ओडिशा में कार्यरत डॉक्टरों के सर्टिफिकेट का सत्यापन शुरू, कोर्ट के आदेश के बाद जारी किया नोटिस
ओडिशा हाई कोर्ट के निर्देश के बाद राज्य सरकार ने सभी एलोपैथिक डॉक्टरों की शैक्षणिक योग्यता और प्रमाणपत्रों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस संबंध में सभी डॉक्टरों को नोटिस जारी करने को कहा गया है।

Bhubaneswar News: ओडिशा सरकार (Odisha govt) ने गुरुवार को राज्य में कार्यरत सभी एलोपैथिक डॉक्टरों (Allopathic doctors) की शैक्षणिक योग्यता और प्रमाणपत्रों के सत्यापन (verification ) की प्रक्रिया शुरू कर दी है। उड़ीसा उच्च न्यायालय के निर्देश का पालन करते हुए स्वास्थ्य सचिव शालिनी पंडित ने चिकित्सा शिक्षा और प्रशिक्षण निदेशक (DMET) और सीडीएमओ (CDMO) को सभी डॉक्टरों को नोटिस जारी करने के लिए कहा।
वैध चिकित्सा पंजीकरण प्रमाणपत्रों की स्व-सत्यापित प्रतियां करनी होंगी जमा
निर्देश में कहा गया कि, वे डिग्री/पीजी के साथ वैध चिकित्सा पंजीकरण प्रमाणपत्रों की स्व-सत्यापित प्रतियां जमा करें। सुपर स्पेशलाइजेशन सर्टिफिकेट जमा करने की लास्ट 10 मार्च निर्धारित की गई है। सीडीएमओ को निर्देश दिया गया है कि वे सत्यापन के लिए 31 मार्च तक स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक (डीएचएस) को गैर-उत्तरदाताओं की सूची और ओडिशा काउंसिल ऑफ मेडिकल रजिस्ट्रेशन (ओसीएमआर) के रजिस्ट्रार को संदिग्ध मामलों की सूची के साथ एक समेकित रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
डीएमईटी के समक्ष प्रस्तुत करना होगा प्रमाण पत्र
सरकारी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में कार्यरत डॉक्टरों को अपना प्रमाण पत्र डीएमईटी के समक्ष प्रस्तुत करना होगा, जो 31 मार्च तक प्रारंभिक जांच के बाद समेकित रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा। ओसीएमआर द्वारा संदिग्ध प्रमाणपत्रों के सत्यापन की रिपोर्ट आसपास के विभिन्न विश्वविद्यालयों से प्राप्त की जाएगी। डीएमईटी, डीएचएस और ओसीएमआर को 15 मई तक विभाग को समेकित रिपोर्ट जमा करने के लिए कहा गया है।
25 मई को प्रस्तुत की जाएगी रिपोर्ट
चार सदस्यीय समिति 25 मई को तीन अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट का विश्लेषण करेगी और सत्यापन के बाद डॉक्टरों की अंतिम सूची तैयार करेगी। 31 मई तक सरकारी वेबसाइटों पर अपलोड किया जाना चाहिए।









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