'ये माननीय अध्यक्ष हैं', नितिन नबीन को नेताओं ने ऐसा क्या कहा कि हाईकमान हुई गुस्सा, BJP में नया प्रोटोकॉल
BJP President Nitin Nabin: भारतीय जनता पार्टी (BJP) के संगठन में इन दिनों एक वाक्य बार-बार सुनाई दे रहा है - "पद नाम से बड़ा होता है"। वजह हैं नवनियुक्त कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन। उनके नाम को लेकर हुई एक छोटी सी 'लापरवाही' ने ऐसा संदेश दे दिया कि अब पार्टी में बोलने की भाषा तक पर अनुशासन तय हो गया है।
दरअसल नितिन नबीन उम्र और राजनीतिक अनुभव में पार्टी के कई दिग्गज नेताओं से छोटे हैं। इसी वजह से कुछ वरिष्ठ नेता अनौपचारिक बातचीत में उन्हें सीधे नाम से संबोधित कर रहे थे। बात जब ऊपर तक पहुंची, तो हाईकमान का मूड बिगड़ गया। संदेश साफ था - अब वे सिर्फ नितिन नबीन नहीं, "माननीय अध्यक्ष" हैं।

🟡 नाम नहीं, पद से संबोधन... यहीं से शुरू हुआ बवाल
हिन्दुस्तान के साप्ताहिक कॉलम 'राजदरबार' के मुताबिक नितिन नबीन के कार्यकारी अध्यक्ष बनने के बाद संगठन में प्रोटोकॉल को लेकर सख्ती इसलिए बढ़ी, क्योंकि कुछ वरिष्ठ नेता निजी रिश्तों के चलते पद की गरिमा भूल बैठे थे। हाईकमान को यह संदेश गलत लगा। नेतृत्व का मानना है कि अगर शीर्ष स्तर पर अनुशासन ढीला होगा, तो नीचे तक गलत संकेत जाएगा।
यही वजह है कि अब पार्टी ने सभी नेताओं और पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बातचीत चाहे बंद कमरे में हो या सार्वजनिक मंच पर, संबोधन हमेशा पद के अनुरूप होगा। नाम लेकर बुलाने की आदत पर अब ब्रेक लगा दिया गया है।
🟡 हाईकमान का तर्क, जुबान भी अनुशासन सीखें
भाजपा नेतृत्व का मानना है कि संगठन केवल फैसलों से नहीं, भाषा से भी चलता है। पद की गरिमा शब्दों में दिखनी चाहिए। इसलिए पुराने निजी रिश्ते, साथ की राजनीति और दोस्ती, सब एक तरफ रखकर अब पद को प्राथमिकता देने का आदेश दिया गया है।
खास बात यह भी है कि नितिन नबीन के जल्द ही पूर्णकालिक राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की संभावना मानी जा रही है। ऐसे में पार्टी किसी भी तरह का भ्रम या असहजता पहले ही खत्म करना चाहती है।
🟡 नितिन नबीन की सादगी भी बनी चर्चा
दिलचस्प यह है कि जिस प्रोटोकॉल को लेकर पार्टी सख्त हुई, उसी नितिन नबीन का व्यवहार अब भी वैसा ही सरल है। वे अपने वरिष्ठ नेताओं से उसी पुराने सम्मान और सहजता के साथ मिलते हैं। फर्क बस इतना है कि अब दूसरे पक्ष को सावधान कर दिया गया है कि सादगी को हल्के में न लें।
पदभार ग्रहण करते ही नितिन नबीन ने एक व्यक्ति एक पद के सिद्धांत पर चलते हुए पथ निर्माण मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया, लेकिन विधायक बने रहे। पार्टी के भीतर इसे अनुशासन का मजबूत संकेत माना जा रहा है।
🟡 उत्तर प्रदेश में भी बदला तेवर, पंकज चौधरी का सख्त संदेश
सिर्फ राष्ट्रीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश में भी अनुशासन का डोज बढ़ गया है। नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने पद संभालते ही साफ कर दिया कि गुटबाजी और जातिगत बैठकें अब नहीं चलेंगी।
हाल ही में एक खास जाति से जुड़े विधायकों की अलग बैठक की खबर सामने आई, जिस पर पंकज चौधरी ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने दो टूक कहा कि ऐसी गतिविधियां पार्टी के संविधान और सिद्धांतों के खिलाफ हैं।
🟡 'मिशन 2027' या नई सख्ती की शुरुआत
पार्टी के भीतर इस सख्ती को लेकर दो राय हैं। एक वर्ग मानता है कि यह 'मिशन 2027' की तैयारी का हिस्सा है, जहां टिकट और भविष्य की राजनीति के लिए अभी से कसावट जरूरी है।
दूसरा वर्ग इसे नए अध्यक्षों की पहली अग्निपरीक्षा मान रहा है। जो नेता अब तक गुट बनाकर राजनीति कर रहे थे, उनके बीच बेचैनी साफ दिख रही है। उन्हें डर है कि पुरानी गतिविधियां अगर नए नेतृत्व के संज्ञान में आ गईं, तो मुश्किल बढ़ सकती है।
🟡 क्या नितिन नबीन बनेंगे अगले निर्विरोध राष्ट्रीय अध्यक्ष?
