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निर्भया केस: दरिंदों की फांसी के बीच अभी भी लग सकता हैं अड़ंगा!

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बेंगलुरु। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने बुधवार को निर्भया गैंगरेप और हत्याकांड के दोषी पवन कुमार गुप्ता की दया याचिका खारिज कर दी है। अब दोषियों के सभी कानूनी विकल्प समाप्त हो गए है, ऐसे में तिहाड़ जेल प्रशासन ने फांसी की नई तारीख के लिए पटियाला हाउस कोर्ट में अर्जी लगा दी, इस पर आज सुनवाई करते हुए नया डेथ वारंट जारी किया गया। इस चौथे डेथ वारंट के अनुसार 20 मार्च को तिहाड़ जेल में सुबह 5.30 पर फांसी पर लटकाया जाएगा। लेकिन माना जा रहा है कि दरिंदों की फांसी के बीच अभी भी अड़ंगा लग सकता हैं। इसलिए चौथा डेथ वारंट जारी होने के बाद भी फांसी टल सकती हैं! जानिए इसकी क्‍या है वजह?

nirbhya

गौरतलब है कि इससे पहले भी निर्भया के दोषियों की फांसी तीन बार 22 जनवरी, एक फरवरी और तीन मार्च को टल चुकी है। बार- बार डेथ वारंट जारी कर निर्भया के चारो दरिंदों की फांसी की तारीख निर्धारित कर दी जाती हैं लेकिन वो हर बार कोई कानूनी दांव चल कर बच जाते हैं।

एक बार फिर लग सकता हैं अड़ंगा

एक बार फिर लग सकता हैं अड़ंगा

दरअसल निर्भया के चारों दोषी पवन गुप्ता, अक्षय ठाकुर, विनय शर्मा और मुकेश सिंह के सभी विकल्प खत्म हो चुके हैं। पवन की दया याचिका लंबित होने के चलते ही तीन मार्च को होने वाली दरिंदों की फांसी टल गई थी। लेकिन भले ही चारों दोषियों के सभी कानूनी विकल्प खत्म होने की बात कही जा रही हैं लेकिन दोषी अक्षय ने फिर से एक चाल चली हैं जिससे दोषियों की फांसी में एक बार फिर अड़ंगा लग सकता हैं। इतना ही नहीं दोषी पवन भी अपने अन्‍य साथियों की तरह फिर एक कानूनी दांव चल सकता हैं।

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निर्भया का हत्‍यारा पवन चल सकता हैं ये पैंतरा

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वहीं दोषी पवन द्वारा दाखिल की गई क्यूरेटिव प्रिटीशन सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को खारिज कर दी है और बुधवार को राष्‍ट्रपति ने पवन की दया याचिका भी खारिज कर दी हैं। बता दें नियम हैं कि दया याचिका खारिज होने के बाद भी दोषी को फांसी पर लटकाने से पहले 14 दिन का वक्त मिलता है। वहीं पवन के पास एक विकल्प बचा है। दया याचिका ठुकराए जाने के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख करना। बाकी सब अपने सभी विकल्पों का इस्तेमाल कर चुके हैं। निर्भया के पिता ने भी कहा कि पवन गुप्ता के पास बस ये विकल्प बचा हुआ हैं।

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वकील ने बताया दोषी अक्षय की दोबारा भेजी गई दया याचिका

वकील ने बताया दोषी अक्षय की दोबारा भेजी गई दया याचिका

गौरतलब हैं कि पवन की दया याचिका रद्द होने के बाद तिहाड़ जेल प्रशासन फांसी की नई तारीख के लिए पटियाला हाउस कोर्ट में नए डेथ वारंट के लिए अर्जी डाली हैं जिस पर आज सुनवाई हुई और 20 मार्च को फांसी की तारीख निर्धारित कर दी है। निर्भया की मां की वकील ने भी दावा किया हैं कि सभी दोषियों ने अपने सभी कानूनी अधिकारों का इस्तेमाल कर लिया है। अब जो तारीख तय होगी, वह अंतिम तारीख होगी। लेकिन अक्षय ने भी नई दया याचिका राष्ट्रपति को राष्ट्रपति को भेजी है, जिसके पीछे दलील दी गई है कि पहली दया याचिका में पर्याप्त तथ्य नहीं थे। कोर्ट में पिछली सुनवाई के दौरान जिसका जिक्र अक्षय के वकील एपी सिंह ने किया था।

