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निर्भया केस: विनय शर्मा के वकील ने दायर की एक और अर्जी, कहा- उसे है मानसिक बीमारी, मां को भी गया भूल

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नई दिल्‍ली। निर्भया मामले के दोषियों की फांसी की सजा जैसे-जैसे नजदीक आती जा रही है, फांसी की सजा से बचने के लिए नए-नए तरीके सोचे जा रहे है। इसी कड़ी में पटियाला हाउस कोर्ट में दोषी विनय शर्मा के वकील एपी सिंह ने नई याचिका दाखिल की है, जिसके तहत विनय के मानसिक हालात ठीक नहीं होने का हवाला दिया गया है। इस बीच तिहाड़ जेल में विनय कुमार शर्मा द्वारा अपना सिर दीवार पर मार लेने के मामले में बृहस्पतिवार को नया मोड़ आ गया है। विनय के वकील एपी सिंह ने दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट में याचिका दायर कर तिहाड़ जेल प्रशासन को बेहतर इलाज देने के लिए निर्देश देने की मांग की है।

    Nirbhaya के गुनहगार Vinay के वकील पहुंचे Patiala House Court, जानिए क्या की Demand | वनइंडिया हिंदी
    अपनी मां को भी नहीं पहचान रहा है विनय

    अपनी मां को भी नहीं पहचान रहा है विनय

    विनय के वकील ने कोर्ट में याचिका दायर कर कई गंभीर खुलासे किए हैं। याचिका में दावा किया गया है कि विनय कुमार शर्मा के सिर में गंभीर चोट आई है। उसके दांए हाथ में फ्रैक्चर हुआ है। मानसिक आघात भी पहुंचा है और सिज्रोफ्रेनिया की भी बात सामने आई है। अर्जी में कहा गया है कि विनय को मानसिक बीमारी है और उसके इलाज की जरूरत है। वह लोगों को नहीं पहचान पा रहा और अपनी मां को भी भूल गया है। विनय के वकील पहले भी अदालत में कह चुके हैं कि वह मानसिक बीमार है और उसे फांसी नहीं दे सकते।

    कोर्ट ने तिहाड़ से मांगा जवाब

    अभियोजक ने दोषी की मानसिक बीमारी और सिर की चोट के उपचार संबंधी याचिका का विरोध करते हुए कहा कि यह विचार योग्य नहीं है। अदालत ने दोषी विनय की याचिका पर तिहाड़ जेल के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे शनिवार को अपना जवाब दाखिल करें। इस मामले की अगली सुनवाई 22 फरवरी को होगी।

    2 बार जारी हो चुका है डेथ वारंट

    2 बार जारी हो चुका है डेथ वारंट

    दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट चारों दोषियों के खिलाफ 2 बार डेथ वारंट जारी कर चुकी है। इसी साल 7 जनवरी को कोर्ट ने पहली बार डेथ वारंट जारी किया था जिसमें 22 जनवरी को चारों दोषियों को सुबह 7 बजे फांसी देने का कहा गया था। इसके बाद 17 जनवरी को कोर्ट ने नया डेथ वारंट जारी करते हुए फांसी की तारीख आगे बढ़ाते हुए 1 फरवरी की थी और फांसी का वक्त सुबह 6 बजे का तय किया था। लेकिन दोषियों की ओर से कोर्ट और राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका दायर की जाने की वजह से इस दिन फांसी नहीं हो सकी थी।

    निर्भया केस पर एक नजर

    निर्भया केस पर एक नजर

    बता दें कि 16 दिसंबर, 2012 की रात 23 साल की एक पैरामेडिकल स्टूडेंट अपने दोस्त के साथ दक्षिण दिल्ली के मुनिरका इलाके में बस स्टैंड पर खड़ी थी। दोनों फिल्म देखकर घर लौटने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इंतजार कर रहे थे। इस दौरान वो वहां से गुजर रहे एक प्राइवेट बस में सवार हो गए। इस चलती बस में एक नाबालिग समेत छह लोगों ने युवती के साथ बर्बर तरीके से मारपीट और गैंगरेप किया था। इसके बाद उन्होंने पीड़िता को चलती बस से फेंक दिया था। बुरी तरह जख्मी युवती को बेहतर इलाज के लिए एयर लिफ्ट कर सिंगापुर ले जाया गया था। यहां 29 दिसंबर, 2012 को अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी। घटना के बाद पीड़िता को काल्पनिक नाम ‘निर्भया' दिया गया था।

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    English summary
    Nirbhaya Case: Convict Vinay Sharma claims mental illness, head and arm injuries.
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