कोणार्क सूर्य मंदिर की नक्काशी समेत राज्य में छिपे इतिहास का पता लगाएगा ओडिशा अनुसंधान केंद्र: प्रधान
ओडिशा अनुसंधान केंद्र उड़िया मूर्तिकारों द्वारा कोणार्क सूर्य मंदिर की पत्थर की नक्काशी के पीछे वैज्ञानिक कारण और अंतर्निहित प्रक्रिया का पता लगाएगा। इसके अलावा केंद्र सरकार की आगामी एक अहम योजना के तहत ओडिशा अनुसंधान केंद्र राज्य के छिपे हुए अन्य इतिहास का पता लगाएगा।

ये बात केंद्रीय शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान ने रविवार को भारत के संविधान दिवस के मौके पर आयोजित एक समारोह में ओआरसी का उद्घाटन करते हुए कही। इस समारोह में राज्यपाल रघुबर दास, छत्तीसगढ़ के राज्यपाल विश्वभूषण हरिचंदन और सांसद भर्तृहरि महताब की उपस्थिति रहे।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधान ने कहा
केंद्र ज्ञान प्रथाओं को बढ़ावा देगा। उचित शोध के अभाव में ओडिशा का समृद्ध और गौरवशाली इतिहास अभाव के कारण केवल लोककथाओं तक ही सीमित रह गया है। प्रधान ने बताया केंद सरकार ओडिशा राज्य के लिए अगले दो दशकों के लिए एक रोडमैप तैयार कर रही है जो 2036 में अपने गठन की एक शताब्दी पूरी करेगा।
'ओडिशा की ज्ञान परंपरा: एक भविष्यवादी रूपरेखा' विषय पर एक सेमिनार को संबोधित करते हुए प्रधान ने कहा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दूरदर्शी राष्ट्रीय शिक्षा नीति की भावना में, आईआईटी से आईआईएम तक बहु-विषयक शिक्षा को प्राथमिकता दी गई है। केंद्र ज्ञान प्रथाओं को बढ़ावा देगा और उड़िया मूर्तिकारों द्वारा कोणार्क सूर्य मंदिर की पत्थर की नक्काशी के पीछे वैज्ञानिक कारण और अंतर्निहित प्रक्रिया का पता लगाएगा।












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