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ये याचिका हो चुकी है खारिज

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इस बीच, दिल्ली हाईकोर्ट में दोषियों की मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य की जांच करने के लिए राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग को निर्देश देने को लेकर याचिका दी गई थी। मुख्य न्यायाधीश डीएन पटेल और जस्टिस सी हरिशंकर की पीठ ने इस पर सुनवाई से इनकार करते हुए कहा, याचिका में इस दलील में कोई दम नहीं है। इसे सबसे पहले आयोग में लेकर जाना चाहिए। ए राजराजन की ओर से शनिवार को यह याचिका दी गई थी।

निर्भया के पिता ने जतायी हैं ये उम्मीद

निर्भया के पिता ने जतायी हैं ये उम्मीद

पवन की दया याचिका खारिज होने के बाद निर्भया के पिता ने कहा, अब सभी के विकल्प समाप्त हो चुके हैं। देखते है कि अगला कदम क्या होगा? मगर मुझे भरोसा है कि इंसाफ मिलकर रहेगा। हमें उम्मीद है कि दोषियों को इसी माह फांसी पर लटकाया जाएगा और अरसे के इंतजार के बाद इंसाफ जरूर मिलेगा।

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फांसी पर लटकाने की हो चुकी थी तैयारी

फांसी पर लटकाने की हो चुकी थी तैयारी

बता दें तीन मार्च को फांसी दी जानी थी इसलिए इनको फांसी देने के लिए पवन जल्‍लाद दो दिन पहले ही तिहाड़ जेल तीसरी बार पहुंचा था। जल्लाद के रविवार शाम तिहाड़ जेल में पहुंचने के बाद से ही निर्भया के दोषियों के चेहरे पर मौत का खौफ नजर आने लगा। रविवार रात चारों बेचैन थे और रातभर सेल में चहलकदमी करते रहे।उन्हें इस बात का यकीन नहीं था कि अदालत सोमवार को उनके डेथ वारंट पर रोक लगा देगी। जल्लाद के तिहाड़ जेल पहुंचने के बाद दोषियों के गले का नाप, वजन और लंबाई नापी गई। यह सब अगले दिन होने वाली फांसी के ट्रायल के लिए किया गया। जब यह सब प्रक्रिया चल रही थी तो दोषियों को यकीन हो गया कि 3 मार्च को उन्हें फांसी पर लटका दिया जाएगा। हालांकि डेथ वारंट पर रोक की जानकारी जैसे ही उन्हें मिली तो चेहरे के भाव बदल गए।

16 दिसंबर 2012 को 6 दि‍रंदों ने निर्भया से की थी हैवानियत

16 दिसंबर 2012 को 6 दि‍रंदों ने निर्भया से की थी हैवानियत

दिल्ली में पैरामेडिकल छात्रा से 16 दिसंबर, 2012 की रात 6 लोगों ने चलती बस में दरिंदगी की थी। गंभीर जख्मों के कारण 26 दिसंबर को सिंगापुर में इलाज के दौरान निर्भया की मौत हो गई थी। घटना के 9 महीने बाद यानी सितंबर 2013 में निचली अदालत ने 5 दोषियों... राम सिंह, पवन, अक्षय, विनय और मुकेश को फांसी की सजा सुनाई थी। मार्च 2014 में हाईकोर्ट और मई 2017 में सुप्रीम कोर्ट ने फांसी की सजा बरकरार रखी थी। ट्रायल के दौरान मुख्य दोषी राम सिंह ने तिहाड़ जेल में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। एक अन्य दोषी नाबालिग होने की वजह से 3 साल में सुधार गृह से छूट चुका है।

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English summary
Nirbhaya Case: To Save the Culprits From Hanging, They Have This Option, Will the Court Issue a Death Warrant?
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