पाकिस्तान के साथ पॉलिसी में कोई बदलाव नहीं, आतंकवाद और बातचीत एक साथ असंभव: सुषमा स्वराज
नई दिल्ली। मोदी सरकार के चार साल पूरे हो चुके हैं और सरकारी मंत्रालयों की तरफ से प्रेस कांफ्रेंस हो रही है। विदेश मंत्री सुषमा ने एन्यूअल न्यूज कांफ्रेंस में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए स्पष्ट कहा है कि पाकिस्तान के साथ किसी भी प्रकार की बातचीत तब तक संभव नहीं है, जब तक कि सीमा पार से आतंकवादियों की घुसपैठ रुक नहीं जाती। हालांकि, एक दिन पहले गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा था कि पाकिस्तान अगर बातचीत की पहल करे, तो दोनों देशों के बीच वार्ता के बारे में सोचा जा सकता है।

नई दिल्ली में प्रेस कांफ्रेंस में सुषमा स्वराज ने कहा, 'हम बात करने के लिए तैयार है। लेकिन यहां एक विरोधाभास दिखता है, आतकंवाद और बातचीत दोनों एक साथ संभव नहीं है। हमारी शुरू से ही यही स्टेंड रहा है।' प्रेस कांफ्रेंस में विदेश मंत्री से पूछा गया कि क्या दिल्ली मे आज पाकिस्तान के साथ मैरिटाइम डायलॉग हो सकती है। पिछले साल कुलभूषण जाधव मामले में भारत ने बातचीत की पहल की थी।
लेकिन सुषमा स्वराज ने पाकिस्तान के साथ इस प्रकार की किसी भी डाललॉग को लेकर इनकार किया है। उन्होंने कहा कि उनकी नीति में पाकिस्तान की नीति में कोई बदलाव नहीं किया गया। सुषमा ने कहा, 'जब सीमा पर तनाव है, हमारे सैनिक शहीद हो रहे हैं, हम पाकिस्तान के साथ बातचीत नहीं कर सकते। नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर्स (NSAs) बात करते हैं, क्योंकि आतकंवाद पर वार्ताएं होनी चाहिए।'
अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाए नए प्रतिबंधों को लेकर जवाब देते हुए, सुषमा स्वराज ने कहा कि हम सिर्फ संयुक्त राष्ट्र (UN) के प्रतिबंधों को स्वीकार करते हैं, किसी एक देश के नहीं। गौरतलब है कि ईरान में भारत का एक स्ट्रैटजिक पोर्ट (चाबहार) बनकर तैयार हो रहा है और तेहरान हमें बहुत बड़ी मात्रा में ऑयल उपलब्ध करवाता है, इसलिए












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