भाजपा के अंदर सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या नितिन नबीन ही अगले राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे। संगठनात्मक प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। पंचायत से लेकर जिला और प्रदेश अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद अब नजर राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव पर है।
सूत्रों के मुताबिक, खरमास खत्म होते ही प्रक्रिया तेज होगी। सभी प्रदेश अध्यक्ष दिल्ली में बैठक करेंगे, सहमति बनी तो नाम राष्ट्रीय परिषद के पास जाएगा। वहां से हरी झंडी मिलने के बाद तारीख तय होगी।
अगर ऐसा होता है, तो भाजपा के लिए यह गर्व का क्षण होगा कि बिहार का नेता पार्टी की सबसे बड़ी कुर्सी तक पहुंचा। फिलहाल इतना तय है कि भाजपा में अब सिर्फ फैसले नहीं बदले हैं, बोलने का तरीका भी बदल चुका है।
-
तो इसलिए बदले जा रहे CM, गवर्नर–सीमांचल से नया केंद्रशासित प्रदेश? नया राज्य या UT बनाने के लिए क्या है नियम? -
IPS LOVE STORY: प्यार के आगे टूटी जाति की दीवार! किसान का बेटा बनेगा SP अंशिका वर्मा का दूल्हा -
T20 World Cup फाइनल से पहले न्यूजीलैंड के खिलाड़ी ने लिया संन्यास, क्रिकेट जगत में मची खलबली, फैंस हैरान -
Balen Shah Rap Song: वो गाना जिसने बालेन शाह को पहुंचा दिया PM की कुर्सी तक! आखिर क्या था उस संगीत में? -
PM Kisan Yojana: मार्च की इस तारीख को आएगी पीएम किसान की 22वीं किस्त! क्या है लेटेस्ट अपडेट? -
क्या कंगना रनौत ने चुपचाप कर ली सगाई? कौन है BJP सांसद का मंगेतर? इंटरनेट पर क्यों मचा हंगामा? जानें सच -
IND vs NZ Final: फाइनल से पहले सन्नाटे में क्रिकेट फैंस! आज अपना आखिरी मैच खेलेंगे कप्तान सूर्यकुमार यादव? -
UPSC में 301 रैंक पर 2 आकांक्षा सिंह! ब्रह्मेश्वर मुखिया की पोती या वाराणसी की डॉक्टर-कौन हुआ पास, क्या है सच? -
पिता की चिता को मुखाग्नि देने के बाद दिया इंटरव्यू, रूला देगी UPSC क्रैक करने वाली जूही दास की कहानी -
IAS IPS Love Story: 'ट्रेनिंग के दौरान कर बैठे इश्क',कौन हैं ये IAS जिसने देश सेवा के लिए छोड़ी 30 लाख की Job? -
IND vs NZ: 'झूठ बोल रहा है!' सेंटनर के बयान पर सूर्यकुमार यादव का पलटवार, फाइनल से पहले गरम हुआ माहौल -
Aaj Ke Match Ka Toss Kon Jeeta 8 March: आज के मैच का टॉस कौन जीता- भारत vs न्यूजीलैंड












Click it and Unblock the Notifications