राहुल पर निर्मला सीतारमण का हमला, पूछा- वो समझते भी हैं कि मुद्रीकरण क्या है?
नई दिल्ली, 25 अगस्त: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को नेशनल मोनेटाइजेशन पाइपलाइन की शुरुआत की। जिस पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सवाल उठाए थे। ऐसे में अब सीतारमण ने उनसे पूछा- क्या राहुल समझते हैं कि मुद्रीकरण क्या है? वो कांग्रेस पार्टी ही थी, जिसने देश के संसाधनों को बेचा और रिश्वत ली। वित्त मंत्री के मुताबिक इस योजना को सरकार सोच समझ कर लाई है, जिससे जनता को काफी फायदा होगा।
Recommended Video

दरअसल मुद्रीकरण योजना में 25 हवाई अड्डों, 40 रेलवे स्टेशनों और 15 स्टेडियमों समेत अन्य कई प्रतिष्ठानों की पहचान निजी निवेश के लिए की गई है। इसके बाद से विपक्षी दल सरकार को घेरने में जुटे हैं। योजना पर निशाना साधते हुए कांग्रेस ने कहा कि पीएम मोदी अपने उद्योगपति मित्रों को फायदा पहुंचाना चाहते हैं, जिस वजह से वो पिछले 70 साल में बनाई गई चीजों को बेच रहे हैं। साथ ही निजीकरण की सूची में वही चीजें शामिल हैं, जिनको कांग्रेस ने अपने शासनकाल में बनवाया था। वहीं टीएमसी ने इसे खतरनाक घोषणा बताई है। उन्होंने कहा कि ये योजना बीजेपी के 2019 के घोषणापत्र में शामिल नहीं थी।
इसके अलावा राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि सरकारी नौकरियों में कटौती करने की योजना भयवाह है। ये जनता और देशहित के खिलाफ है। हालांकि विपक्ष के खिलाफ बीजेपी ने भी मोर्चा खोल दिया है। केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने पलटवार करते हुए कहा कि आजादी के 70 साल बाद भी अमेठी जिले में एक जिला अस्पताल नहीं है, जबकि गांधी परिवार के सदस्य वहां से कई बार लोकसभा के लिए चुने गए। इसी के चलते राहुल गांधी को 2019 में हार का सामना करना पड़ा था। स्मृति के मुताबिक इस योजना से 6 लाख करोड़ रुपये आएंगे। इसी वजह से कांग्रेस परेशान है।
राहुल ने कही ये बात
मामले में राहुल गांधी ने कहा- "नरेंद्र मोदी और बीजेपी का एक नारा था कि 70 साल में कुछ नहीं हुआ और कल वित्त मंत्री ने जो भी 70 साल में इस देश की पूंजी बनी थी उसे बेचने का फैसला ले लिया, मतलब प्रधानमंत्री ने सब कुछ बेच दिया"। राहुल के मुताबिक जैसे ही एकाधिकार बनते जाएंगे, वैसे-वैसे रोजगार मिलने बंद हो जाएंगे।











Click it and Unblock the Notifications