प्रवासी सम्मेलन में क्यों नहीं आए बॉबी जिंदल, वीएस नॉयपाल
नई दिल्ली (विवेक शुक्ला)। गुजरात की राजधानी गांधीनगर में चल रहे प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन (पीबीडी) से नामवर भारतवंशी इस बार भी गायब रहे। इस पीबीडी में दुनिया के चोटी के भारतवंशी जैसे विश्व विख्यात फीजी के गॉल्फर विजय सिंह,अमेरिकी के नामवर राजनीतिज्ञ और रिपब्लिकन पार्टी के नेता बॉबी जिंदल, फ्रांस की विश्व कप विजेता फुटबॉल टीम के खिलाड़ी विकास धुरासू जैसे प्रख्यात प्रवासी भारतीय पीबीडी में नहीं आए। वे नहीं आए या उन्हें आमंत्रित ही नही किया गया,कोई नहीं जानता।

सलमान रश्दी और वी.एस.नॉयपाल जैसे साहित्य के संसार की हस्तियां भी नहीं पहुंच रही। कोका कोला की प्रमुख इंदिरा नूई,मास्टरकार्ड के प्रेसिडेंट अजय बांगा, ड्यूश बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर अंशु जैन जैसे कॉरपोरेट वर्ल्ड के बड़े नाम भी नहीं पहुंचे।
जानकारों का कहना है कि इतने नामवर भारतवंशियों के बगैर पीबीड़ी करने का कोई मतलब नहीं है। अगर ये आते तो बेहतर रहता। इनसे बाकी भारतवंशियों के साथ-साथ भारत की जनता भी प्रेरित होती।
पीएम का आहवान
इस बीच,प्रधानमंत्री ने प्रवासी भारतीयों से मानवता के हित में सकारात्मेक वैश्विक ताकत के रूप में एकजुट होने का आह्वान किया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कल प्रवासी भारतीय समुदाय से मानवता के हित में सकारात्म क वैश्विक ताकत के तौर पर एकजुट होने का आह्वान किया।
जब गांधी भारत आए
गांधीनगर के महात्माव मंदिर में प्रवासी भारतीय दिवस के उद्घाटन अवसर पर प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन के दौरान स्मररण करते हुए कहा कि ठीक 100 वर्ष पहले एक प्रवासी - गांधी भारत आए और आज 100 साल के बाद सभी प्रवासी भारतीयों का एक प्रवासी गुजराती स्वागत करता है।
200 देशों में भारतवंशी
प्रधानमंत्री ने कहा कि 200 से अधिक देशों में प्रवासी भारतीय बसे हुए हैं और प्रवासी भारतीयों के माध्यम से ही भारत वैश्विक बना हुआ है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले भारतीयों ने अवसरों की खोज या ज्ञान और जानकारी हासिल करने के लिए विदेश यात्राएं की थीं। उन्होंाने जोर देते हुए कहा - ‘आज आपके लिए यह संकेत है कि भारत में असीम अवसर उपलब्ध हैं।' उन्होंैने कहा कि आज विश्वे, भारत को उम्मीनद भरी नजरों से देखता है, समय तेजी से बदल रहा है और भारत बड़ी मजबूती से आगे बढ़ रहा है।
स्वागत किया
प्रधानमंत्री ने गुयाना, दक्षिण अफ्रीका और मॉरीशस से आये गणमान्ये व्यधक्तियों का स्वा,गत किया। उन्हों ने बताया कि गुयाना में किस तरह से होली और दीपावली जैसे भारतीय त्यौहार हर्षोल्लाॉस से मनाये जाते हैं। उन्हों ने यह भी कहा कि आज 8 जनवरी के दिन ही दक्षिण अफ्रीका में अफ्रीकी राष्ट्री य कांग्रेस की स्थाकपना हुई थी। उन्हों ने यह उल्लेीख किया कि मॉरीशस में 2 अक्टू्बर को महात्माे गांधी की जयंती भारत से भी कहीं ज्याीदा उत्सािह से मनायी जाती है।












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