जब पंडित नेहरू बने थे अमेरिकी राष्ट्रपति के गाइड
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के स्वागत की तैयारियां अंतिम चरण पर हैं, दिल्ली में रायसीना हिल्स से लेकर आगरा में ताज महल तक साज सज्जा से लेकर सुरक्षा के इंतजाम किये जा रहे हैं। ताज की बात आती है, तो एक गाइड भी होना जरूरी है, क्योंकि बिना गाइड के किसी भी ऐतिहासिक इमारत के दीदार अधूरा ही माना जाता है। खैर ओबामा के गाइड कौन बनेगा यह तो जल्द ही बता दिया जायेगा, लेकिन अगर इतिहास के पन्ने पलटें तो आप पायेंगे कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू 1959 में अमेरिकी राष्ट्रपति के गाइड बने थे।

बात 1959 की है जब पंडित जवाहर लाल नेहरू की मेहमाननवाजी ने अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति आइजन ऑवर को खुश कर दिया था। बता दें कि नेहरु जी का आगरा से संबंध इस लिहाज से था कि उनके पिता मोतीलाल नेहरु का जन्म आगरा में ही हुआ था।
आइजन ऑवर आगरा में
तब अमेरिकी राष्ट्रपति तो ताज के बारे में सारी जानकारी नेहरु जी ने दी थी। उन्हें तो पूरे भारत के चप्पे-चप्पे की जानकारी थी। 15 दिसंबर 1959 को भारत के प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू ने आइजन ऑवर को दिल्ली आने पर आगरा में ताजमहल देखने का निमंत्रण दिया। इस पर उन्होंने तुरंत हामी भी भर दी। वे यहां आए तो भारत सरकार से एप्रूव्ड गाइड को पंडित नेहरू ने मना कर दिया और स्वयं अमेरिकी राष्ट्रपति को गाइड किया। उन्होंने ताजमहल के इतिहास की जानकारी से उन्हें रूबरू कराया। इस पर आइजन ऑवर ने टिप्पणी कर कहा था कि पंडित जी आपको ताजमहल की काफी जानकारी है।
इस बीच ओबामा को ताज के बारे में कौन सा गाइड जानकारी देगा, इस बाबत गाइड की खोज जारी है। मुमकिन है कि दिल्ली विश्वविद्लाय के दो इतिहास विभाग के प्रोफेसरों को भी गाइड की मदद के लिए बुला लिया जाए। जानकारों का कहना है कि नेहरु के भारत के ज्ञान से तब अमेरिकी राष्ट्रपति बहुत प्रभावित हुए थे।












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