• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

हैदराबाद इंपैक्ट के चलते जल्द निर्भया गैंगरेप आरोपियों को दी जा सकती है फांसी?

|

बेंगलुरू। हैदराबाद में वेटनरी महिला डाक्टर से गैंगरेप और मर्डर के बाद पीड़िता के शव को आग लगाकर जलाने वाले 4 आरोपियों के पुलिस एनकाउंटर में मारे जाने के बाद पूरे देश में उत्सव का माहौल था। पुलिस एनकाउंटर में गैंगरेप और मर्डर के आरोपियों की मौता के जश्न पूरा देश एक सूत्र में बंधा नज़र आया था।

nirbhaya

मतलब, क्या दक्षिण। हर ओर एक ही गूंज थी कि हैदराबाद पुलिस ने जो किया वह बेहतर किया और ऐसे अपराधियों को ऐसी ही सजा दी जानी चाहिए। पीड़िता के माता-पिता भी बेटी के हत्यारों की पुलिस एनकाउंटर में हुई मौत को सराहा।आरोपियों के एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों को महिलाओं ने मिठाई खिलाए और उनकी कलाई पर राखियां भी बांधी।

Nirbhaya

गौरतलब है यह ऐसी पहली घटना था जब जनता-जनार्दन पुलिस एनकाउंटर के पक्ष में खड़ी हो गई थी। यह सीधे-सीधे भारत की न्यायपालिका और कार्यपालिका दोनों को चुनौती थी। निःसंदेह यह एक कानून और संविधान संचालित लोकतांत्रिक देश में अद्भुत दिन था।

Nirbhaya

हैदराबाद आरोपियों की मौत पर जश्न मना रहे लोगों ने दिल्ली की निर्भया गैंगरेप आरोपियों की फांसी पर भी सवाल उठा रहे थे, जो फास्टट्रैक कोर्ट द्वारा दोषी ठहराए जाने के 7 वर्ष बाद भी फांसी के फंदे से दूर थे, क्योंकि फांसी की सजा से बचने के लिए चार आरोपियों में से विनय शर्मा नामक एक आरोपी राष्ट्रपति तक दया याचिका तक लेकर पहुंच गया था।

लोकतांत्रिक देश में यह कालिख की तरह ही था कि जनता-जनार्दन बिना सुनवाई और जिरह किए किसी आरोपी की पुलिस एनकाउंटर पर तालियां बजा रहे थे। हैदराबाद रेप-मर्डर केस के आरोपियों के पुलिस एनकाउंटर को मिल रहे समर्थन से भारतीय न्याय व्यवस्था और उसकी सुस्त कार्य प्रणाली पर सवाल उठना लाजिमी था।

Nirbhaya

कहते हैं देर से मिला न्याय लगभग अन्याय के बराबर होता है। इसका ताजा उदाहरण उन्नाव रेप पीड़िता की मौत से लगाया जा सकता है, जिसे न्यायालय द्वारा रिहा किए पांच आरोपियों द्वारा इसलिए जिंदा जला दिया था, क्योंकि उसने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने की हिमाकत की थी।

Nirbhaya

शायद यही वजह थी कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए भारत सरकार को आनन-फानन में निर्भया गैंगरेप आरोप में जेल में बंद आरोपियों को फांसी पर लटकाए जाने की तिथि सुनिश्चित करने में देर नहीं लगाई है, क्योंकि हैदराबाद गैंगरेप आरोपियों को त्वरित मिली सजा के बाद पिछले 7 वर्षों से अपनी बेटी के दोषियों को फांसी पर लटका देखने को निर्भया के परिजन आतुर थे।

Nirbhaya

उनकी व्याकुलता इतनी बढ़ी कि परिजनों ने दिल्ली की पटियाला कोर्ट में आवेदन देकर सभी आरोपी को शीघ्र फांसी देने की मांग की है। कोर्ट ने जिसकी आगामी 2 मार्च मुकर्रर की है, लेकिन अपुष्ट खबरों की मानें तो सरकार ने निर्भया गैंगरेप दोषियों को फांसी पर लटकाने की तिथि और समय तक कर चुकी हैं।

Nirbhaya

सूत्रों के मुताबिक आगामी 16 दिसंबर, 2019 को सभी आरोपियो को फांसी दी जा सकती है और जानकारी यहां तक है कि सरकार ने आरोपियों को जहां फांसी देनी है, उस जगह की साफ़-सफाई का काम भी शुरू हो गया है। इस कवायद ने तब और जोर पकड़ा जब एक दोषी विनय शर्मा की तरफ से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के पास दाखिल की गई दया याचिका को गृह मंत्रालय ने नामंजूर करने की सिफारिश की है। खबर है कि मामले के दोषी पवन को मंडोली जेल से तिहाड़ शिफ्ट किया गया है। संभवतः सभी दोषियो को तिहाड़ जेल में फांसी पर लटकाया जाएगा।

