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निर्भया के दोषियों को सताने लगा फांसी का डर, अब ऐसी है चारों की हालत

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नई दिल्ली। निर्भया के चारों दोषियों को फांसी देने के लिए तैयारियां की जा रही हैं। तिहाड़ जेल नंबर तीन की फांसी कोठी को खासतौर पर इसके लिए तैयार किया जा रहा है। यहां मौत की सजा पाए कैदियों को फांसी पर लटकाया जाता है। यहां मौजूद फांसी के तख्ते की भी जांच की जा रही है, कि वह फांसी देने के लिए ठीक है या नहीं। इस बीच वाजिब है कि आरोपियों को अपनी मौत का डर अब सताने लगा है।

    Nirbhaya Case में फांसी से पहले ही Convicts को Tihar Jail में सताने लगा मौत का डर | वनइंडिया हिंदी
    चिंतित रहने लगे हैं दोषी

    चिंतित रहने लगे हैं दोषी

    टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार एक जेल अधिकारी का कहना है कि यूं तो चारों दोषी पहले की तरह की सामान्य तौर पर खाना पीना खा रहे हैं। लेकिन अब कुछ चिंतित रहने लगे हैं। उन्होंने कहा कि वैसे तो इन्हें फांसी देने के लिए रस्सी बक्सर जेल से ही मंगवाई जाएगी लेकिन पुणे की यरवदा जेल में भी ऐसी विशेष रस्सियां बनती हैं, तो वहां से भी मंगाई जा सकती है।

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    इन राज्यों से बुलाए जा सकते हैं जल्लाद

    इन राज्यों से बुलाए जा सकते हैं जल्लाद

    जल्लाद के मामले में जेल अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही राष्ट्रपति दया याचिका खारिज करेंगे वैसे ही देश में जहां भी जल्लाद उपलब्ध होगा उसे बुला लिया जाएगा। माना जा रहा है कि फांसी देने के लिए जल्लाद गुजरात, महाराष्ट्र, बंगाल या फिर उत्तर प्रदेश से बुलाया जा सकता है। बताया जा रहा है कि अगर दोषियों को 16 दिसंबर (गैंगरेप वाले दिन) फांसी नहीं होती तो 29 दिसंबर (जिस दिन निर्भया की मौत हुई) को फांसी दी जा सकती है।

    हर समय जवान कैदियों पर नजर बनाए हुए हैं

    हर समय जवान कैदियों पर नजर बनाए हुए हैं

    वैसे तो निर्भया के दोषियों को फांसी देने के लिए कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है लेकिन मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तीन दोषियों को (मंडोली जेल से यहां शिफ्ट किए गए पवन समेत) जेल नंबर 2 और 3 में रखा गया है। जबकि चौथे कैदी विनय शर्मा को जेल नंबर 4 में रखा गया है। हर समय जवान इन कैदियों पर नजर बनाए हुए हैं, ताकि ये कोई गलत कदम ना उठा लें।

    डमी फांसी का ट्रायल किया गया

    डमी फांसी का ट्रायल किया गया

    जिस जगह पर फांसी देनी है, वहां साफ-सफाई का काम भी शुरू हो गया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक जेल में डमी फांसी का ट्रायल किया गया है, जिसके लिए 100 किलो बालू-रेत भरे हुए बोरों को एक घंटे तक फांसी पर लटकाकर देखा गया है। बता दें कि हर फांसी से पहले ट्रायल होता है, ताकि फांसी देते समय कोई गलती न हो।

    बक्सर जेल प्रशासन को रस्सी बनाने का आर्डर

    बक्सर जेल प्रशासन को रस्सी बनाने का आर्डर

    इससे पहले खबर आई थी कि बक्सर जेल प्रशासन को फांसी के फंदे के लिए रस्सी बनाने का आर्डर मिला है, क्योंकि बक्सर जेल प्रशासन को मनीला रोप ( फांसी दी जाने वाली रस्सी) बनाने में महारथ हासिल है, हालांकि अभी तक यह तय नहीं है कि बक्सर को कहां से आर्डर मिला है। बता दें निर्भया गैंगरेप के चारों दोषियों को फांसी पर लटकाने वाले मामले में अभी तक तिहाड़ जेल प्रशासन के पास कोई अंतिम लेटर नहीं आया है।

    क्या है मामला?

    क्या है मामला?

    निर्भया कांड सात साल पुराना है। 16 दिसंबर, साल 2012 को मेडिकल की छात्रा निर्भया अपने दोस्त के साथ फिल्म देखकर लौट रही थी। तभी 6 लोगों ने बस में उसके साथ गैंगरेप किया। इनमें से चार दोषी जेल में बंद हैं। एक ने जेल में ही आत्महत्या कर ली थी। जबकि एक को नाबालिग होने का फायदा मिल गया और वह आज खुली हवा में आजाद घूम रहा है।

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    English summary
    know the condition of four accused of nirbhaya case amid hanging preparations going on in tihar jail.
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