बालासोर से पहले 8 फरवरी को कर्नाटक में संपर्क क्रांति होती हादसे का शिकार? सिग्नलिंग सिस्टम पर उठाए सवाल
Signaling System warning note: ओडिशा के बालासोर में हुए ट्रेन हादसे के बाद नया खुलासा हुआ है। इसी साल 8 फरवरी को कर्नाटक में संपर्क क्रांति भी ऐसे ही हादसे का शिकार होती, जिसमें सिग्नलिंग सिस्टम पर सवाल उठाए थे।

ओडिशा के बालासोर में 2 जून को हुए ट्रिपल ट्रेन हादसे में 275 लोगों की जान जा चुकी है। 1 हजार से ज्यादा लोग घायल है। इस भीषण हादसे की वजह सिग्नल के इंटरलॉकिंग सिस्टम में आई खामी को माना जा रहा है। इस बीच 8 फरवरी का एक नोट वायरल हो रहा है, जिसमें बताया गया है कि संपर्क क्रांति में भी बालासोर जैसी घटना होती?
8 फरवरी को कर्नाटक में होता बड़ा हादसा?
बालासोर हादसे के 51 घंटे बाद रविवार रात को फिर से ट्रैक पर ट्रेनों की आवाजाही शुरू हो गई। इसके अलावा घटना की जांच भी आगे बढ़ चुकी है। इस बीच फरवरी में घट चुकी एक पुरानी घटना का जिक्र विपक्षी दल कांग्रेस ने अपने एक पत्र में किया है, जो कि संपर्क क्रांति एक्सप्रेस से जुड़ी है। उस दौरान संपर्क क्रांति ट्रेन के ड्राइवर ने खतरे को भांपते हुए ट्रेन रोक दी थी।
दरअसल, रविवार को ओडिशा ट्रेन हादसे के बाद कांग्रेस ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के इस्तीफे की मांग करते हुए एक नोट जारी किया था। पार्टी के विस्तृत बयान में इस बात को लेकर सवाल उठाया कि कि कैसे रेल सुरक्षा और ट्रैक नवीनीकरण को पीछे छोड़ दिया गया है। इसी के साथ 8 फरवरी को संपर्क क्रांति एक्सप्रेस की घटना जो कि कर्नाटक के होसदुर्ग रोड स्टेशन पर हुई थी, उसका भी जिक्र किया।
होसदुर्ग रोड स्टेशन पर बनी थी गंभीर स्थिति
कांग्रेस ने अपने नोट में बताया कि 9 फरवरी को दक्षिण पश्चिम रेलवे जोन के प्रिंसिपल चीफ ऑपरेटिंग मैनेजर ने एक एक्सप्रेस ट्रेन के सिग्नल फेल होने की चिंता जताई, जो कि 8 फरवरी 2023 को मैसूर डिवीजन के बिरूर-चिकजाजपुर सेक्शन के होसदुर्ग रोड स्टेशन पर गंभीर असुरक्षित घटना हुई। ट्रेन संख्या 12649 संपर्क क्रांति एक्सप्रेस, एक मालगाड़ी के साथ आमने-सामने की टक्कर के लिए स्थिति की ओर से जाती है।
आगे बताया गया कि घटना से संकेत मिलता है कि सिस्टम में गंभीर खामियां है, जहां एसएमएस में रूट के सही दिखने के साथ सिग्नल पर ट्रेन के चलने के बाद डिस्पैच का मार्ग बदल जाता है। यह इंटरलॉकिंग के साथ और बुनियादी सिद्धांतों का उल्लंघन करता है।
बड़े हादसे की दी गई थी चेतावनी
उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि सिग्नल रखरखाव प्रणाली की निगरानी नहीं की गई और इसे तुरंत ठीक नहीं किया गया तो पुनरावृत्ति और गंभीर दुर्घटनाएं हो सकती है। नोट के मुताबिक ड्राइवर अलर्ट मोड पर आए और सूझबूझ के चलते बड़ा हादसा होने से बचा लिया।












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