'एससी, एसटी की तर्ज पर स्थापित हो ओबीसी मंत्रालय', YSRC सांसद ने केंद्र सरकार से की मांग
आंध्र प्रदेश की अनाकापल्ले सीट से वाईएसआरसी सांसद बीवी सत्यवती ने अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के हितों के लिए अगल से मंत्रालय स्थापित करने की मांग की है। सांसद ने लोकसभा के सदन में जम्मू और कश्मीर आरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2023 पर चर्चा के दौरान ये बात कही। सांसद बीवी सत्यवती ने कहा कि राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन के अनुसार देश की कुल आबादी में एक बड़ा हिस्सा ओबीसी वर्ग से है। ऐसे में केंद्र को इस वर्ग के लिए अगल मंत्रालय स्थापित करने पर विचार करना चाहिए।
वाईएसआरसी सांसद ने वीबी सत्यवती इस हफ्ते मंगलवार (5 दिसंबर) को लोकसभा में जम्मू कश्मीर आरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2023 पर चर्चा में भाग लिया। इस दौरान सदन में उन्होंने राष्ट्रीय नमूना सर्वेक्षण संगठन के डेटा का जिक्र किया और कहा कि देश कुल आबादी में 41 प्रतिशत ओबीसी वर्ग का योगदान है। सदन में वाईएसआरसी की मांग को रखते हुए संसद ने कहा कि ओबीसी की सभी जरूरतों और आवश्यकताओं को समायोजित करने के लिए, एससी और एसटी की तर्ज पर उनके लिए एक केंद्रीय मंत्रालय स्थापित किया जाना चाहिए।

सदन में सांसद ने कहा, "ओबीसी मंत्रालय ओबीसी की नीतियों और कल्याण योजनाओं के जरिए ओबीसी समुदाय का तेजी से विकास संभव होगा। जबकि उन्होंने जम्मू और कश्मीर आरक्षण (संशोधन) विधेयक, 2023 को कमजोर और वंचित वर्गों को अन्य पिछड़ा वर्गों से प्रतिस्थापित वाला बताया। उन्होंने कहा कि अधिनियम से कमजोर और वंचित वर्गों की परिभाषा हटा दी गई है।"
वाईएसआरसी सांसद ने कहा कि कई ऐसे राज्य हैं, जहां अन्य पिछड़ा वर्ग काफी कमजोर स्थिति में है। जबकि देश की अबादी का एक बड़ा हिस्सा इस वर्ग से है। ऐसे में ओबीसी से उत्थान के लिए केंद्र को बड़े पैमान पर प्रयास की जरूरती है। सांसद बीवी ने ओबीसी मंत्रालय को स्थापित करने की मंग पर जोर देते हुए कहा कि विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में हाशिये पर पड़े वर्गों के उत्थान के उद्देश्य से विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए ओबीसी आबादी की एक व्यापक जनगणना की आवश्यकता है। इस दिशा में केंद्र को गंभीरता से विचार करने और जल्द प्रयास शुरू करने की जरूरत है।












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