'कश्मीरी प्रवासियों के नामांकन के प्रावधानों में कोई बदलाव नहीं', मतदाता सूची को लेकर JK प्रशासन ने दी सफाई
जम्मू-कश्मीर के सूचना और जनसंपर्क निदेशालय (DIPR) ने शनिवार को मतदाता सूची के संशोधन पर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि कश्मीरी प्रवासियों के मतदाता सूची के नामांकन के लिए विशेष प्रावधानों में कोई बदलाव नहीं किया गया ह
श्रीनगर, 20 अगस्त: जम्मू-कश्मीर के सूचना और जनसंपर्क निदेशालय (DIPR) ने शनिवार को मतदाता सूची के संशोधन पर अपना पक्ष रखा है। उन्होंने कहा कि कश्मीरी प्रवासियों के मतदाता सूची के नामांकन के लिए विशेष प्रावधानों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। साथ ही उन्होंने क्लियर करते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर सरकार में नौकरी और संपत्ति की खरीद के संबंध में नियमों में कोई बदलाव नहीं है।

2011 में जम्मू-कश्मीर राज्य के विशेष समरी संशोधन में प्रकाशित निर्वाचकों की संख्या 66,00,921 थी। अभी जम्मू-कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश की मतदाता सूची में मतदाताओं की संख्या 76,02,397 है। 18 वर्ष की आयु वाले नए मतदाताओं के नाम शामिल होने की वजह से मतदाताओं की संख्या में बढ़ोतरी हुई है। चुनाव आयोग ने कहा कि उन लोगों को मतदान का अधिकार देगा जो जम्मू और कश्मीर के स्पेशल समरी रिवीजन में मतदाता नहीं थे।
बता दें कि गैर-कश्मीरियों को वोटिंग का अधिकार देने का मुद्दा गर्माया हुआ है। जिस पर अब अधिकारियों ने कहा है कि अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद जम्मू और कश्मीर में रहने वाले सभी व्यक्ति केंद्र शासित प्रदेश की मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज करा सकते हैं। हालांकि न्यूज एजेंसी एएनआई ने सरकारी अधिकारियों के हवाले से बताया कि उन्हें अपने नाम अपने मूल निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची से हटाना होगा।
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