आखिर नीतीश कुमार के ननिहाल में क्यों जड़ा है 'ताला'?

पटना। बिहार शरीफ मुख्यालय से लगभग 20 किलोमीटर दूर बसे इस गांव का नाम है कोलावां। शायद आपने इस गांव का नाम सुना होगा। सूबे के मुखिया नीतीश कुमार का यह नानी घर है और यहाँ से महज 4 से 5 किलोमीटर की दूरी पर बसा है इनका पैतृक गांव कल्याण बिगहा। दोनों ही जगह शांति छायी हुई थी। बस फर्क इतना था कि कल्‍याण बिगहा में मन की शांति थी, तो कोलावां में दहशत वाली खामोशी।

कोलावां में पंचायत की मुखिया पूनम देवी की हत्या हुई थी। हत्या का कारण जानने के लिए जब हमने उस गांव में प्रवेश किया। तब कई ऐसी बात सामने आईं जिसे सुनकर और देखकर ऐसा लगा कि वाकई यहां दहशत का माहौल दिखा। गांव वालों की खामोशी बहुत कुछ बयां कर रही थी।

रास्ता तो पीसीसी ढलाई वाला था, लेकिन लगता है कई वर्षों से मरम्मत नहीं हुई। सड़कें बीच-बीच से टूटी हुई थीं। गांव में पसरा सन्‍नाटा डराने वाला था। कदम आगे बढ़ा लेकिन ठिठक गया। घुसते ही पुलिस पिकेट दिखा। रास्ते में ही पता चला था कि यह वही पुलिस पिकेट है जहाँ बदमाशों ने घुसकर सभी को भून डाला था। लोग स्‍थानीय भाषा में कहते हैं कि इस गांव से जब-जब पिकेट हटा, तब तब किसी का विकेट गिरा (यानी हत्‍या हुई)।

फिर भी हम गांव में चलते चले गये, लेकिन एक भी व्‍यक्ति नहीं दिखा। सभी घरों में ताले पड़े थे। तभी नजर सूबे के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के ननिहाल पर पड़ी, जिसे देखते हुए मन में कई तरह के सवाल आ गए। आखिरकार 'मुख्यमंत्री की नानी के घर में ताला क्यों जड़ा है। यही सोचते हुए जब आगे बढ़ा तो एक चूल्हा दिखा। चूल्हा भी कुछ कहना चाह रहा था। कर्फ्यू जैसे माहौल में गांव के सभी लोग गूंगे बन चूके थे।

गांव से दूर एक पेड़ के पास बैठे कुछ लोगों से जब पूछा गया कि यहां क्या हुआ था। घरों में ताले क्यों जड़े हैं? उनमें से कोई शख्‍स कुछ नहीं बोला। कुछ दूर जाने के बाद एक सख्श दिखा, जिसे देखकर यह लगा कि यही एक गांव में सिंघम है। पूछा, क्या हुआ था? तो जवाब मिला- हत्या। किसकी? मुखिया की। किसने मारा, फिर लगा कि उसे सांप ने सूंघ गया हो। वो भी औरों की तरह गूंगा हो गया।

हम आगे बढ़े तो देखा कुछ लोग ताश खेल रहे थे। हमने सीधे पूछज्ञ पप्पू सिंह कौन है? असल में पप्पू सिंह ही मुखिया की हत्या का आरोपी है। सभी लोग इधर उधर देखने लगे। औरतें खड़ी थीं। इन्हें काफी अफ़सोस था। बस इतना बोलीं कि उनकी मुखिया नहीं रही। अभी कुछ दिन पहले ही तो आई थी वोट मांगने। गांव में दहशत को देख साफ था कि पप्‍पू सिंह के खिलाफ कोई मुंह नहीं खोलेगा। हम वहां से वापस आ गये, लेकिन तमाम सवाल हैं, जो अब भी जहन में गोते लगा रहे हैं।

खैर नीचे स्‍लाइडर में आप गांव की तस्‍वीरों के साथ पढ़ सकते हैं कि गांव में आखिर क्‍या चल रहा है-

पहला सवाल- सरकार मौन क्‍यों है?

पहला सवाल- सरकार मौन क्‍यों है?

