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Nirbhaya case: याकूब मेमन की फांसी के 5 साल बाद फिर आधी रात को खुले SC के दरवाजे लेकिन...

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नई दिल्ली। तिहाड़ जेल के फांसी घर में शुक्रवार सुबह ठीक 5.30 बजे निर्भया के चारों गुनाहगारों को फांसी दे दी गई, निर्भया के चारों दोषियों विनय, अक्षय, मुकेश और पवन गुप्ता को एक साथ फांसी के फंदे पर लटका दिया गया, आज पूरे देश के लोग निर्भया को मिले इंसाफ से खुश हैं लेकिन आज का दिन पूरे सात साल के संघर्ष के बाद नसीब हुआ है, इन चारों दोषियों ने फांसी से बचने के लिए हर हथकंडे अपनाए लेकिन वो उसमें सफल नहीं हो पाए।

    Nirbhaya Case: चारों दोषियों को दी गई फांसी, देखिए मां Asha Devi ने क्या कहा | वनइंडिया हिंदी
    आधी रात को खुले SC के दरवाजे

    आधी रात को खुले SC के दरवाजे

    गुरुवार देर रात दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ दोषियों के वकील एपी सिंह सुप्रीम कोर्ट पहुंचे और रात को ढाई बजे इस मामले पर सुनवाई हुई, हालांकि, करीब दो घंटे तक चली हलचल के बाद सुप्रीम कोर्ट ने भी याचिका को खारिज कर दिया और दोषियों को फांसी पर लटका दिया गया , मालूम हो कि फांसी के मामले में ये दूसरा केस है, इससे पहले याकूब मेमन की फांसी के वक्त रात को तीन बजे सुनवाई हुई थी।

    यह पढ़ें:Nirbhaya case: चार दोषियों को एक साथ फांसी, तिहाड़ जेल ने रचा इतिहास

    30 जुलाई 2015 को आधी रात में हुई थी सुनवाई

    30 जुलाई 2015 को आधी रात में हुई थी सुनवाई

    ये बात 30 जुलाई 2015 की है जब 1993 के मुंबई सीरियल धमाके के दोषी याकूब मेमन की याचिका को राष्ट्रपति की ओर से खारिज कर दिया गया था, तब आधी रात को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खुला था, उस वक्‍त वकील प्रशांत भूषण सहित कई अन्य वकीलों ने देर रात को इस फांसी को टालने के लिए अपील की थी, जिसकी सुनवाई उस वक्त जस्टिस दीपक मिश्रा की अगुवाई में तीन जजों की एक बेंच ने की थी। रात के तीन बजे सुनवाई शुरू हुई थी, जो कि सुबह 4.57 तक चली थी लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट ने याचिका को खारिज कर दिया था। इसके तुरंत बाद याकूब मेमन को फांसी दे दी गई थी।

    20 मार्च को मनेगा निर्भया दिवस

    20 मार्च को मनेगा निर्भया दिवस

    चारों दरिंदों की फांसी के बाद निर्भया की मां आशा देवी ने ऐलान किया है कि 20 मार्च को वह निर्भया दिवस के रूप में मनाएंगी। मीडिया से बात करते हुए निर्भया की मां ने कहा कि फाइनली उनको फांसी पर लटका दिया गया है, यह सात साल का संघर्ष था, पहली बार रेप पीड़ित बच्ची को इंसाफ मिला है, आज का दिन हमारी बच्ची निर्भया और देश के बच्चियों के नाम, देर से ही सही लेकिन हमें इंसाफ मिला, सरकारों और न्यायालय को बहुत धन्यवाद।

    16 दिसंबर, 2012 की घटना से पूरा देश दहल उठा था

    16 दिसंबर, 2012 की घटना से पूरा देश दहल उठा था

    बता दें कि दिल्ली में पैरामेडिकल छात्रा से 16 दिसंबर, 2012 की रात 6 लोगों ने चलती बस में दरिंदगी की थी। गंभीर जख्मों के कारण 26 दिसंबर को सिंगापुर में इलाज के दौरान निर्भया की मौत हो गई थी। घटना के 9 महीने बाद यानी सितंबर 2013 में निचली अदालत ने 5 दोषियों... राम सिंह, पवन, अक्षय, विनय और मुकेश को फांसी की सजा सुनाई थी। ट्रायल के दौरान मुख्य दोषी राम सिंह ने तिहाड़ जेल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। एक अन्य दोषी नाबालिग होने की वजह से 3 साल में सुधार गृह से छूट चुका है लेकिन चारों दोषियों का आज सुबह तिहाड़ जेल में फांसी दे दी गई।

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    English summary
    Finally, Nirbhaya Convicts hanged, 5 years after the hanging of Yakub Memon, the doors of sc opened again at midnight.
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