ट्रेन टिकट की बुकिंग में 5 बड़े बदलाव, दलालों से मिलेगी मुक्ति
नई दिल्ली। लंबे समय से जिस तरह से रेलवे के तत्काल टिकट प्रणाली पर दलालों की सेंधमारी के चलते यात्रियों को टिकट बुकिंग में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है उससे निपटने के लिए भारतीय रेल नयी नया रास्ता ढूंढा है।
विजिलेंस और रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स अब साथ मिलकर इन दलालों पर लगाम लगायेंगी। यह फोर्स त्योहार और ज्यादा व्यस्त समय में होने वाली भीड़ पर ज्यादा सतर्क रहेगी। दलालों के खिलाफ रेलवे एक्ट सेक्शन 143 के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। हाल ही में रेलवे ने ई टिकटिंग मे दलालों को दूर करने के लिए कई अहम कदम उठाये हैं, उनमे से इस कदम को काफी अहम माना जा रहा है। रेलवे की टिकटिंग व्यवस्था में किये गये अहम बदलाव

एक महीने में प्रति व्यक्ति द्वारा 10 टिकट
आईआरसीटीसी ने एक महीने में प्रति व्यक्ति द्वारा 10 टिकटों की बुकिंग की बजाए 6 टिकट बुकिंग की सीमा निर्धारित कर दी है।

कैप्चा के जरिए सुरक्षित ऑनलाइन टिकट की व्यवस्था
टिकट बुकिंग के लिए कैप्चा के जरिए सुरक्षित ऑनलाइन टिकट की व्यवस्था की गयी है।

ओटीपी अनिवार्य
टिकट बुकिंग के दौरान ऑनलाइन पेमेंट के लिए ओटीपी को अनिवार्य कर दिया गया है।

सुबह 8 से 8.30 तक एजेंट टिकट नहीं बुक करा सकेंगे
एजेंट्स को टिकट बुकिंग की सुविधा पहले आधे घंटे में नहीं होगी। सुबह 8 से 8.30 तक एजेंट टिकट नहीं बुक करा सकेंगे।ऐसे ही सुबह 10 से 10.30 व 11 से 11.30 के बीच एजेंट्स टिकटों की बुकिंग नहीं कर सकते हैं।

एक ही बार तत्काल टिकट
अब उपभोक्ता दिन में एक ही बार तत्काल टिकट में एक ही ट्रेन में बुकिंग कर सकेंगे।












Click it and Unblock the Notifications