Nithari kand: निठारी केस में बहुत बड़ा फैसला, सुरिंदर कोली 12 और मोनिंदर पंढेर 2 मामलों में बरी
What happened in nithari case: पूरे देश को झकझोर कर रख देने वाले नोएडा के निठारी केस में बड़ा फैसला आया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इस केस से जुड़े 12 मामलों में सुरिंदर कोली और 2 मामलों मोनिंदर सिंह पंढेर को बरी कर दिया है।
हाईकोर्ट के इस फैसले के साथ ही सुरिंदर कोली और मोनिंदर सिंह पंढेर को मिली मौत की सजा अब रद्द हो गई है। इस केस में सुरिंदर कोली के खिलाफ कुल 16 मामले दर्ज किए गए थे, जिनमें से इन 12 मामलों में उसे दोषी मानते हुए मौत की सजा सुनाई गई थी।

ये मामला दिसंबर 2006 का है, जब मोनिंदर सिंह पंढेर की कोठी और उसके आसपास मानव अवशेष मिले थे। इस मामले की जांच में सामने आया कि जो मानव अवशेष मोनिंदर सिंह पंढेर के घर और उसके आसपास से मिले, वो निठारी से गायब बच्चों के थे। सुरिंदर कोली को निठारी से गायब बच्चों के रेप, उनकी हत्या और बाद में उनके शव ठिकाने लगाने का दोषी मानते हुए निचली अदालत ने फांसी की सजा सुनाई। इसके बाद निचली अदालत के इस फैसले को हाईकोर्ट ने बरकरार रखा और 15 फरवरी 2011 को सुप्रीम कोर्ट ने भी निचली अदालत के फैसले पर सहमति जताई।
'किसी तरह की दया नहीं दिखा सकते'
इस केस में विशेष तौर पर रिंपा हलदर का मामला शामिल था, जिसकी हत्या के लिए सुरिंदर कोली को मौत की सजा मिली। रिंपा हलदर की हत्या साल 2005 में की गई थी। कोर्ट ने सुरिंदर कोली को सीरियल किलर मानते हुए अपने फैसले में कहा था कि इस मामले में दोषी पर किसी तरह की दया नहीं दिखाई जा सकती।
पंढेर ने दी थी मौत की सजा को चुनौती
मोनिंदर सिंह पंढेर को सीरियल किलिंग्स से जुड़े इस केस के कुछ मामलों में बरी कर दिया गया था, जबकि कुछ मामलों में दोषी माना गया था। पंढेर ने दो निचली अदालत से मामलों में उसे मिली मौत की सजा को इलाहाबाद हाईकोर्ट में चुनौती दी थी।












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