सरकारी कर्मियों की परफॉर्मेंस अच्छी नहीं तो नहीं लगेगा इंक्रीमेंट
नई दिल्ली। सांवतें वेतन आयोग ने भारी-भरकम सैलरी बढ़ाने के साथ-साथ एक बड़ा झटका उन सरकारी कर्मियों को दिया जो सरकारी नौकरी को आराम की नौकरी समझते हैं। सुबह दफ्तर जाते हैं, गप्पे मारते हैं और थोड़ा बहुत काम निबटाकर शाम को सब्जी लेते हुए घ्ार वापस आ जाते हैं। और उन लोगों के लिये भी, ड्यूटी के वक्त सीट पर कम, चाय-समोसी व पान की दुकान पर ज्यादा दिखाई देते हैं।

जी हां सातवें वेतन आयोग ने कहा है कि जिस कर्मचारी की परफॉर्मेंस यानि प्रदर्शन अच्छा नहीं होगा, उसके वेतन में बढ़ोत्तरी नहीं की जायेगी।
आयोग ने प्रदर्शन को 'वेरी गुड', 'गुड', 'एवरेज' और 'बैड' की कैटेगरी में बांटा है। जो लोग अंतिम कैटेगरी में आयेंगे उनको इंक्रीमेंट नहीं मिलेगा।
इससे जुड़ी महत्वपूर्ण बातें जरूर पढ़ें-
- परफॉरमेंस के आधार पर कैटगरी में हर लेवल के यानि आईएएस से लेकर पीयोन तक सभी को बांटा जायेगा।
- नई नीति के आधार पर ही कर्मियों का प्रोमोशन होगा। अब यह पक्का नहीं है कि जो उम्र में बड़ा है, या पहले ज्वाइन किया है, उसी को बड़ी पोस्ट मिलेगी।
- आयोग ने इस प्रक्रिया को मॉडीफाइड एश्योर्ड करियर प्रोग्रेशन का नाम दिया है।
- एक न्यूनतम मानक तैयार किये जायेंगे, जिनके स्तर तक प्रदर्शन करना हर कर्मी के लिये अनिवार्य होगा।
- जो लोग मानकों पर खरे नहीं उतरेंगे उनका इंक्रीमेंट रोक दिया जायेगा।
- मानकों पर खरे नहीं उतरने वाले कर्मियों को दो या तीन चांस दिये जायेंगे, सुधार नहीं हुआ तो नौकरी से निकाला भी जा सकता है। या फिर वॉलेंट्ररी रिटायरमेंट दे दिया जायेगा।
- देश में करीब 47 लाख केंद्रीय कर्मी हैं, जिन पर यह लागू होगा।












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