ट का रुख करेगे। दोषियों के वकील सिंह ने कहा है कि याचिकाएं लंबित होने की स्थिति में पटियाला हाउस कोर्ट में फांसी कानूनी तौर पर स्‍थगित किया जाना चाहिए। इसलिए वह सभी तर्को को मंगलवार को पटियाला हाउस कोर्ट में रखेंगे ताकि जब तक फांसी नहीं दी जा सकती।

दया याचिका दाखिल करने वाले निर्भया के हत्‍यारें मुकेश ने निर्भया को लेकर दिया था ये बेशर्मी भरा बयान

पवन की इस याचिका पर कोर्ट ने 8 अप्रैल तक मांगी है रिपोर्ट

पवन की इस याचिका पर कोर्ट ने 8 अप्रैल तक मांगी है रिपोर्ट

दोषी पवन ने 11 मार्च को कड़कड़डूमा कोर्ट में मंडोली जेल के दो पुलिसकर्मियों पर मारपीट का आरोप लगाकर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के लिए याचिका दायर की है। याचिका के आधार पर न्यायाधीश ने 12 मार्च को जेल प्रशासन को नोटिस जारी कर आरोपी पुलिसकर्मियों पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट 8 अप्रैल तक मांगी है। याचिका में दोषी पवन ने आरोप लगाया है कि पुलिस कर्मियों द्वारा की गई मारपीट में उसके सिर पर गंभीर चोट लगी है। नियम है कि अगर किसी दोषी की कोई भी याचिका लंबित है तो ऐसी स्थिति में फांसी नहीं दी जा सकती।

जानें मौत से बचाने के लिए निर्भया के दरिंदों से कितनी फीस लेते हैं वकील एपी सिंह?

विनय ने दया याचिका खारिज होने के फैसले को दी है चुनौती

विनय ने दया याचिका खारिज होने के फैसले को दी है चुनौती

निर्भया के दोषी विनय शर्मा ने 13 मार्च को हाईकोर्ट में अपनी दया याचिका खारिज होने के फैसले को चुनौती दी। याचिका में दोषी विनय के वकील ने दावा किया कि एक फरवरी 2020 को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद द्वारा उनके मुवक्किल की दया याचिका खारिज किए जाने में प्रक्रियागत खामियां और सांविधानिक अनियमितताएं थीं। उन्होंने दावा किया कि दया याचिका खारिज करने के लिए राष्ट्रपति के पास भेजी गई अनुशंसा में दिल्ली के गृह विभाग के मंत्री सत्येंद्र जैन के हस्ताक्षर नहीं हैं। याचिका में आरोप लगाया गया है कि दया याचिका खारिज करने के लिए इस्तेमाल की गईं शक्तियां अवैध, असांविधानिक, न्यायिक विफलता और भारत के निर्वाचन आयोग के सांविधानिक मूल्यों की विफलता है। याचिका पर फांसी की तारीख से पहले चार दिनों में सुनवाई हो सकती है।

दोषियों ने अब खटखटाया अंतराष्‍ट्रीय कोर्ट का दरवाजा

दोषियों ने अब खटखटाया अंतराष्‍ट्रीय कोर्ट का दरवाजा

गौरतलब हैं कि मौत की तारीख नजदीक आते ही एक के बाद निर्भया के दोषी एक के बाद एक नई-नई अर्जियां अलग-अलग जगह दाखिल कर ये सभी फांसी पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं। चार दोषियों में से तीन विनय, पवन और अक्षय ने इंटरनेशनल कोर्ट का रुख किया है। तीनों ने आईसीजे में अर्जी देकर मांग की है कि उनकी फांसी की सजा पर रोक लगाई जाए। दोषियों के वकील एपी सिंह ने कहा है कि फांसी की सजा के खिलाफ दुनियाभर के विभिन्न संगठनों ने आईसीजे का दरवाजा खटखटाया है। विदेशों में बसे लोगों को भारतीय न्याय व्यवस्था पर भरोसा नहीं है। इसलिए उन्होंने आईसीजे का दरवाजा खटखटाया है।

दोषियों के 13 परिजनों ने मांगी इच्छामृत्यु

दोषियों के 13 परिजनों ने मांगी इच्छामृत्यु

गुनहगारों के बुजुर्ग माता-पिता, भाई-बहन व बच्‍चों सहित 13 परिजनों ने रविवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को चिट्ठी भेजकर अपने लिए इच्छामृत्यु की अनुमति मांगी है। चिट्‌ठी में कहा गया है कि हमारे अनुरोध को स्वीकार करें और भविष्य में होने वाले किसी भी अपराध को रोकें, ताकि निर्भया जैसी दूसरी घटना न हो और अदालत को ऐसा न करना पड़े कि एक के स्थान पर पांच लोगों को फांसी देनी पड़े।''उन्‍होंने चिट्ठी में लिखा है कि ऐसा कोई पापी नहीं हैं, जिन्हें माफ नहीं किया जा सकता है।

16 दिसंबर 2012 को 6 दोषियों ने निर्भया से दरिंदगी की थी

16 दिसंबर 2012 को 6 दोषियों ने निर्भया से दरिंदगी की थी

दिल्ली में पैरामेडिकल छात्रा से 16 दिसंबर, 2012 की रात 6 लोगों ने चलती बस में दरिंदगी की थी। गंभीर जख्मों के कारण 26 दिसंबर को सिंगापुर में इलाज के दौरान निर्भया की मौत हो गई थी। घटना के 9 महीने बाद यानी सितंबर 2013 में निचली अदालत ने 5 दोषियों... राम सिंह, पवन, अक्षय, विनय और मुकेश को फांसी की सजा सुनाई थी। मार्च 2014 में हाईकोर्ट और मई 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सजा बरकरार रखी थी। ट्रायल के दौरान मुख्य दोषी राम सिंह ने तिहाड़ जेल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। एक अन्य दोषी नाबालिग होने की वजह से 3 साल में सुधार गृह से छूट चुका है।

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English summary
Nirbhaya case: on 20 March, the lawyers of the convicts will do this work on Tuesday to postpone the execution
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