Nirbhaya

उल्लेखनीय है गत 16 दिसंबर 2012 की रात 23 साल की पैरामेडिकल छात्रा के साथ चलती बस में सामूहिक बलात्कार किया गया था। फिर निर्भया को उसके दोस्त सहित सड़क पर फेंक दिया गया था। पीड़िता को बाद में इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया, लेकिन वह बच नहीं पाई।

हादसे के खिलाफ देश में व्यापक स्तर पर प्रदर्शन हुए। यह प्रदर्शन इतना उग्र था कि कांग्रेस नीत यूपीए-2 सरकार के हाथ-पांव फूल गए थे। कांग्रेस के नेतृत्व में बनी यूपीए-2 सरकार के लोकसभा चुनाव 2014 में पतन का एक कारण महिला सुरक्षा था।

Nirbhaya

निर्भया गैंगरेप में गिरफ्तार किए गए सभी 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर गठित फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई के बाद दोषी ठहराया गया और सभी को फांसी की सजा सुनाया गया। हालांकि फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद 6 आरोपियों में से एक राम सिंह ने तिहाड़ जेल में ही फांसी लगाकर आत्महत्या ली थी।

जबकि हादसे के समय उनमें से एक नाबालिग को जेल सुधार गृह में अधिकतम तीन वर्ष की सजा दी गई। हालांकि कहा जाता है कि नाबालिग अपराधी जो अब करीब 24 वर्ष का वयस्क हो चुका है, उसने ही पीड़िता के साथ सबसे अधिक हैवानियत की थी, लेकिन नाबालिग होने के चलते वह मामूली सजा पर छूट गया है।

Nirbhaya

माना जा रहा है कि हैदराबाद में डाक्टर से गैंगरेप और मर्डर की खबरों के बाद देश के अलग-अलग हिस्सों से हैदराबाद पुलिस को शाबासी मिल रही थी। चूंकि देश में लगातार हो रहे रेप जैसी घटनाओं से लोगों में आक्रोश भरा हुआ था और ऐसे में जब लोगों को हैदराबाद गैंगरेप केस के चारों आरोपियों को एनकाउंटर में मारने की खबर आई तो लोगों को अंधरे में रोशनी मिल गई थी। यही कारण था कि लोगों ने तरीकों की परवाह नहीं करते हुए हैदराबाद पुलिस एनकाउंटर का न केवल समर्थन किया बल्कि ऐसे मामलों में सभी आरोपियों को तुरंत सजा देने की मांग करने लगे।

Nirbhaya

सरकार के लिए यह एक भयावह स्थिति थी, इसलिए सरकार ने निर्भया गैंगरेप के दोषियों को तुरत फांसी पर चढ़ाने का फैसला कर लिया है। हालांकि अभी इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है कि निर्भया के दोषियों को कब और कहां फांसी पर चढ़ाई जानी है। हालांकि अपुष्ट खबर है कि 16 दिसंबर 2019 को निर्भया दोषियों को फांसी पर लटकाया जा सकता है। 16 दिसंबर ही वह तारीख है, जब दोषियों ने निर्भया के साथ नृशंस वारदात को अंजाम दिया था।

Nirbhaya

यह तय है कि भारत सरकार को यह समझने में देर नहीं लगी है कि देश के अलग-अलग हिस्सों में हैदराबाद पुलिस एनकाउंटर पर मिल रहे समर्थन के पीछे भारतीय न्यायलयों की कार्य प्रणाली को लेकर नाराजगी है, जहां न्याय से ज्यादा फरियादियों को तारीख मिलने के किस्से ज्यादा मशहूर हैं। निर्भया केस के आरोपियों को जल्द फांसी पर लटकाए जाने की खबर को हैदराबाद एनकाउंटर का असर कहें तो गलत नहीं होगा।

निर्भया को न्याय के लिए जल्लाद की तलाश, कठोर दिल के साथ एक जल्लाद में चाहिए ये सभी खूबियां

जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
People celebrating the death of the Hyderabad accused were also questioning the hanging of Delhi's Nirbhaya gang-rape accused, who were away from the gallows even after 7 years of conviction by a fast-track court, to avoid capital punishment. One of the four accused, Vinay Sharma, reached the President with a mercy petition.
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more