कोलावां गांव उस गांव का नाम है जहाँ वर्चस्‍व को लेकर लगभग 40 से 45 लाशें गिर चुकी हैं। अनिल सिंह व पप्पू सिंह के बीच शुरू हुई यह जंग जमीन जायदाद को लेकर नहीं, बल्कि मूंछ की लड़ाई है। एक के बाद एक लाश गिर रही है। अनिल सिंह की हत्या हुई तो भाई मनोज सिंह ने मोर्चा संभाल लिया और खूनी संघर्ष जारी है।

दूसरा सवाल- चुप क्‍यों हैं नीतीश?

दूसरा सवाल- चुप क्‍यों हैं नीतीश?

ऐसा नहीं है कि नीतीश कुमार को इसकी जानकारी नहीं है। उन्हें सब पता है लेकिन कोई ठोस कदम नहीं उठाये। पुलिस भी अपनी तरफ से पूरी कोशिश करती है। पप्पू सिंह को पकड़ा भी लेकिन लचर व्यवस्था का फायदा उठाकर वो कोर्ट से छूटता गया। ऐसा भी नहीं है कि पुलिस कुंडली कमज़ोर बनाकर कोर्ट में पेश करती है।

तीसरा सवाल- पप्‍पू सिंह का इतना खौफ क्‍यों?

तीसरा सवाल- पप्‍पू सिंह का इतना खौफ क्‍यों?

इस गांव में जब कोई बच्‍चा रोता है तो महिलाएं पप्पू सिंह का नाम लेकर डराती हैं। पप्पू सिंह जिस दुकान पर रंगदारी की मांग करता है, उसका दुकानदार मुंह नहीं खोलता। बच्‍चे से भी पूछ लो कि पप्‍पू सिंह का घर कहां है, तो भाग खड़ा होता है। पोस्ट ऑफिस तक में ताला लगा था। एक घर से आवाज़ आयी, लेकिन बाहर से ताला लगा दिखा।

चौथा सवाल- मनोज की बात क्‍यों नहीं सुनती सरकार?

चौथा सवाल- मनोज की बात क्‍यों नहीं सुनती सरकार?

थोड़ी दूर बढ़ने पर मनोज सिंह मिले। पूछा,क्या मामला है। कुछ नहीं,पप्पू सिंह का मन बढ़ गया है। जेल जाता है, छूट जाता है। पता नहीं कितना हाई लेवल का पैरोकार है इसके पास। सत्ता का संरक्षण है। क्‍या करूं मेरी कोई सरकार नहीं सुनती।

पांचवां सवाल- खून का बदला खून क्‍यों?

पांचवां सवाल- खून का बदला खून क्‍यों?

मुखिया पूनम के पिता विजय सिंह मिले। बेटी का अभी-अभी दाह संस्कार करके लौटे थे। बेटी की हत्‍या के बाद उनका खून इस कदर खौल रहा है, कि बोले अगर पप्‍पू सिंह मिल गया तो उसी वक्‍त फैसला कर दूंगा। खून का बदला खून से ही होगा अब।

छठा सवाल- क्‍या थे हत्‍या के कारण?

छठा सवाल- क्‍या थे हत्‍या के कारण?

पिता की मानें तो इस बार पंचायत चुनाव में पूनम ने अपने विरोधी बलि यादव की पत्नी को 50 वोट से हराया था। हमारे परिवार से दुश्मनी होने के कारण पप्पू सिंह ने बलि यादव को स्पोर्ट किया। अब जब मेरी बेटी जीत गई तो पप्पू सिंह, बलि यादव और पिंटू यादव ने मिलकर उसकी हत्या कर दी।

सातवां सवाल- गांव की क्‍या गलती?

सातवां सवाल- गांव की क्‍या गलती?

बिहारशरीफ के नालंदा के एसपी कुमार आशीष से बात चीत करने पर उन्होंने बताया कि गंव में पप्पू सिंह और मनोज सिंह के बीच बर्चस्प की लड़ाई चल रही है। चुनाव के दौरान पप्पू सिंह पर सीसीए भी लगाया गया था मगर चुनाव के बाद वो वापस आ गया। गांव का कोई भी चश्‍मदीद मुंह नहीं खोलता। डर की वजह से पूरा गांव पिस रहा है।

आठवां सवाल- पुलिस क्‍या कर रही है?

आठवां सवाल- पुलिस क्‍या कर रही है?

नालंदा एसपी बोले- धर पकड़ जारी है। एक युवक को 1 कट्टा व 5 जिन्दा कारतूस के साथ चंडी से गिरफ्तार किया है। एसआईटी का गठन कर दिया गया है। पूनम देवी के पति को बॉडीगार्ड भी दे दिया गया है। पुलिस पिकेट बहाल कर दिया गया है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+