हैवानियत की हद: काम करने से मना करने पर मजदूरों के हाथ काट दिये

रिपोर्ट के अनुसार जयपटना ब्लाक की उत्चला ग्राम पंचायत की पांच महिलाओं सहित 12 मजदूरों को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में काम करने के लिए एडवांस में बिमल राउत और पर्षु नायक ने पैसे दिये। जिसके बाद राउत और नायक ने मजदूरों को अन्य ठेकेदारों को सौंप दिया। ठेकेदार की पकड़ से भाग जाने वाले एक मजदूर ने बताया कि वो हमसे हैदराबाद चलकर काम करने के लिए कह रहे थे जिस पर हम सहमत नहीं हुए और मौका देखकर वहां से भाग निकले लेकिन माझी और नियाल उनकी पकड़ में आ गये। जिसके बाद ठेकेदार उन्हें अपने साथियों के साथ नुआपाडा जिले ले गये और उन्हें प्रताडि़त किया।
बताया जाता है कि उन्हें फिर से बेलपाड़ा के जंगल ले जाया गया और उनकी हथेलियों को क्रूरतापूर्वक काट दिया गया। मजदूरों के अनुसार ठेकेदार का कहना था कि अगर उन्होने उनके लिए काम न किया तो वह किसी और के लिए काम नहीं कर सकेंगे, ऐसा कहने के बाद उनके हाथ काट दिये गये। भवानीपुर पुलिस ने मामले को रजिस्टर कर लिया है, हालांकि अभी जांच की शुरूआत नहीं हुई है।
घायल मजदूरों की हालत गंभीर है, उनका इलाज चल रहा है।












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