रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद दुनिया में मजाक का केंद्र बना पाकिस्तान
नई दिल्ली। रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि पाकिस्तान रक्षा विशेषज्ञों और कुछ चुने हुए जर्नलिस्ट्स को ऐसी जगह पर लेकर जा रहा है कि जहां पर इंडियन एयरफोर्स (आईएएफ) गई ही नहीं थीं। ऐसा करके वह दुनिया में खुद अपना मजाक उड़वा रहा है। रक्षा मंत्री ने यह बात न्यूज एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में यह बात कही है। सीतारमण की मानें तो पाक उस ट्रेनिंग सेंटर पर किसी को भी नहीं लेकर जा रहा है जिसे असल में निशाना बनाया गया था। आपको बता दें कि 26 फरवरी को आईएएफ ने पाकिस्तान के खैबर प्रांत में स्थित बालाकोट में हवाई हमले किए थे। इन हमलों में जैश-ए-मोहम्मद के कैंप्स को निशाना बनाया गया था।

40 दिनों बाद पाकिस्तान में हुई पिकनिक!
सीतारमण ने कहा कि यह साबित करना कि वाकई टेरर कैंप को निशाना बनाया गया था या नहीं, पाकिस्तान का काम था। उन्होंने कहा, 'यह पाकिस्तान पर था कि वह यह दिखाए कि उसे निशाना नहीं बनाया गया और न ही कोई मारा गया है। वह 40 दिनों बाद कुछ जर्नलिस्ट्स के छोटे से ग्रुप और कुछ रक्षा विशेषज्ञों को ही लेकर गए।' रक्षा मंत्री के मुताबिक इतने कम लोगों को मदरसा पर ले जाना बिल्कुल किसी पिकनिक के जैसा था जबकि घने जंगल में ट्रेनिंग कैंप था। ऐसे में पाकिस्तान खुद अपना मजाक उड़वा रहा है।

कितने आतंकी मारे गए इसकी जानकारी संभव
रक्षा मंत्री ने इस बारे में भी जवाब दिया कि बालाकोट हमले के बाद जो भी स्थितियां बनीं, उस पर भी सरकार पूरी तरह से चुप है। रक्षा मंत्री ने कहा, 'हमले से पहले पाकिस्तानी वेबसाइट्स ने दावा किया था कि जिस आतंकी कैंप को निशाना बनाया गया था, वहां पर युवाओं की भर्ती हो रही थी। दुनिया का सबसे खतरनाक आतंकी जिसने साल 2008 के मुंबई हमलों जैसे कई हमलों को अंजाम दिया, वह युवाओं को शामिल होने के लिए अपील कर रहा था। सिर्फ इतना ही नहीं आतंकी संगठन कई रिटायर्ड ट्रेनर भावी जेहादियों को तैयार कर रहा था।' उन्होंने आगे कहा कि वेबसाइट्स को अगर ध्यान से देखा जाएगा तो पता लग जाएगा कि कितने लोगों को ट्रेनिंग कैंप्स में ट्रेनिंग दी जा रही थी। इसके साथ ही मारे गए आतंकियों की संख्या का अंदाजा भी लोगों को लग जाएगा।

सुबह चार बजे मिली ऑपरेशन के सफल होने की जानकारी
निर्मला सीतारमण ने कहा कि बालाकोट एयर स्ट्राइक के समय उन्हें ऑपरेशन की सफलता या फिर विफलता से ज्यादा इस बात की फिक्र थी कि हर चीज सही तरीके से हो जाए। उन्होंने बताया कि सुबह चार बजे उन्हें बताया गया कि सभी लोग सुरक्षित हैं और ऑपरेशन ठीक से हो गया। इसके बाद ही उन्होंने चैन की सांस ली थी। 26 फरवरी को आईएएफ के 12 मिराज-2000 फाइटर जेट एलओसी क्रॉस करके पाकिस्तान पहुंचे थे। यहां पर उन्होंने जैश के अड्डों को निशाना बनाया था।

विंग कमांडर अभिनंदन से क्या हुई बात
सीतामरण ने इस इंटरव्यू में विंग कमांडर अभिनंदन वर्तमान के साथ हुई अपनी मुलाकात को भी याद किया। उन्होंने बताया कि अभिनंदन के दिल्ली पहुंचने के कुछ दिनों बाद उन्होंने उनसे मुलाकात की थी। मुलाकात के समय अभिनंदन काफी चुस्त लग रहे थे और बात करते समय भी वह दृढ़ और स्पष्ट थे। अभिनंदन की सकारात्मक ऊर्जा ने रक्षा मंत्री को प्रभावित किया। रक्षा मंत्री की मानें तो उनसे बात करते हुए वह काफी प्रभावित हुईं। निर्मला सीतारमण ने बताया कि अभिनंदन ने उनसे कहा कि 27 फरवरी को पैदा हुई स्थितियों से निबटने के लिए उन्हें ट्रेनिंग मिली है। इसके साथ ही उन्हें यह भी बताया कि कैसे हर मौके पर उन्हें अवना सिर ऊंचा रखना है। लेकिन अभिनंदन को यह नहीं मालूम है कि अचानक मिली पब्लिसिटी से उन्हें कैसे निबटना है और अब उन्हें यह सब भी सीखना होगा।
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