Odisha गांजा तस्करी, पुलिस की 'संलिप्तता' का संदेह, पुलिस स्टेशन में आग लगाई, VIDEO
ओडिशा के फूलबनी में गांजा तस्करी में पुलिसकर्मियों की कथित संलिप्तता के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान ओडिशा के कंधमाल जिले में उग्र भीड़ ने शनिवार को एक पुलिस थाने में आग लगा दी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी।
फ़िरिंगिया पुलिस स्टेशन में हुई घटना में कुछ पुलिसकर्मी घायल हो गए, जब स्थानीय लोग वहां गए, उन्होंने कुछ निरीक्षकों पर प्रतिबंधित सामग्री की "तस्करी में शामिल होने" का आरोप लगाया और थाने में आग लगा दी।

थाने में आगजनी के संबंध में समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, दक्षिणी रेंज आईजी सत्यब्रत भोई ने कहा, उन्होंने पुलिस स्टेशन के फर्नीचर में तोड़फोड़ की और कई दस्तावेज जला दिए।
ओडिशा टीवी (OTV) की खबर के अनुसार, SDPO को चोटें आई हैं। खबर के अनुसार, गांजा तस्करी में कथित संलिप्तता के आरोप में सैकड़ों लोगों की भीड़ ने बेरहमी से पिटाई कर एसडीपीओ को अधमरा कर दिया।
पुलिस स्टेशन को आग के हवाले किए जाने की घटना पर इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक आक्रोशित भीड़ की हिंसा और आगजनी में कई पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना पांच अगस्त की है।
गांजा के कारोबार में पुलिसकर्मियों की संलिप्तता और अधिकारियों पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए सैकड़ों गुस्साए ग्रामीणों ने शनिवार को कंधमाल जिले में उग्र प्रदर्शन किया। फिरिंगिया पुलिस स्टेशन पहुंची पुलिस ने थाने में आग लगा दी।
आंदोलनकारियों ने फूलबनी उप-विभागीय पुलिस अधिकारी (एसडीपीओ) सुप्रसना मल्लिक पर भी हमला किया। स्थानीय लोगों के अनुसार, गांजा से भरी एक पुलिस गाड़ी गुरुवार की रात एक तस्कर को गांजा बेचने के लिए बुधाकांबा गांव गई थी।
कथित तौर पर फ़िरिंगिया के सरपंच जलंधर कहानर और उनके पूर्ववर्ती विश्वरंजन कहानर ने इस पर ध्यान दिया और स्थानीय निवासियों के साथ मिलकर वाहन को रोक लिया।
कुछ स्थानीय लोगों ने घटना का वीडियो भी मोबाइल फोन में रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद, स्थानीय लोगों ने एसपी सुवेंदु कुमार पात्रा को वीडियो भेजकर तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
कंप्लेन पर एक्शन न लेने का आरोप लगाते हुए, स्थानीय लोगों ने फिरिंगिया पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर को ट्रांसफर करने की मांग की। स्थानांतरण और दो होम गार्डों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे लोगों ने फूलबनी-बालीगुडा रोड जाम किया।
पांच अगस्त की दोपहर फूलबनी एसडीपीओ पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और सड़क खाली कराने की कोशिश की। इसी समय आक्रोशित लोगों ने कथित तौर पर एसडीपीओ पर हमला किया। पुलिस टीम पर भी पथराव किया, जिससे पुलिस को भागने पर मजबूर होना पड़ा।
इसके बाद आंदोलनकारी पुलिस स्टेशन में घुस गए और परिसर में तोड़फोड़ की। थाने के सामानों में आग भी लगा दी। जब्त की गई भांग, हथियार और एक वाहन को भी फूंक डाला। पुलिसकर्मियों का दल सुरक्षित दूरी पर मूकदर्शक बना रहा।
हालात नियंत्रण से बाहर होने पर आईजी (दक्षिणी रेंज) सत्यब्रत भोई मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि पुलिस ने पिछले कुछ दिनों में बड़ी मात्रा में गांजा जब्त किया है और इससे संभवत: गांजा व्यापारियों को फायदा हुआ है।
भोई ने कहा कि पुलिसकर्मियों के खिलाफ आरोप की जांच की जा रही है। थाने में हिंसा पर भी मामला दर्ज किया गया है। "स्थिति नियंत्रण में है। कंधमाल एसपी भी मौके पर पहुंचे। आंदोलनकारियों में गांजा माफिया भी शामिल थे। दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।"












Click it and Unblock the Notifications