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ऐसे तो चमक उठेगा यूपी, हर तरफ होगी बिजली ही बिजली

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electricity
लखनऊ। यूपी के कोने-कोने में बिजली के लिए हाय तौबा मची है। जहां अपराध अपनी चरम सीमा पर हैं, वहीं यूपीवासी बिजली को लेकर समाजवादी सरकार पर पक्षपात का आरोप मढ़ रहे हैं। हालांकि अब बिजली व्यवस्था को चुस्त करने के लिए एक राहत भरी खबर है। कोयले की कमी से बंद पड़ी सोनभद्र की लैंको परियोजना की 600 मेगावाट की पहली इकाई से आज विद्युत उत्पादन शुरू हो गया।

उल्लेखनीय है कि कल अनपरा पावर कारपोरेशन के एमडी व निदेशक वित्त ने एनसीएल प्रबंधन से वार्ता कर लैंको अनपरा पावर लिमिटेड के लिए कोयला उपलब्ध कराया। उन्होंने लैंको अधिकारियों से कहा कि इकाई हर हाल में चलनी चाहिए अन्यथा सख्ती बरती जाएगी।

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पावर कारपोरेशन लिमिटेड के एमडी एपी मिश्रा ने बताया कि एनसीएल प्रबंधन से कोयले की आपूर्ति को लेकर सकारात्मक वार्ता हुई। अनपरा परियोजना को प्रतिदिन 25 की जगह 30 हजार टन तथा लैंको को उनके लिंकेज के सापेक्ष एडवांस कोयला देने पर सहमति हुई है।

अख‍िलेश यादव ने निभाया अपना वादा-

बीना खदान में संग्रहित डेढ़ लाख टन कोयला भी लैंको व अनपरा परियोजना परिवहन कर अपने रिजर्व स्टाक में वृद्धि करेंगे। उन्होंने कहा कि एक तरफ तो हम दूसरी परियोजनाओं से महंगी दर पर बिजली खरीद रहे है दूसरी ओर हमसे अनुबंधित लैंको परियोजना द्वारा 600 मेगावाट की इकाई बंद कर दी गयी है। मुख्यमंत्री ने इसे गंभीरता से लिया है। उनके निर्देश पर लैंको को कोयले की उपलब्धता सुनिश्चित करा दी गयी है।

इसके बाद भी यदि लैंको द्वारा जून में विद्युत उत्पादन बाधित किया गया तो कंपनी के खिलाफ कार्रवाई होगी। निदेशक वित्त एसके अग्रवाल ने बताया कि इस समय प्रदेश में प्रतिबंधित मांग 268 मिलियन यूनिट है जिसे पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। हरियाणा स्थित झज्जर परियोजना से चुनाव के पहले से ही 325 मेगावाट की विद्युत ली जा रही है।

खुली बोली के तहत 6.49 करोड़ रुपये में 14.3 मिलियन यूनिट बिजली खरीदी गयी। जून में बिजली की मांग बढ़कर 14 हजार मेगावाट तक पहुंच गयी है जो मानसून के आने पर ही कम होगी।

इससे पूर्व दोनों अधिकारियों ने अनपरा परियोजना के सीजीएम इं. त्रिभुवन तिवारी तथा डी परियोजना के सीजीएम इं. आरसी लाल के साथ सिंगरौली स्थित एनसीएल मुख्यालय पर सीएमडी व अन्य अधिकारियों से वार्ता की। हालांकि मुख्य मंत्री अख‍िलेश यादव पहले ही यह वादा कर चुके थे कि जल्द ही बिजली सुधार के कदम उठाएं जाएंगे।

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English summary
Now in Uttar Pradesh, there will be no crisis of Electricity as Sonabhadra works
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