भारत ने UN में फिर दिया पाक को जवाब, कहा- हकीकत नहीं बदल सकती
नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन ने कहा है कि पाकिस्तान की ओर से अंतरराष्ट्रीय फोरम का दुरुपयोग हकीकत नहीं बदल सकता।

अकबरुद्दीन ने कहा कि पाकिस्तान की ओर से लोगों को भ्रम में डालने का समय अब पूरा हो चुका है। पाकिस्तान के प्रति हमारी प्रतिक्रिया दृढ़ है। जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है और हमेशा रहेगा।
अकबरुद्दीन ने कहा कि वो देश जो दुनिया के बीच खुद को आतंक का केंद्र साबित कर चुका है। उसके ऐसे दावे (कश्मीर के संबंध में) वैश्वविक समुदाय के बीच कोई स्थान नहीं रखते।
चीन और संयुक्त राष्ट्र पर भी साधा निशाना
इसके साथ हीजैश-ए-मोहम्मद सरगना मसूद अजहर को संयुक्त राष्ट्र की ओर से प्रतिबंधित आतंकी घोषित कराने के संबंध में उसके प्रस्ताव पर चीन की ओर से दोबारा लगाए गए तकनीकी रोक पैदा करने के बाद भारत ने संयुक्त राष्ट्र परिषद पर निशाना साधा है।
भारत ने उसे उदासीन बताया है।
अकबरुद्दीन ने कहा कि 15 सदस्यों की सुरक्षा परिषद की इस प्रमुख इकाई का काम सुरक्षा और शांति बरकरार रखने का था लेकिन यह हमारे जरूरतों के संबंध में कई ओर से उदासीन हो चुकी है।
साथ ही अपने सामने मौजूद चुनौतियों से मुकाबला करने में बेअसर है।
बिना चीन का नाम लिए अकबरुद्दीन ने पेइचिंग से लगाई गई तकनीकी रोक लगाए जाने का हवाला दिया और कहा कि सुरक्षा परिषद सिर्फ इसी विचार में 6 माह लगा दिया कि क्या उन संगठन के नेताओं को प्रतिबंधित करना है जिसे उन्होंने खुद आतंकी संस्था मान रखा था।
उन्होंने कहा कि इसके बाद वो फैसला करने में अक्षम रहती है। वह इसपर आगे विचार करने के लिए तीन और माह का समय देती है।
किसी को भी सिर्फ यह जानने के लिए आशापूर्वक इन्तजार करना पड़ता है कि परिषद ने इस पर फैसला किया अथवा नहीं।
इसकी बनावट में बदलाव की जरूरत
अकबरुद्दीन ने कहा कि फिलहाल यह एक ऐसी इकाई बन गई है जिसमें अनौपचारिकता, संघर्ष और राजनीतिक निर्बलता के दिलचस्प और अनियमित मिश्रण है। उन्होंने कहा कि वैश्वविक शासन की इस बनावट में बदलाव की जरूरत है।
बता दें कि भारत इससे पहले भी संयुक्त राष्ट्र के खिलाफ निशाना साध चुका है।












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